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'वो मुझसे बोला दिल्ली में सब चलता... ', होटल मालिक ने बताया कैसे बना लिए 25 कमरे

Delhi Malviya Nagar Fire: होटल मालिक Lovkesh Bajaj ने पूछताछ में कुछ खुलासे किए हैं. लवकेश ने पुलिस को बताया कि उसने 3 साल पहले अहलूवालिया नाम की एक पार्टी से ये बिल्डिंग खरीदी थी और पहले यहां खादी की शॉप थी.

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मालवीय नगर में आग बुझने के बाद भी वहां का नजारा डरावना है (PHOTO-PTI)

3 जून को दिल्ली के फ्लरिश स्टे होटल में 21 लोगों की आग से मौत हो गई थी. होटल का मालिक हादसे के वक्त वहां से गुजरा था. लेकिन आग लगते ही भाग गया था. उसे पता था कि अब पुलिस उसके पीछे लगने वाली है, इसलिए भागकर घर नहीं गया. कई घंटों पर ऐसे ही सड़क पर घूमता रहा. होटल मालिक का नाम लवकेश बजाज है. 3 जून को ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया था. 

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आजतक से जुड़े अरविंद ओझा की रिपोर्ट के मुताबिक होटल मालिक ने पूछताछ में कुछ खुलासे किए हैं. लवकेश ने पुलिस को बताया कि उसने 3 साल पहले अहलूवालिया नाम की एक पार्टी से ये बिल्डिंग खरीदी थी और पहले यहां खादी की शॉप थी. उसने BNB (Bed and Breakfast scheme) की परमिशन ली थी. आग लगने के वक्त वो डरकर भाग गया था. कई घंटों तक सड़क पर घूमता रहा. NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक होटल मालिक ने बताया,

‘होटल में लगी आग को देखकर मैं डर गया था. मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि कहां जाऊं, क्‍या करूं. सड़कों पर भटकता रहा. अपने घर भी नहीं गया.’

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टाइम्स ऑफ इंडिया ने भी लवकेश का बयान छापा. रिपोर्ट के मुताबिक, लवकेश ने बताया कि उसके होटल का पूरा काम कोई दूसरा व्यक्ति देखता था. उसी व्यक्ति ने लवकेश को होटल के कमरे बढ़ाने की सलाह दी थी. कथित तौर पर लवकेश ने बताया कि उस व्यक्ति ने उससे कहा था कि होटल के कमरे बढ़ा लो, दिल्ली में सब चलता है. इसीलिए उसने छह कमरों की परमिशन होने के बावजूद 25 कमरे बना लिए. रिपोर्ट के मुताबिक होटल मालिक के खिलाफ BNS की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है. इन धाराओं में-

  • धारा 105: गैर-इरादतन हत्या 
  • धारा 324(5): किसी संपत्ति या व्यक्ति को जानबूझकर नुकसान पहुंचाना
  • धारा 326(g):  आग या विस्फोटक पदार्थ आदि के जरिए संपत्ति/स्थान को नुकसान पहुंचाना
  • धारा 125(a) और 125(b): दूसरों की जान या सुरक्षा को खतरे में डालने वाला कृत्य
  • धारा 287: आग या ज्वलनशील पदार्थ के संबंध में लापरवाही
कानून तो सख्त, लेकिन लागू तो हो

वैसे अपने यहां नियम और कानून तो सख्त हैं. लेकिन, सवाल है कि ये लागू कितना किए जाते हैं. अगर आपको याद हो तो 6 दिसंबर 2025 को गोवा के एक नाइटक्लब में आग लग गई थी. उसमें करीब 25 लोगों की मौत हो गई थी. इस हादसे के बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने होटलों, रेस्तरां, और क्लबों को फायर सेफ्टी सुधारने का आदेश दिया था. लेकिन उस पर कोई सुधार नहीं हुआ.

जनवरी 2026 में दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार, MCD यानी दिल्ली नगर निगम, NDMC यानी नई दिल्ली नगर पालिका परिषद और दूसरी संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया था कि वो आग जैसी घटनाओं को रोकने के लिए एक एक्शन प्लान तैयार करें. लेकिन उस पर कोई खास एक्शन नहीं लिया गया. लापरवाहियां अभी भी हो रही हैं, आग की घटनाएं सामने आ रही हैं, और लोग भी मर रहे हैं. हादसा कितना भी बड़ा हो, उससे कोई सबक नहीं लिया जाता.

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दिल्ली होटल में मरने वालों में 10 भारतीय और 11 विदेशी नागरिक हैं. इनमें 9 अफ्रीकी और 2 तुर्कमेनिस्तान के हैं. दिल्ली सरकार के फायर चीफ के मुताबिक, फायर डिपार्टमेंट ने इस बिल्डिंग को कोई Fire NOC जारी नहीं किया था. बिल्डिंग में basement + ground + 5 floors थे, यानी यह 15 मीटर से ऊंची इमारत थी. नियमों के अनुसार ऐसी बिल्डिंग में आम तौर पर दो सीढ़ी वाले निकास की जरूरत होती है. लेकिन होटल में आने जाने का एक ही रास्ता था. बिल्डिंग में वेंटिलेशन का भी कोई इंतजाम नहीं था. फिलहाल होटल मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है.

वीडियो: Delhi Malviya Nagar Fire: अपनी जान पर खेलकर दूसरों की जान बचाने वाले शख्स ने क्या बताया?

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