केरलम विधानसभा चुनाव के परिणाम आने लगे हैं. इस बीच केरलम की धर्मादम सीट पर लोगों की नजर है. इस सीट से खुद मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन चुनावी मैदान में हैं. इस सीट को सीपीआई (एम) का मजबूत किला माना जाता है. नतीजों से पहले ही उन्होंने अपने एक्स अकाउंट के बायो में से सीएम का जिक्र हटा दिया है. इस बात की तमाम व्याख्याएं हो रही हैं. कुछ लोगों का मानना है कि ये कम्युनिस्ट पार्टी का फैसला हो सकता है. इस बीच ये समझना भी जरूरी है कि इस सीट का क्या गणित है.
केरल विधानसभा चुनाव: मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की सीट 'धर्मादम' पर क्या है जनता का मूड?
इस सीट को सीपीआई (एम) का गढ़ माना जाता है. पिनाराई विजयन ने 2016 और 2021 में इस सीट से जीत दर्ज की थी. इस विधानसभा की लोकेशन भी काफी दिलचस्प है.


धर्मादम सीट केरल के कन्नूर जिले में पड़ती है. इस सीट को सीपीआई (एम) का गढ़ माना जाता है. पिनाराई विजयन ने 2016 और 2021 में इस सीट से जीत दर्ज की थी. इस विधानसभा की लोकेशन भी काफी दिलचस्प है. अरब महासागर से लगे केरल राज्य की इस सीट से दो नदियां गुजरती हैं. 2021 में पिनाराई विजयन ने इस सीट पर कांग्रेस के सी रघुनाथ को 50,123 वोटों के मार्जिन से हराया था.
2021 के विधानसभा चुनावों में, कुल 1,93,486 रजिस्टर्ड वोटर थे. इनमें से 89,773 पुरुष, 1,03,711 महिलाएं और 2 थर्ड जेंडर के लोग थे. 2016 के विधानसभा चुनावों में, कुल 1,84,431 रजिस्टर्ड वोटर थे, जिनमें से 84,878 पुरुष, 99,553 महिलाएं थीं. 2011 के चुनावों में, इस निर्वाचन क्षेत्र में कुल 1,63,674 रजिस्टर्ड वोटर थे, जिनमें से 73,410 पुरुष, 90,264 महिलाएं थीं.
इस बार इस सीट पर सीएम विजयन के खिलाफ कांग्रेस ने वी पी अब्दुल रशीद को मैदान में उतारा है. वहीं भाजपा के टिकट पर के रंजीत अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. शुरुआती रुझानों में इस सीट से सीएम विजयन पीछे चल रहे हैं. पिनाराई विजयन की अपनी एक लोकप्रियता भी है जो इस सीट पर उन्हें जीत दिलाने में सहायक साबित होती रही है. 2008 में इस सीट को एदक्कड़ सीट से अलग कर के बनाया गया था. हालांकि, रुझानों में विजयन के पिछड़ने के बाद से ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि एंटी-इनकंबेंसी का असर खुद सीएम के सीट पर भी पड़ा है.
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