शेयर बाजार रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने राजेश एक्सपोर्ट्स (Rajesh Exports) और इस कंपनी के प्रमोटर पर बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी और पैसे का गबन करने का आरोप लगाया है. इस बारे में मार्केट रेगुलेटर ने एक अंतरिम आदेश भी जारी किया है. सेबी ने अगले आदेश तक मालिक राजेश मेहता पर कंपनी के शेयर खरीदने-बेचने या किसी तरह के वित्तीय लेन देन पर बैन लगाया है.
राजेश एक्सपोर्ट्स के मालिक पर SEBI ने लगाया बैन, 99.8% बढ़ाकर मुनाफा दिखाने का आरोप
राजेश एक्सपोर्ट्स में भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) का भी मोटा पैसा लगा है. मार्च 2026 तिमाही तक राजेश एक्सपोर्ट्स में एलआईसी की 10.8% हिस्सेदारी थी. अब निवेशकों के अरबों स्वाहा हो गए हैं. कंपनी पर वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप हैं.


4 जून को जारी अपने 109 पन्नों के आदेश में सेबी ने आरोप लगाया कि कंपनी ने अपनी विदेशी सब्सिडियरीज (सहयोगी कंपनी) के जरिये कई साल तक अपने कामकाज को बढ़ा-चढ़ाकर बताया. पिछले 5 फाइनेंशियल ईयर (वित्त वर्ष 2020-21 से 2024-25) के दौरान इस कंपनी के खातों में भारी हेरफेर की गई.
इससे राजस्व में कथित तौर पर लगभग 158.3 अरब डॉलर ( करीब 15 लाख 16 हजार करोड़ रुपये) की हेराफेरी की गई. यह रकम पिछले 5 फाइनेंशियल ईयर में कंपनी द्वारा दिखाए गए कुल रेवेन्यू का लगभग 99.8% है.
राजेश एक्सपोर्ट्स गोल्ड ज्वेलरी बनाती है. गोल्ड की रिफाइनिंग करती है. गहने बनाकर विदेशों में एक्सपोर्ट करने का कारोबार करती है. इस कंपनी के चेयरमैन और एमडी राजेश मेहता हैं. राजेश एक्सपोर्ट्स दुनिया की सबसे बड़ी गोल्ड रिफाइनरी वैलकैम्बी एसए (Valcambi SA) की मालिक भी है.
निवेशकों को तगड़ी चोटपिछले कुछ सालों में कंपनी ने निवेशकों को तगड़ी चोट दी है. मिंट में छपी एक रिपोर्ट में एनएसई के आंकड़ों के हवाले से बताया गया है कि राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों की कीमत साल 2026 की शुरुआत से अब तक 42%, एक साल में 49%, पिछले 3 साल में 82% और 5 साल में 81% गिर चुकी है.
सेबी ने अपने आदेश में कहा है कि वित्त वर्ष 2022-23 के लिए कैश फ्लो स्टेटमेंट्स दाखिल न करने से राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयर की कीमत जून 2023 से लगातार गिर रही है और इसके चलते निवेशकों की संपत्ति करीब 12 हजार 725 करोड़ रुपये साफ हो गई.
मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, राजेश एक्सपोर्ट्स में देश के सबसे बड़े घरेलू संस्थागत निवेशक यानी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) का भी मोटा पैसा लगा है. मार्च 2026 तिमाही तक राजेश एक्सपोर्ट्स में एलआईसी की 10.8% हिस्सेदारी थी.
LIC के पास इस कंपनी के करीब 3 करोड़ 18 लाख 75 हजार शेयर थे. 4 जून को इन शेयरों की कुल वैल्यू करीब 330 करोड़ बनती है. आंकड़ों से ये पता चलता है कि LIC ने सितंबर 2023 से अपनी हिस्सेदारी बरकरार रखा है. इस दौरान एलआईसी ने कंपनी के शेयर न खरीदे और न बेचे.
शेयर धड़ामगुरुवार 4 जून को शुरुआती कारोबार में ही राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड के शेयर औंधे मुंह गिरे और कंपनी का शेयर 5 परसेंट के लोअर सर्किट पर पहुंच गया. वहीं, दोपहर एक बजे के आसपास कंपनी का शेयर करीब 5 परसेंट की गिरावट के साथ 104 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा था.
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