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पलक झपकते उड़ा लिया 400 किलो सोना, कनाडा की सबसे बड़ी गोल्ड चोरी में भारत का क्या कनेक्शन?

यह चोरी 17 अप्रैल 2023 को उस समय हुई जब स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख से आ रही एक फ्लाइट कनाडा के टोरंटो स्थित पियर्सन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरी. इसके बाद समुद्री मछलियों (सी-फूड्स) का फर्जी बिल लगाकर 400 किलो सोना चोरी कर लिया गया.

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कनाडा के एक हाई-सिक्योरिटी एयरपोर्ट से 400 किलो शुद्ध सोना मिनटों में गायब हो गया (फोटो क्रेडिट: India Today)

कनाडा के एक हाई-सिक्योरिटी एयरपोर्ट से 400 किलो शुद्ध सोना मिनटों में गायब हो गया. इसे कनाडा के इतिहास की सबसे बड़ी चोरी कहा जा रहा है. इस चोरी के तरीके से कनाडा के आम लोग ही नहीं वहां की पुलिस-प्रशासन भी सकते में है.  वैसे तो ये चोरी करीब दो ढाई साल पहले हुई थी लेकिन अब फिर से यह गोल्ड चोरी दुनिया में चर्चा बटोर रही है. इसकी वजह ये है कि 12 जनवरी 2026 को पुलिस ने इस चोरी के 8वें आरोपी अर्सलान चौधरी को गिरफ्तार किया है. कनाडा पुलिस ने इस चोरी के कुल 10 आरोपी बनाए हैं. उनमें 43 साल का ये आरोपी अर्सलान चौधरी भी शामिल होने का दावा किया गया है.  इसके बाद से पुलिस कई महीनों से इसकी जांच में जुटी है. इस चोरी का खुलासा करने और जांच के लिए बकायदा एक अभियान लांच किया गया है. पुलिस ने इसका नाम दिया है Project 24K. प्रोजेक्ट 24k कनाडा के एयरपोर्ट पर हुई  इस ऐतिहासिक गोल्ड चोरी की पुलिस जांच का कोड-नेम है. 24K का मतलब 24 कैरेट. यह सबसे शुद्ध सोने का मानक है. चूंकि चोरी शुद्ध सोने (24 कैरेट गोल्ड) की थी, इसलिए जांच अभियान को यही नाम दिया गया.

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कनाडा की गोल्ड चोरी की पूरी कहानी क्या है?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह चोरी 17 अप्रैल 2023 को उस समय हुई जब स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख से आ रही एक फ्लाइट कनाडा के टोरंटो स्थित पियर्सन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरी. इस विमान के कार्गो में करीब 400 किलो शुद्ध सोना लदा हुआ था. यह सोना गोल्ड बार यानी सोने की छड़ों के रूप में था. इस सोने की कीमत 20 मिलियन डॉलर से ज्यादा आंकी गई.  भारतीय मुद्रा में करीब 180 करोड़ रुपये थी. इसके अलावा करीब 25 लाख डॉलर (करीब 22 करोड़ रुपये) की विदेशी मुद्रा भी थी. यह पैसा और सोना एयरपोर्ट की कार्गो फैसिलिटी में सुरक्षित रखा गया था. इस सोने को टोरंटो के टीडी बैंक में जमा किया जाना था. साथ ही कैश को वैंकूवर के बुलियन एंड करेंसी एक्सचेंज में डिपॉजिट करना था. 

कनाडा पुलिस के मुताबिक कनाडा जिस दिन यह चोरी की वारदात हुई उस दिन 5 बजकर 50 मिनट तक सोने वाला कंटेनर कार्गो फैसिलिटी में ही था. लेकिन शाम 6 बजकर 23 मिनट पर एक एक बड़ा ट्रक कार्गो फैसिलिटी के बाहर पार्क किया गया. इसी ट्रक से एक व्यक्ति फर्जी एयरवे बिल के साथ वेयरहाउस के अंदर दाखिल हुआ, जिसकी तस्वीरें CCTV  में कैद हो गईं. यह एयरवे बिल वास्तव में सी-फूड्स की डिलीवरी से जुड़ा था, जिनका कार्गो एक दिन पहले ही वहां से निकल चुका था. पुलिस जांच में सामने आया कि एयरपोर्ट के भीतर मौजूद किसी कर्मचारी ने पुराने बिल को प्रिंटर से निकालकर उसे दूसरे बिल से बदल दिया था.

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सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, शाम 7 बजकर 4 मिनट पर ट्रक का ड्राइवर सीधे उस जगह पहुंचा जहां सोने का कार्गो रखा गया था. करीब 23 मिनट बाद, यानी 7 बजकर 27 मिनट पर पूरा कंटेनर ट्रक में लोड कर लिया गया और महज तीन मिनट के भीतर ट्रक वहां से निकल गया. रात करीब साढ़े 9 बजे जब सिक्योरिटी एजेंसी का असली ट्रक सोना लेने पहुंचा, तब जाकर चोरी का खुलासा हुआ. इसके बाद रात 2 बजकर 23 मिनट पर एयर कनाडा ने पुलिस को सूचना दी. 

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गोल्ड चोरी में शामिल आरोपी का भारत में होने का दावा

कनाडा पुलिस का कहना है कि इस घटना में दो ग्रुप शामिल थे. एयर कनाडा के कर्मचारियों ने कथित तौर पर चोरी में मदद की, जबकि बाहरी लोगों के एक ग्रुप ने एयरपोर्ट के बाहर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया. पुलिस जांच में सामने आया कि ब्रैम्पटन निवासी 33 साल का सिमरनप्रीत पनेसर ने इस चोरी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. सिमरनप्रीत एयर कनाडा का पूर्व कर्मचारी है. इस कर्मचारी पर एयरलाइन सिस्टम से छेड़छाड़ कर कार्गो को डायवर्ट करने का आरोप है. कनाडा पुलिस का कहना है कि सिमरनप्रीत फिलहाल भारत में हो सकता है . इस आरोपी के खिलाफ कनाडा में गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है.

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