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अच्छे रिव्यू देखकर ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों को ये खबर जरूर पढ़नी चाहिए

ऑनलाइन शॉपिंग में रिव्यू के नाम पर बहुत घपला होता है. बचना जरूरी है.

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ऑनलाइन शॉपिंग. (सांकेतिक तस्वीर)

कई लोग ऑनलाइन शॉपिंग (Online Shopping) करने के दौरान अच्छे रिव्यू पढ़कर ही जरूरत का सामान खरीद लेते हैं. अगर आप भी ऐसा कर रहे हैं, तो सावधान हो जाएं. दरअसल आजकल कई प्रोडक्ट्स की रेटिंग पैसे लेकर की जा रही है. इसके चलते ग्राहकों को ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान इन प्रोडक्ट्स की रेटिंग 4 से 5 स्टार तो दिखाई देती है, लेकिन हकीकत में इस तरह के कई प्रोडक्ट्स क्वालिटी में इतने खरे नहीं उतरते हैं. 

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ऐसा इसलिए है क्योंकि जो लोग इन प्रोडक्ट्स का रिव्यू करते हैं, उन्हें कंपनियां बेहतर रिव्यू देने के लिए रिवॉर्ड्स यानी पैसा और महंगे गिफ्ट्स वगैरह देती हैं. हालांकि, यह फर्जीवाड़ा जल्द बंद हो सकता है क्योंकि ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) ऑनलाइन शॉपिंग में किसी प्रोडक्ट या सर्विसेज के रिव्यू के तौर तरीकों में ट्रांसपरेंसी लाने की तैयारी में है.

BIS ने मांगे सुझाव

ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड ने ऑनलाइन कंज्यूमर रिव्यू के मानको को लेकर एक ड्रॉफ्ट तैयार किया है. इस ड्रॉफ्ट में BIS ने सुझाव दिया है कि ऑनलाइन वेबसाइट्स के एडमिनिस्ट्रेशन किसी प्रोडक्ट सर्विसेज की ओवरऑल रेटिंग को कैलकुलेट करते समय रिवॉर्ड्स के आधार पर दी गई रेटिंग को इसमें नहीं जोड़ेंगे. ऐसे रिव्यू की रेटिंग्स अलग से हो, जिससे ग्राहक ये समझ जाएं कि ये बाकी रिव्यू से अलग है. आमतौर पर ज्यादातर लोग ऑनलाइन साइट्स पर शॉपिंग के दौरान किसी प्रोडक्ट या सर्विसेज के रिव्यू को देखकर खरीदारी का फैसला लेते हैं. ई-कॉमर्स साइट्स, फूड डिलिवरी और ग्रॉसरी साइट्स पर ज्यादातर प्रोडक्ट्स का रिव्यू और रेटिंग्स दर्ज रहती है.

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ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड  ने सभी पक्षकारों को 10 नवंबर, 2022 तक ड्रॉफ्ट पेपर पर सुझाव देने के लिए कहा है. इस ड्रॉफ्ट प्रस्ताव में सुझाव दिया है कि ई-कॉमर्स कंपनियां किसी उत्पाद या सेवा की कुल रेटिंग का आकलन करते समय रिवॉर्ड्स के आधार पर दी गई रेटिंग को इसमें नहीं जोड़ेंगीं. ड्राफ्ट प्रस्ताव में ये भी कहा गया है कि ऐसे रिव्यू की रेटिंग अलग से हो, जिससे ग्राहक यह समझ जाएं कि ये बाकी रिव्यू से अलग है. फिलहाल जो रिव्यूज ई-कॉमर्स साइट्स पर दिखते हैं, उनमें रिव्यू करने वाले के बारे में पूरी जानकारी नहीं होती है, जबकि ड्रॉफ्ट प्रस्ताव के मुताबिक नए नियमों में उत्पाद खरीदकर उपयोग करने के बाद उसका रिव्यू करने वालों का पता भी शामिल होगा. 

वीडियो: Amazon और Flipkart जैसी ऑनलाइन शॉपिंग सेल से कैसे और फायदेमंद डील निकालें

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