रविवार को शिवपाल यादव के मंत्री पद से बर्खास्त होने और राम गोपाल यादव के पार्टी से बाहर होने के बाद मुलायम सिंह यादव ने सोमवार को लखनऊ में समाजवादी पार्टी की मीटिंग बुलाई, जिसमें बोलते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव रो पड़े. उन्होंने इशारा किया कि उनकी नई पार्टी बनाने की इच्छा नहीं है. इससे पहले कयास लगाए जा रहे थे कि अखिलेश को पार्टी से बाहर कर दिया जाएगा, जिसके बाद वो नई पार्टी का ऐलान कर सकते हैं, लेकिन मीटिंग में मुलायम और पार्टी के हक में बोलते-बोलते अखिलेश इतना भावुक हो गए कि उनका रवैया यूपी चुनाव को नई शक्ल दे सकता है.
नेताजी आपकी पार्टी है, पर मेरा भी तो करियर है: रोते हुए बोले अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी की मीटिंग में हाईवोल्टेज ड्रामा, बाद में शिवपाल भी बोलते हुए रोए.

इस बैठक में अखिलेश ने कहा, 'मेरे पिता मेरे लिए गुरु रहे हैं और उनके आशीर्वाद की वजह से मैं मुख्यमंत्री बना. आज कुछ लोग पार्टी में गलतफहमी पैदा कर रहे हैं, इसलिए मुझे नेताजी और शिवपाल दोनों से बात करनी थी. मैंने हमेशा जनता के लिए काम किया है. 55 लाख महिलाओं को पेंशन दी है. यूपी की सबसे बड़ी मेट्रो बना रहा हूं, जो शुरू होने वाली है. मैंने हमेशा जनता के लिए काम किया है, इसलिए चुनाव में टिकट मैं ही बाटूंगा.'
ये बातें कहते-कहते पहले अखिलेश भावुक हुए और बाद में रो पड़े. उन्होंने मुलायम से कहा, 'मैंने पूरी कैबिनेट के सामने कहा कि ये आपकी पार्टी है. मैंने कहा कि ये नेताजी की पार्टी है. कोई मंत्री इससे इनकार नहीं कर सकता. मैं आपके आशीर्वाद से मुख्यमंत्री बना हूूं. ये सब कुछ आपका है नेताजी, लेकिन मेरा भी करियर है. मैंने ये छोड़ दिया तो इसके अलावा मैं क्या करूंगा. नेताजी ने मुझे अन्याय के खिलाफ लड़ना सिखाया है और मैं लड़ता रहूंगा.'
बीते दिनों सपा जिन विवादों से जूझ रही थी, अखिलेश उस पर भी बोले. उन्होंने कहा, 'नेताजी के कहने पर मैंने गायत्री प्रजापति को वापस ले लिया. दीपक सिंघल को हटाने के लिए कहा तो मैंने वो भी किया. मैं इसके हक में नहीं था, लेकिन आपके कहने पर मैंने सिंघल को फोन करके कहा कि तुम हट जाओ. अगर आप मुझसे कहते तो मैं खुद ही इस्तीफा दे देता. मेरा इस पार्टी में कुछ भी नहीं है. आपके दिल में जो भी है, वो मुझे बता दीजिए.'
लंबे समय से पार्टी के लिए फांस बने रहे अमर सिंह पर भी अखिलेश ने सीधा निशाना साधा और कहा, 'ये अमर सिंह दिल्ली में सबसे कह रहा है कि नवंबर में अखिलेश यादव मुख्यमंत्री नहीं रहेगा. आपके बहुत सारे संपर्क हैं, आपको जिससे पूछना हो, आप पूछ लीजिए. मैं हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हूं. एक वक्त था जब समाजवादियों को तालिबानी तक कह दिया था, लेकिन मैंने पार्टी की छवि बदलने का काम किया. एक बार फिर पार्टी की छवि खराब हो रही है.'
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