इस बार 1 अप्रैल से कई नियम कायदे बदलने वाले हैं. जैसे कि इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया में बदलाव होने वाला है. अगर आप अपना पैन बनवाना चाहते हैं को इसके एप्लीकेशन की प्रक्रिया बदलने वाली है. पहली तारीख से रेलवे टिकट के रिफंड का भी नियम बदल जाएगा. इनका आपकी हमारी जेब पर सीधा असर पड़ेगा. 1 अप्रैल से क्या-क्या बदलने जा रहा है, एक-एक करके जानते हैं.
ट्रेन, इनकम टैक्स, ATM और पैन कार्ड... 1 अप्रैल से ये 12 नियम बदल जाएंगे
1 अप्रैल से इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया में बदलाव होने वाला है. अगर आप अपना पैन बनवाना चाहते हैं को इसके एप्लीकेशन की प्रक्रिया बदलने वाली है. पहली तारीख से रेलवे टिकट के रिफंड का भी नियम बदल जाएगा. इनका आपकी हमारी जेब पर सीधा असर पड़ेगा. 1 अप्रैल से क्या-क्या बदलने जा रहा है, एक-एक करके जानते हैं.


एक अप्रैल से लागू होने वाले सबसे खास बदलावों में से एक है नया आयकर अधिनियम 2025, जो अमल में आ जाएगा. मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह नया अधिनियम दशकों पुराने 1961 के इनकम टैक्स एक्ट की जगह लेगा. वहीं, 1 अप्रैल से आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
HRA छूट का दायरा बढ़ानए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ किराए पर रहने वाले कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत लागू हो जाएगी. अब हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में मिलने वाली 50% तक की छूट का दायरा बढ़ा दिया जाएगा. पहले यह फायदा केवल दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे महानगरों तक सीमित था, लेकिन अब इसमें अहमदाबाद, बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे को भी शामिल कर लिया गया है. इन शहरों में रहने वाले नौकरीपेशा लोग अब अपनी बेसिक सैलरी के 50% तक HRA छूट का दावा कर सकेंगे. हालांकि, यह फायदा केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा जो पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) को चुनते हैं.
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नए लेबर कानून लागू हुए तो घट सकती है टेक-होम सैलरीअगर 1 अप्रैल से नए श्रम कानून (New Labour Code) लागू होते हैं, तो आपकी इन-हैंड सैलरी (हाथ में आने वाली सैलरी) पर असर पड़ सकता है. नए नियमों के तहत कंपनियों को कुल वेतन का कम से कम 50% बेसिक सैलरी के रूप में देना होगा. इससे कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) का योगदान बढ़ेगा. हाथ में आने वाली सैलरी घट सकती है, हालांकि रिटायरमेंट के लिए पहले से ज्यादा सेविंग्स हो सकती है.
ATM और UPI से कैश निकालना महंगा पड़ेगा!बैंकिंग से जुड़े नियमों में भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं. उदाहरण के तौर पर, HDFC Bank अब तय सीमा के बाद एटीएम से यूपीआई के जरिए कैश निकालने पर शुल्क वसूलेगा. 5 मुफ्त ट्रांजैक्शन के बाद हर बार एटीएम से पैसा निकालने पर 23 रुपये तक का चार्ज देना पड़ सकता है. वहीं, बंधन बैंक महानगरों में ग्राहकों को तीन और गैर-महानगरों में पांच मुफ्त लेनदेन की सुविधा देगा. पंजाब नेशनल बैंक ने 1 अप्रैल से चुनिंदा डेबिट कार्डों से कैश निकालने की सीमा को घटाने का फैसला लिया है. पहले जिन कार्डों से एक लाख रुपये तक की निकासी की जा सकती थी, अब उनकी सीमा कम कर दी जाएगी.
मिंट की एक रिपोर्ट बताती है कि एक अप्रैल से बीमा से जुड़े नियमों में भी बड़ा बदलाव हो सकता है है. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के मुताबिक अब 50 हजार रुपये से कम बीमा प्रीमियम पर भी आपको PAN देना जरूरी होगा.
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संपत्ति खरीदने पर पैन नहीं देना होगा20 लाख रुपये से कम कीमत की प्रॉपर्टी खरीदने या बेचने के लिए PAN की जरूरत खत्म हो जाएगी. यह बदलाव 1 अप्रैल 2026 से लागू हो सकता है. अभी नियम यह है कि अगर आप 10 लाख रुपये से ज्यादा की कीमत में मकान, फ्लैट या प्लॉट खरीदते या बेचते हैं तो उस लेनदेन में पैन नंबर देना जरूरी होता है.
पैन कार्ड बनवाने में बड़ा बदलावइकोनॉमिक टाइम्स की एक खबर बताती है कि 1 अप्रैल, 2026 से पैन कार्ड के लिए आवेदन करने के लिए अतिरिक्त कागज-पत्तर जरूरी होंगे. एक अप्रैल से आधार कार्ड के जरिए Instant e-PAN बनवाने की सुविधा खत्म कर दी जाएगी. नए नियमों के अनुसार पैन आवेदन के लिए आधार के साथ डेट ऑफ बर्थ का सर्टिफिकेट देना अनिवार्य होगा. इसके लिए जन्म प्रमाण पत्र, 10वीं की मार्कशीट या वोटर आईडी जैसे दस्तावेज मान्य होंगे. 1 अप्रैल, 2026 से पैन कार्ड पर आपका नाम वही होगा जो आपके आधार कार्ड पर है.
होटल-रेस्तरां बिल पर PAN नियम में राहत का प्रस्तावनए फाइनेंशियल ईयर से होटलों और रेस्तरां में बड़े लेनदेन को लेकर नियमों में बदलाव देखने को मिल सकता है. मौजूदा व्यवस्था के तहत 50,000 रुपये से ज्यादा के बिल के भुगतान पर PAN कार्ड देना अनिवार्य होता है. हालांकि, नए मसौदा नियमों में इस सीमा को बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने का प्रस्ताव है. यानी अगर यह बदलाव लागू होता है, तो 1 लाख तक के होटल और रेस्तरां बिल के भुगतान पर PAN देने की जरूरत नहीं होगी.
5 लाख से ज्यादा कीमत के वाहन खरीदने पर पैन जरूरीमोटर वाहन खरीदने में कुछ ढील दी गई है. नियमों के अनुसार, 5 लाख रुपये से ज्यादा कीमत के वाहनों की खरीद या बिक्री पर पैन (पैन ) विवरण देना अनिवार्य होगा. अभी मोटरसाइकिलों को छोड़कर सभी तरह के मोटर वाहन खरीदने में पैन विवरण देना अनिवार्य है.
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10 लाख से ज्यादा नकद लेन-देन पर पैन अनिवार्यनए वित्तीय वर्ष से यह प्रस्ताव किया गया है कि यदि आप एक वित्तीय वर्ष में कुल मिलाकर 10 लाख रुपये से ज्यादा बैंक खाते से निकालते हैं या जमा करते हैं तो पैन नंबर बताना अनिवार्य होगा. हालांकि, यदि लेनदेन का मूल्य 20 लाख से अधिक है, तो पैन का उल्लेख करना और उसका सत्यापन करना जरूरी है.
FASTag एनुअल पास महंगाफास्टैग (FASTag) यूजर्स के लिए भी नए वित्तीय वर्ष से खर्च बढ़ने वाला है. FASTag के सालाना पास की कीमत में 75 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. अब यह पास 3,000 से बढ़कर 3,075 रुपये हो जाएगा, जो 1 अप्रैल से लागू होगा. यूजर्स यात्रा ऐप या NHAI की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए रिचार्ज कर सकते हैं.
रेलवे टिकट रिफंड का नियम बदला1 अप्रैल से ट्रेन टिकट रद्द करने के नियम और सख्त होने जा रहे हैं. नए नियमों के तहत ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल करने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा. पहले यह समय सीमा 4 घंटे थी. इस बदलाव का सीधा असर उन यात्रियों पर पड़ेगा जो आखिरी समय में अपनी यात्रा रद्द करते हैं.
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