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ठंड में खूब घूमिए, बस कार के अंदर ये चीजें भूलकर भी मत छोड़िए

Winter Car Care Tips: गर्मी के मौसम में गाड़ी के अंदर कई सामानों को न रखने की सलाह दी जाती है. ऐसे ही कुछ नियम है, जो सर्दी के मौसम में भी लागू होते हैं. माने कि कुछ चीजें आपको गाड़ी के अंदर नहीं रखनी चाहिए. आज उन्हीं की बात करते हैं कि आपकी कड़ाके की ठंड में अपनी कार में क्या नहीं रखना चाहिए.

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कड़ाके की ठंड में कार में ये चीजें न रखें (फोट-Pexels)

बीते दिनों उत्तराखंड के नैनीताल से एक खबर आई. जहां कार में हीटर ऑन करके सोने की वजह से एक कैब ड्राइवर की मौत हो गई. बताया गया कि उसने ठंड से बचने के लिए कार के अंदर हीटर ऑन किया और खिड़कियां बंद कर सो गया. जिस वजह से दम घुटने से उसकी मौत हो गई. यह महज एक उदाहरण है ऐसी गलतियों का जो हम ठंड के मौसम में करते हैं. आपके साथ ऐसा नहीं हो इसलिए जान लीजिए कि ठंड में कार चलाते समय क्या नहीं करना है. 

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ठंड में ये चीजें कार में न रखें

ड्रिंक्स: कड़ाके की सर्दी खासकर बर्फीले इलाके में कार के अंदर सॉफ्ट ड्रिंक या बीयर रखना खतरनाक साबित हो सकता है. वाटर-बेस्ड लिक्विड जमने पर फैलते हैं, जिससे ये फट सकते हैं. कार के अंदर ऐसे समय में कोई व्यक्ति हुआ, तो उसे चोट पहुंच सकती है.

चश्मा: गर्मी के मौसम में चश्मे को डैशबोर्ड पर ना रखने की सलाह दी जाती है. क्योंकि गर्म तापमान की वजह से उसमें क्रैक आ सकता है. वैसे ही ठंड के मौसम में भी हो सकता है. चश्मे को ठंडी कार में छोड़ने से भी लेंस में दरार पड़ सकती है.

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दवाइयां: कार के अंदर दवा रखने में कोई मनाही नहीं. लेकिन कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि ज्यादा गर्मी और अत्यधिक सर्दी में कई दवाइयां की प्रभावशीलता कम हो सकती है. इसलिए उन्हें स्टेबल तापमान वाले कमरे में ही रखना चाहिए.

इलेक्ट्रॉनिक: कार या टैबलेट जैसे इलेक्ट्रॉनिक आइटम कड़ाके की ठंड में घंटों छोड़ने की गलती आपको नहीं करनी है. क्योंकि इसमें मौजूद लिथियम आयन बैटरी को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है.  

अंडे: कड़ाके की ठंड (बर्फीला इलाका) में कार के अंदर अंडा काफी देर तक रहने से वो जमकर फैल सकता है. जिससे उसका छिलका फट सकता है. पिघलने पर गंदगी हो सकती है. अगर जमे हुए अंडे फट जाए, तो उन्हें फेक देना चाहिए. क्योंकि उनका स्वाद बदल जाता है.  उनमें ताजगी नहीं बनी रहती. अगर कोई अंडा नहीं जमा है, तो उन्हें इस्तेमाल करने से पहले फ्रिज में रख दीजिए.

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सर्दी में गाड़ी की बैटरी जल्दी कम हो सकती है.

ये तो हुई बात कि आपको अपनी कार के अंदर क्या नहीं छोड़ना है. अब बात कुछ उन चीजों की भी कर लेते हैं, जो आपकी गाड़ी को ठंड में सुचारू रूप से चलने में मदद करेगी.

बैटरी: ठंड के मौसम में बैटरी एफिशिएंसी कम हो सकती है. इसलिए कोशिश करें कि ठंड के मौसम से पहले बैटरी की जांच करवा लें. उसके टर्मिनल को साफ रखें, कसकर बंद करें और जंग से बचाकर रखें. अगर आप गाड़ी रोजाना इस्तेमाल नहीं करते. गाड़ी काफी दिन खड़ी रहती है, तो बैटरी को डिस्चार्ज होने से बचाने के लिए ट्रिकल चार्जर का यूज कर सकते हैं. अगर हो सके, तो कार को घर के अंदर या अंडरग्राउंड पार्क करें. ताकि बैटरी को ठंड से बचाया जा सके.

इंजन ऑयल: तेल आप कोई सा भी इस्तेमाल करते हो. मगर सर्दियों के मौसम के लिए आपके ऑनर मैनुअल में लिखे विस्कोसिटी ग्रेड का इंजन ऑयल इस्तेमाल करने की कोशिश करें. दरअसल, ठंड के मौसम में इंजन ऑयल गाढ़ा हो जाता है, जिससे कोल्ड स्टार्ट करने में दिक्कत हो सकती है. इंजन में लुब्रिकेशन धीमा हो सकता है. अगर इंजन ऑयल गहरा या दानेदार दिखाई दें, तो उसे बदलवाने का समय आ गया है.

वाइपर: ठंड के मौसम में वाइपर की रबर हार्ड हो जाती है. जिसकी वजह से वाइपर के चलते समय विंडशील्ड पर धारियां बन सकती हैं. अगर आप ऐसी जगह रहते हैं. जहां बर्फबारी होती है, तो गाड़ी पार्क करते समय वाइपर को विंडशील्ड से ऊपर उठा लें. इससे ब्लेड शीशे पर चिपकेंगे नहीं. ये भी ध्यान दें कि वॉशर फ्लूइड नोजल जाम या जमे हुए न हों.

एक्सटीरियर: समय-समय पर गाड़ी के बाहरी और निचले हिस्से की जांच करते रहें. ताकि जंग का पता लग सके. अगर जंग का जल्द पता लग गया तो प्राइमर या स्पेशलाइज्ड स्प्रे से भारी नुकसान से बचा सकता है. अगर आप काफी नमी वाले इलाके में रहते हैं, तो कार के निचले हिस्से में एंटी-रस्ट कोटिंग भी करा सकते हैं. कोटिंग के बारे में और जानने के लिए नीचे दी गई खबर पर क्लिक कर सकते हैं.

एंटी रस्ट कोटिंग क्या सभी कारों के लिए जरूरी है, जंग से बचाने वाली ये कोटिंग कब करानी चाहिए?

एयरफ्लो: हीटर और डिफ्रॉस्टर की जांच कराएं. ये इंजन की गर्मी और HVAC सिस्टम (हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग) के AC कंप्रेसर का इस्तेमाल करके खिड़कियों को साफ करते हैं. ये भी देखें कि डिफ्रॉस्ट वेंट से गर्म हवा लगातार निकल रही हो. डिफ्रॉस्ट मोड में नमी हटाने के लिए AC अपने आप चालू हो जाता है. ये भी देखें कि डिफ्रॉस्ट मोड चुनने पर AC कंप्रेसर एक्टिव हो रहा है या नहीं. अगर रेफ्रिजरेंट कम हो या कंप्रेसर खराब हो, तो केबिन में नमी बनी रह सकती है.

कुछ इन टिप्स से आप दिल्ली की सर्दी और हिमाचल की बर्फ वाली कड़ाके की ठंड में भी अपनी कार को फिट रख सकते हैं. 

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