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कैफे ने नींबू पानी पर लगाया 'LPG किल्लत चार्ज', बिल देखते ही सरकार का आदेश आ गया

कई होटल-रेस्टोरेंट ‘सर्विस चार्ज’ पर सरकार की तरफ से लगी रोक को बाईपास करने के लिए गैस क्राइसिस चार्ज ले रहे हैं. इसे उपभोक्ता अधिकारों का हनन बताते हुए अथॉरिटी ने सख्त निगरानी और कार्रवाई की बात कही.

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बेंगलुरु के एक कैफे ने नींबू पानी के बिल पर 'गैस क्राइसिस चार्ज' लगाया (फोटो क्रेडिट: Business today)

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  • केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने देश भर के होटलों और रेस्तरां को निर्देश दिया है कि वे ग्राहकों से एलपीजी गैस संकट चार्ज जैसे अतिरिक्त शुल्क न वसूलें।
  • ईरान युद्ध के कारण कुकिंग गैस की कमी आई है, जिससे कई होटल और रेस्तरां ग्राहक बिलों पर गैस क्राइसिस चार्ज वसूलने लगे हैं, जिससे विवाद पैदा हुआ है।
  • CCPA ने उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा के लिए निगरानी बढ़ाई है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

ईरान युद्ध के चलते कुकिंग गैस की किल्लत को लेकर कई रिपोटर्स आई हैं. अब इस आपदा में भी कुछ होटल और रेस्तरां मालिक कमाई का मौका खोजने लगे हैं. ऐसा ही एक मामला सामने आया है बेंगलुरु से. यहां के एक कैफे ने नींबू पानी के बिल पर 5 परसेंट 'गैस क्राइसिस चार्ज' लगा दिया. बेंगलुरु के एक ग्राहक ने दो मिंट (पुदीना) लेमोनेड ऑर्डर किए. इनकी कुल कीमत 358 रुपए थी. कैफे ने गुड्स एवं सर्विसेज टैक्स (GST) के साथ करीब 17 रुपये (5 परसेंट) का 'गैस क्राइसिस चार्ज' भी जोड़ दिया.

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केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने जांच में पाया कि कई होटल-रेस्टोरेंट ‘सर्विस चार्ज’ पर सरकार की तरफ से लगी रोक को बाईपास करने के लिए गैस क्राइसिस चार्ज ले रहे हैं. इसे उपभोक्ता अधिकारों का हनन बताते हुए अथॉरिटी ने सख्त निगरानी और कार्रवाई की बात कही.

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मिंट की एक रिपोर्ट बताती है कि केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने देश भर के होटलों और रेस्तरां को सख्त चेतावनी जारी करते हुए एक निर्देश दिया है. इस निर्देश में कहा गया है कि वे ग्राहकों के बिलों पर एलपीजी चार्ज  या फ्यूल कॉस्ट रिकवरी जैसे अतिरिक्त शुल्क न लगाएं. नियामक ने ऐसे चार्जेज को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत अनुचित व्यापार प्रथाओं (unfair trade practices) की श्रेणी में रखा है. साथ ही इन निर्देशों का पालन न करने पर कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है.

रिपोर्ट के मुताबिक CCPA प्राधिकरण ने कहा कि वह पूरे देश में इन नियमों को पालन करवाने के लिए निगरानी कर रहा है. CCPA ने कहा है कि इस तरह की शिकायतों के समाधान के लिए 1915 डायल करके राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर या उसके मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई जा सकती है. इसके अलावा, ई-जागृति ( e-Jagriti) पोर्टल के माध्यम से भी शिकायत दर्ज की जा सकती है, या शिकायत जिला कलेक्टर को या सीधे सीसीपीए को भेजी जा सकती है.

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