Ethanol Blended Petrol (EBP) या कहें E20 फ्यूल से गाड़ियों का माइलेज गिरता है. गाड़ी के इंजन में Knocking होती है माने इंजन में खटखटाहट होती है. E20 फ्यूल के चलते इन्श्योरेन्स कंपनियां क्लेम नहीं देती हैं. ये वो सवाल हैं जो पिछले कई महीनों से आम जनमानस के बीच तैर रहे हैं. केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने इनका जवाब दिया है.
E20 फ्यूल से जुड़े सवालों पर पेट्रोलियम मंत्री बोले, 'रेसिंग कार में भी हो रहा इस्तेमाल'
Ethanol Blended Petrol News: E20 फ्यूल से गाड़ियों के माइलेज, इंजन में टूटफूट, इन्श्योरेन्स क्लेम को लेकर दावों का दौर जारी है. इस पेट्रोल में मिलावट और गाड़ियों की सुरक्षा के सवाल पर केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने स्पष्टीकरण दिया है.


दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा,
“कुछ लोग कह रहे हैं कि फ्यूल माइलेज कम हो जाएगा. अब यह बात अच्छी तरह साबित हो चुकी है कि इथेनॉल का इस्तेमाल रेसिंग कारों में भी होता है. इससे गाड़ी की रफ़्तार पकड़ने की क्षमता (एक्सेलरेशन) बेहतर होती है. इसे क्या कहते हैं? नॉकिंग? नॉकिंग में भी सुधार होता है.माइलेज? हां, ये थोड़ा कम हो सकता है. लेकिन यह कई वजहों से थोड़ा कम हो सकता है”.
दूसरी बात, SIAM और ARAI समेत सभी स्टेकहोल्डर्स से बातचीत करने के बाद ही हम इस मुकाम पर पहुंचे हैं. फिर कोई कहता है, 'आपका इंश्योरेंस इसे कवर नहीं करेगा'. इंश्योरेंस कंपनियों ने पहले ही साफ़ कर दिया है कि ऐसी कोई समस्या नहीं है. लेकिन इस गलत बात को फैलाने से किसे फ़ायदा होता है? मैं कोई आरोप नहीं लगा रहा हूं, लेकिन एक बात बिल्कुल साफ़ होनी चाहिए कि भारत के बढ़ते कंज्यूमर मार्केट में सभी तरह की टेक्नोलॉजी के लिए जगह है. इलेक्ट्रिक गाड़ियों और बायोफ्यूल वाली गाड़ियों के लिए भी गुंजाइश है. अभी हम सिर्फ़ 20 प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडिंग पर हैं. अगर हम 20 प्रतिशत से 25 प्रतिशत पर जाते हैं, तो ऐसा सभी ज़रूरी टेस्ट पूरे होने के बाद ही होगा. हाइब्रिड गाड़ियों और CNG गाड़ियों के लिए भी काफ़ी गुंजाइश है.
मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियां भारी नुकसान का सामना कर रही हैं. पुरी ने कहा कि 30 जून तक की अवधि में, जब मिडिल ईस्ट में संघर्ष के कारण कच्चे तेल की वैश्विक कीमतें बढ़ गई थीं, तेल कंपनियों को पेट्रोल, डीज़ल और LPG को लागत से कम कीमत पर बेचने के कारण 74,781 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.
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ट्रांसपोर्ट मंत्री नितिन गडकरी ने पेट्रोल टंकी में चींटी लगने वाले वीडियो पर पत्रकार दीपक चौरसिया से उनके यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए कहा,
गन्ने से तो एल्कोहल भी बनता है. देसी-विदेशी दारू, ब्रांडी, व्हिस्की, रम बनती है. रम डालने के बाद मक्खी लगती है क्या? आपने कभी देखा है कि ब्रांडी, व्हिस्की, कि बोतल निकालकर डाली और मक्खी या चींटी आकर चिपकी.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वीडियो वायरल होने के बाद भारत पेट्रोलियम ने स्पष्ट किया था कि सोशल मीडिया पर चल रहे दावों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है.
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