पश्चिम एशिया के तनाव ने भारतीय शेयर बाजार का मिजाज बिगाड़ दिया है. सोमवार, 2 मार्च को शेयर मार्केट खुलते ही धड़ाम हो गया. अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग का असर साफ नजर आया. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 2,740 पॉइंट्स लुढ़ककर 78,543 पॉइंट्स और Nifty 50 भी 520 अंक की गिरावट लेकर 24,659 पर खुला.
स्टॉक मार्केट को US-इजरायल और ईरान की जंग ने किया घायल, ऐसा हाल सालों से नहीं देखा
Stock Market Today: ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद करने की धमकी दी है, जिससे भारत समेत दुनिया भर की Crude Oil की सप्लाई प्रभावित हो सकती है. भारत बड़े पैमाने पर कच्चे तेल के निर्यात पर निर्भर है.


स्टॉक्स के हलकों में पहले ही अनुमान था कि मिडिल-ईस्ट के तनाव से शेयर बाजार में हलचल दिखेगी. यह आशंका सही साबित हुई और निवेशकों के माथे पर लकीर खिंच गई. सुबह 10:40 बजे सेंसेक्स 1,095 पॉइंट टूटकर 80,191 पॉइंट्स पर चलता दिखा. ठीक इसी समय निफ्टी 50 भी 327 पॉइंट्स गिरकर 24,850 पॉइंट्स पर आ गया.
हाल के हफ्तों में शेयर मार्केट में यह बड़ी गिरावट मानी जा रही है. ईरान पर अमेरिका और इजरायल का हमला, और उसके बाद इजरायल समेत खाड़ी देशों पर ईरान के मिसाइल अटैक ने क्षेत्र में अनिश्चितता का माहौल बना दिया है. इसकी वजह से ग्लोबल क्रूड ऑयल में तेजी दिखने का खतरा बढ़ गया है.
इंडिया टुडे से जुड़े सोनू विवेक की रिपोर्ट के मुताबिक, जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट डॉ. वीके विजय कुमार ने बताया कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से पैदा हुआ एनर्जी रिस्क मार्केट सेंटिमेंट पर हावी हो रहा है.
उन्होंने कहा कि क्रूड ऑयल में बहुत तेज उछाल तभी आ सकता है जब होर्मुज रूट असल में बंद हो जाए. फिलहाल इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है. अगर ब्रेंट 76 डॉलर के आसपास रहता है, तो इक्विटी मार्केट दबाव में रह सकते हैं लेकिन बहुत बड़ी गिरावट की संभावना नहीं दिखती.
ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद करने की धमकी दी है, जिससे भारत समेत दुनिया भर की कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है. वैसे भी भारत बड़े पैमाने पर कच्चे तेल के निर्यात पर निर्भर है.
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