ब्रिटेन (United Kingdom) को पीछे छोड़कर भारत, दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था (Economy) बन गया है. साल 2021 के आखिरी तीन महीनों में ब्रिटेन को पीछे छोड़ते हुए भारत ने विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने मुकाम हासिल किया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के आंकड़ों के तहत जीडीपी से जुड़ी ये केलकुलेशन यूएस डॉलर पर आधारित है. जीडीपी के मामले में भारत ने साल 2022 की पहली तिमाही में भी अपनी बढ़त बनाए रखी, यानी इस दौरान भी उसकी अर्थव्यवस्था ब्रिटेन से आगे बनी रही.
ब्रिटेन को पीछे छोड़ दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी इकॉनमी बना भारत
एक दशक पहले भारत 11वें नंबर पर था, जबकि ब्रिटेन पांचवें पर. ये पूरी कैलकुलेशन यूएस डॉलर पर आधारित है.


बीते अगस्त में ब्रिटिश अर्थव्यवस्था में 300 साल की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी. बैंक ऑफ इंग्लैंड का कहना है कि अर्थव्यवस्था में गिरावट का ये दौर 2024 तक जारी रह सकता है. ब्रिटेन की जीडीपी दूसरी तिमाही में कैश के संदर्भ में केवल एक फीसदी बढ़ी है. यदि मुद्रास्फीति की बात करें तो इसमें 0.1 फीसदी की कमी आई है.
दूसरी ओर भारतीय अर्थव्यवस्था का इस वित्तीय वर्ष में 7 फीसदी से अधिक की दर से बढ़ने का अनुमान लगाया गया है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी IMF के अपने पूर्वानुमान बताते हैं कि भारत इस साल सालाना आधार पर डॉलर के मामले में केवल अमेरिका, चीन, जापान और जर्मनी से ही पीछे है. एक दशक पहले भारत सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में 11वें नंबर पर था, जबकि यूके पांचवें नंबर पर.
इधर अगस्त 2022 में ब्लूमबर्ग और SBI रिसर्च की रिपोर्ट में भारत को मंदी के खतरे से सुरक्षित करार दिया गया. इस रिपोर्ट के मुताबिक भारत अब दुनिया के कई देशों से काफी आगे निकलने के लिए तैयार है. दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन से भी तेज रफ्तार से तरक्की करने के संकेत भारतीय अर्थव्यवस्था दे रही है. मॉर्गन स्टेनली की हालिया रिपोर्ट में भी अनुमान लगाया गया है कि 2022-23 में भारत एशिया की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था के तौर पर उभर सकता है.
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