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दिल्ली में नई EV पॉलिसी के तहत सब्सिडी नहीं मिलेगी, अगर ये काम चूक गया

दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले मालिकों को सब्सिडी के लिए खुद आवेदन करना होगा. इसके लिए जल्द ही पोर्टल लॉन्च होगा. पुरानी ईवी पॉलिसी में जब लोग ईवी खरीदते थे तो सब्सिडी दिलाने में डीलर मदद करते थे.

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दिल्ली सरकार एक ईवी डैशबोर्ड भी तैयार कर रही है (फोटो क्रेडिट: Business Today)

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  • दिल्ली में नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2.0 लागू हुई है, जिसमें वाहन मालिकों को खरीद के बाद 30 दिनों के भीतर ऑनलाइन पोर्टल पर सब्सिडी के लिए आवेदन करना होगा।
  • नई नीति की पृष्ठभूमि में यह बदलाव है कि अब खरीददारों को स्वयं सब्सिडी के लिए आवेदन करना होगा, जबकि पुरानी नीति में डीलर इस प्रक्रिया में मदद करते थे।
  • इस नीति से वाहन मालिकों को सीधे बैंक खाते में सब्सिडी प्राप्त होगी और सरकार इस प्रक्रिया के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल और ईवी डैशबोर्ड विकसित कर रही है।

दिल्ली में नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2.0 (Delhi New EV Policy 2.0) लागू हो गई है. इलेक्ट्रिक व्हीकल की खरीद पर सब्सिडी का फायदा मिलेगा. लेकिन एक समयसीमा के अंदर. वाहन मालिकों को EV खरीदने के बाद रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) जारी होने के 30 दिनों के भीतर सब्सिडी के लिए आवेदन करना होगा. ये काम एक ऑनलाइन पोर्टल के जरिये होगा. अगर 30 दिन के अंदर आवेदन नहीं किया तो सब्सिडी मिलेगी या नहीं, ये पूरी तरह साफ नहीं है. 

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इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि यह पोर्टल एक हफ्ते के भीतर तैयार होने की उम्मीद है. इस पॉलिसी की एक खास बात ये है कि इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले मालिकों को खुद सब्सिडी के लिए आवेदन करना होगा. पुरानी ईवी पॉलिसी के तहत जब लोग ईवी खरीदते थे तो सब्सिडी के लिए एप्लीकेशन जमा करने में डीलर मदद करते थे.

दिल्ली सरकार का ट्रांसपोर्ट विभाग ये पोर्टल तैयार कर रहा है. रिपोर्ट में बताया गया है कि डीलरों को वाहन की बुकिंग के समय ग्राहकों को यह बताना होगा कि वे जिस इलेक्ट्रिक वाहन मॉडल को खरीद रहे हैं उस पर सब्सिडी है या नहीं. 

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दिल्ली में की नई ईवी पॉलिसी 1 जुलाई, 2026 से 31 मार्च, 2030 तक लागू रहेगी. एक वरिष्ठ अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने नीति को मंजूरी दे दी है. ईवी खरीदार पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराकर ऑनलाइन सब्सिडी का दावा कर सकेंगे. यह पैसा सीधे लाभार्थियों के आधार से जुड़े बैंक खातों में सीधे भेज दिया जाएगा."

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ईवी डैश बोर्ड तैयार हो रहा है

अधिकारियों ने कहा कि सरकार एक ईवी डैशबोर्ड भी डेवलप कर रही है. इसमें चार्जिंग स्टेशनों की जगह, चार्जिंग पॉइंट्स की संख्या, चार्जिंग क्षमता, वेटिंग टाइम और बैटरी-स्वैपिंग सुविधाएं के बारे में जानकारी दी जाएगी. 

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दिल्ली में फिलहाल 5,883 ईवी चार्जिंग स्टेशन, 8,912 चार्जिंग पॉइंट्स और 893 बैटरी स्वैपिंग स्टेशन हैं. सरकार की योजना इस साल के अंत तक लगभग 7,000 अतिरिक्त चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की है. आधिकारिक अनुमानों के मुताबिक, दिल्ली को कुल मिलाकर लगभग 36,150 चार्जिंग स्टेशनों की जरूरत है.

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