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चांदी 4 लाख रुपये के पार, सोना 10 हजार उछला, ग्लोबल संकट में चमकता ‘सेफ हेवन’ भारत!

सोने-चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह दुनियाभर में बढ़ रहा राजनैतिक तनाव है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम पर समझौता करने के लिए चेतावनी दी है

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सोने की कीमतें 1.80 लाख के बेहद करीब पहुंच गई हैं (फोटो क्रेडिट: Business Today)

गुरुवार, 29 जनवरी को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार बढ़त दर्ज की गई. वायदा बाजार में चांदी पहली बार 4 लाख रुपये के स्तर को पार कर गई. इसी तरह सोना 1.8 लाख रुपये प्रति दस ग्राम के करीब पहुंच गया है. इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक 5 फरवरी 2026 को डिलीवरी वाले MCX गोल्ड फ्यूचर्स 9,954 रुपये यानी करीब 6% उछलकर 1,75,869 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गए. वहीं, 5 मार्च 2026 की डिलीवरी वाले सिल्वर फ्यूचर्स 15,414 रुपये यानी लगभग 5% बढ़कर 4,00,780 रुपये प्रति किलोग्राम हो गए. इसके साथ ही दोनों धातुओं ने नए ऑल-टाइम हाई को छू लिया. अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी ने नए रिकॉर्ड बनाया है. वहां स्पॉट गोल्ड करीब 3% चढ़कर 5,591.61 डॉलर के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया.

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MCX और वायदा बाजार क्या होता है?

MCX यानी Multi Commodity Exchange भारत का एक प्रमुख कमोडिटी एक्सचेंज है. यहां पर सोना, चांदी, कच्चा तेल, कॉपर, नैचुरल गैस जैसी वस्तुओं की खरीद-फरोख्त होती है. यह शेयर बाजार की तरह ही एक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म है, लेकिन यहां कंपनियों के शेयर नहीं बल्कि कमोडिटी (वस्तुएं) ट्रेड होती हैं. वहीं, वायदा भाव का मतलब है भविष्य की तय तारीख पर किसी वस्तु को आज तय कीमत पर खरीदने या बेचने का कॉन्ट्रैक्ट. उदाहरण के लिए आज सोने का वायदा भाव 1 लाख 80 हजार रुपये प्रति दस ग्राम है और इसकी डिलीवरी की तारीख 5 फरवरी है. इसका मतलब है कि ट्रेडर अभी इस कीमत पर सौदा कर सकते हैं, लेकिन वास्तविक डिलीवरी तय तारीख पर होगी.

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सोने-चांदी में जोरदार तेजी क्यों आई ?

सोने-चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह दुनियाभर में बढ़ रहा राजनैतिक तनाव है. इसके चलते निवेशकों ने सुरक्षित निवेश बढ़ाया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम पर समझौता करने के लिए चेतावनी दी है. अमेरिका लगातार खाड़ी क्षेत्र में अपनी सैन्य ताकत बढ़ा रहा है. 

ट्रंप ने कहा कि ईरान की तरफ “विशाल युद्धपोत बेड़ा” बढ़ रहा है. जब भी दुनिया में आर्थिक अनिश्चितता, युद्ध, महंगाई या शेयर बाजार में गिरावट जैसी स्थितियां बनती हैं. ऐसे समय पर निवेशक अपने पैसे को सुरक्षित रखने के लिए सोने की ओर रुख करते हैं. इसी को सोने की सुरक्षित निवेश मांग कहा जाता है. सोने-चांदी में तेजी का एक और बड़ा कारण ये है कि अमेरिका का सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को स्थिर रख सकता है. 

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