एक सपनों का आशियाना खरीदना हर किसी का ड्रीम प्रोजेक्ट होता है. हममें से ऐसे कई लोग ऐसे होते हैं जो अपने जरूरी खर्चों को काटकर इस सपनों को पूरा करने के लिए होम लोन लेते हैं. लेकिन एक बार होम लोन लिया तो जैसे सालों के लिए कर्ज के बोझ में दब जाते हैं. होम लोन की अवधि आमतौर पर 15 से 30 साल तक होती है. इस वजह से होम लोन लेने वाले लोगों को 180 से लेकर 360 मासिक किश्तें यानी ईएमआई चुकानी पड़ती हैं.
होम लोन को तय समय से पहले हल करना चाहते हैं? ये 5 तरीके अपनाएं, लाखों रुपये बचेंगे
अपने होम लोन में नियमित रूप से प्री-पेमेंट करने से बकाया मूलधन (Principal) तेजी से कम होता है. इससे न सिर्फ लोन की अवधि घटती है बल्कि कुल ब्याज भी कम देना पड़ता है
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उदाहरण के लिए अगर आपने 50 लाख रुपये के होम लोन लिया है. यह लोन 20 साल के लिए और इसकी ब्याज की दर 9% है तो आपकी मासिक ईएमआई लगभग 45,000 रुपये बनती होगी. इस लोन लोन को चुकाने के लिए आप केवल ब्याज के मद में ही 57.5 लाख रुपये चुका देंगे. इसका मतलब हुआ कि अगर आपने 20 साल तक लोन की ईएमआई भरी तो मूलधन से ज्यादा आप ब्याज के मद में चुका देंगे. ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि समय से पहले होम लोन खत्म करने के 5 तरीके क्या हैं?
होम लोन का प्री-पेमेंट करेंअपने होम लोन में नियमित रूप से प्री-पेमेंट करने से बकाया मूलधन (Principal) तेजी से कम होता है. इससे न सिर्फ लोन की अवधि घटती है बल्कि कुल ब्याज भी कम देना पड़ता है. अगर संभव हो, तो साल में कम से कम एक बार प्री-पेमेंट करने का लक्ष्य रखें. इसके अलावा टैक्स एक्सपर्ट विनोद रावल का कहना है कि टैक्स छूट से जो पैसा बचता है, उसे अगर आप खर्च करने के बजाय प्री-पेमेंट में लगा दें, तो लोन तेजी से खत्म हो सकता है.
अगर आपकी आर्थिक स्थिति अनुमति देती है, तो EMI की राशि बढ़ाना लोन को जल्दी चुकाने का असरदार तरीका है. मान लीजिए आप नौकरी करते हैं और हर साल आपका वेतन 8-10 परसेंट बढ़ता है तो ज्यादा ईएमआई का विकल्प चुन लें . ऐसा इसलिए क्योंकि ज्यादा EMI देने से प्रिंसिपल तेजी से घटता है और पूरे लोन काल में ब्याज का बोझ कम होता है.
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कम अवधि का होम लोन चुनेंकम अवधि वाला लोन चुनने पर EMI थोड़ी ज्यादा हो सकती है, लेकिन इससे कुल ब्याज में बड़ी बचत होती है. यह तरीका लोन को जल्दी खत्म करने में मदद करता है और भविष्य में जरूरत पड़ने पर दोबारा लोन लेने की क्षमता भी बढ़ाता है. क्रेडिट स्कोर भी बेहतर होता है.
एमिरेट्स इन्वेस्टमेंट बैंक में डायरेक्टर (वेल्थ मैनेजमेंट) डॉक्टर धर्मेश भाटिया ने बताया कि अगर संभव हो तो घर खरीदते समय 20% से ज्यादा डाउन पेमेंट करना फायदेमंद होता है. इससे लोन की मूल राशि कम हो जाती है और ब्याज का बोझ घटता है. नतीजतन, लोन जल्दी चुकता होता है और वित्तीय दबाव भी कम रहता है.
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किसी दूसे बैंक में होम लोन ट्रांसफर पर विचार करेंअगर कोई दूसरा बैंक या वित्तीय संस्था कम ब्याज दर पर होम लोन दे रही है, तो बैलेंस ट्रांसफर करना फायदेमंद हो सकता है. इससे EMI और कुल ब्याज दोनों कम हो सकते हैं, जिससे लोन जल्दी चुकाना आसान हो जाता है. इस तरह से अगर आप प्री-पेमेंट, EMI बढ़ाने, कम अवधि का लोन चुनने और टैक्स बचत जैसे उपाय अपनाते हैं, तो होम लोन को तय समय से कई साल पहले खत्म किया जा सकता है. इस तरह से लाखों रुपये के ब्याज से बचा जा सकता है. लेकिन ये सब करते समय एक बात जरूर ध्यान में रखें कि समय पर EMI चुकाएं . ऐसा न करने से बैंक मोटी पेनल्टी लगाते हैं और क्रेडिट स्कोर खराब होता है सो अलग. आपको पता ही है कि क्रेडिट स्कोर खराब हुआ तो भविष्य में लोन लेना मुश्किल हो सकता है.
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