असम, केरलम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग 9 अप्रैल को खत्म हो गई. चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, शाम 6 बजे तक पुडुचेरी में 89.08 फीसदी, असम में 85.04 फीसदी और केरलम में 77.38 फीसदी वोटिंग हुई. असम में हुई वोटिंग ने तो सारे पिछले रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. राज्य के इतिहास में पहली बार इतनी ज्यादा वोटिंग हुई. केरलम में पिछले 49 सालों में दूसरी बार इतने बड़े पैमाने पर वोटिंग हुई है.
असम में इतिहास की सबसे ज्यादा वोटिंग, पुडुचेरी और केरल में भी टूटे रिकॉर्ड
असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग थम गई है. इन राज्यों में वोटर्स ने जमकर अपने वोटिंग अधिकार का प्रयोग किया है. असम के इतिहास में इस बार सबसे ज्यादा वोटिंग हुई है. वहीं केरल में पिछले 49 सालों में दूसरी बार इतनी बड़ी संख्या में वोटिंग हुई है.


इससे पहले साल 1977 में यहां 79.2 फीसदी वोटिंग हुई थी. असम चुनाव में साल 2021 के विधानसभा चुनाव में 82.42 फीसदी वोटिंग हुई थी. वहीं केरलम में पिछले चुनाव में 76 फीसदी वोटिंग हुई थी. पुडुचेरी की बात करें तो पिछले चुनाव में वहां 83.42 फीसदी वोटिंग हुई थी.
असम में वोटिंग के दौरान हिंसा की खबर भी आई. हिंसा में 30 लोगों के घायल होने की खबर है. पुलिस ने इन मामलों में 7 लोगों को गिरफ्तार किया है. सबसे बड़ी घटना श्रीभूमि जिले के पथरकंडी में हुई. यहां कांग्रेस और बीजेपी समर्थकों के बीच झड़प में करीब 25 लोग घायल हो गए. इनमें दो लोगों की हालत गंभीर है. इसके अलावा डिब्रूगढ़ में असम जातीय परिषद और बीजेपी समर्थकों के बीच झड़प हुई. इसके अलावा पुडुचेरी के मन्नादिपेट में पोलिंग बूथ पर कांग्रेस और बीजेपी समर्थकों में भिड़ंत हो गई. पुलिस ने झड़प रोकने के लिए लाठीचार्ज किया.
असम में 126 सीटों पर 41 पार्टियों के 722 कैंडिडेट अपना भाग्य आजमा रहे हैं. वहीं केरलम में 2 करोड़ 71 लाख वोटर्स ने 890 कैंडिडेट्स का फैसला ईवीएम में कैद कर दिया है. यहां 140 सीटें हैं. पुडुचेरी में 30 सीटों के लिए वोटिंग हुई. वोटिंग खत्म होने के बाद सभी EVM मशीनें सील कर दी गई हैं. वोटों की गिनती 4 मई को होगी और उसी दिन नतीजे भी आ जाएंगे.
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