देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्सटेंसी सर्विसेज (TCS) ने पिछले 6 महीने में 30 हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है. इतना ही नहीं, कंपनी ने इशारा दिया है कि आगे भी छंटनी की जा सकती है. इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2025 में TCS ने कंपनी स्तर पर बड़े पैमाने पर रिस्ट्रक्चरिंग यानी काम करने के तरीके में बड़े बदलाव की घोषणा की थी. कंपनी ने ये कदम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल के दबाव के बीच उठाया है . अब TCS ने पुष्टि की है कि यह रिस्ट्रक्चरिंग प्रोसेस अभी खत्म नहीं हुआ है . इस साल (2026) भी जरूरत पड़ने पर कर्मचारियों की छंटनी की जा सकती है. कंपनी ने अपनी तीसरी तिमाही (एक अक्टूबर से 31 दिसंबर 2025 के बीच) के नतीजों जारी करने के बाद यह जानकारी दी है. हालांकि कितने लोगों की छंटनी होगी या अभी तय नहीं है. कंपनी का कहना है कि हर टर्मिनेशन के पीछे ठोस कारण होगा और यह एक तय आंतरिक प्रक्रिया के तहत ही किया जाएगा.
TCS ने 30 हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया, आगे भी छंटनी जारी रहेगी?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के दबाव के बीच TCS कंपनी ने ये कदम उठाया है. इस वजह बड़े पैमाने पर छंटनी की गई है
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TCS के चीफ ह्यूमन रिसोर्स ऑफिसर (CHRO) सुदीप कुन्नुमल ने एनालिस्ट्स को बताया कि अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में कंपनी ने करीब 1,800 कर्मचारियों को बाहर किया. मनीकंट्रोल की खबर में यह जानकारी दी गई है. यह आंकड़ा TCS की तिमाही रिपोर्ट में दिए गए फैक्ट शीट से काफी कम नजर आता है. फैक्ट शीट के अनुसार, दूसरी तिमाही के अंत की तुलना में कुल हेडकाउंट 11,000 से ज्यादा घट चुकी है. इससे संकेत मिलता है कि पिछले तीन महीनों में TCS में हुई जॉब कट्स दो हिस्सों में बंटी हो सकती हैं. लगभग 1,800 कर्मचारियों को कंपनी ने तय प्रक्रिया के तहत हटाया गया है जबकि बाकी कर्मचारी खुद कंपनी छोड़कर गए और इन पदों पर दोबारा भर्ती नहीं की गई. फैक्ट शीट कंपनी का एक आधिकारिक दस्तावेज होता है. यह फैक्ट शीट हर तिमाही वित्तीय नतीजों के साथ कंपनियां जारी करती है. इसमें
इसमें कंपनी की स्थिति को नंबर और डेटा के जरिए सीधे और साफ तरीके से बताया जाता है. जैसे की कंपनी में कुल कितने कर्मचारी हैं. उस तिमाही में कितने कर्मचारी जुड़े और कितने छोड़ गए. रेवेन्यू, मुनाफा वगैरा कितना रहा है.
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चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में TCS से 11,151 कर्मचारी घट गए. इससे पहले यानी सितंबर तिमाही (एक जुलाई से 30 सितंबर के बीच) में कंपनी ने 19,755 कर्मचारियों की छंटनी की थी. यह लगातार दूसरी तिमाही है जब TCS ने नेट आधार पर कर्मचारियों की संख्या घटने की जानकारी दी है. दिसंबर के अंत में कंपनी में 5 लाख 82 हजार 163 कर्मचारी काम कर रहे थे. इससे कंपनी की कुल हेडकाउंट 6 लाख के स्तर से काफी नीचे चली गई है. कुल मिलाकर पिछले छह महीनों में कंपनी ने लगभग 30,000 कर्मचारियों की छंटनी की है.
TCS छंटनी क्यों कर रही है?यह एक आम धारणा है कि TCS, आजकल की कई दूसरी टेक की तरह, क्लाउड और कर्सर जैसे एआई टूल्स की वजह से पैदा हुई चुनौतियों और मौकों का सामना करने के लिए कर्मचारियों की संख्या कम कर रही है. लेकिन इसका एक और पहलू भी हो सकता है.
ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स की एक हालिया रिपोर्ट बताती है कि हाल के महीनों में देखी गई अधिकांश छंटनी वास्तव में एआई के कारण नहीं है. बल्कि, यह कंपनियों द्वारा कम प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को बाहर निकालने का प्रयास है. इसका उद्देश्य लागत कम करना भी है. इसके अलावा अन्य टेक कंपनियों की तरह TCS भी वर्कप्लेस नियमों में बदलाव कर रही है. हाल ही में कंपनी ने वर्क-फ्रॉम-ऑफिस को लेकर नियम और सख्त कर दिए हैं. कुछ मीडिया रिपोर्ट में ये बात सामने आई है कि कंपनी ने कहा है कि अगर ऑफिस अटेंडेंस नियमों का लगातार पालन नहीं किया गया तो कर्मचारियों को 2026 के परफॉर्मेंस रेटिंग साइकिल से भी बाहर किया जा सकता है.
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