कई कार कंपनियां इलेक्ट्रिक कारों (EV) पर लाइफ टाइम बैटरी वारंटी ऑफर कर रही हैं. अगर लाइफ टाइम का साथ नहीं तो 7 साल की वारंटी तो एकदम नॉर्मल है. अच्छी बात है, कम से कम 7 साल का साथ तो होना ही चाहिए. वैसे ये कोई बताने वाली बात नहीं है, फिर भी बता देते हैं कि लाइफ टाइम वारंटी कई सारी शर्तों के साथ आती है जिनका जिक्र गाड़ी सेल करते समय कतई नहीं होता. लेकिन क्या आपको इस बात का पता है कि आपकी ईवी में लगी एक छोटी सी खरोंच वारंटी उड़ा सकती है?
EV में लगा छोटू सा स्क्रैच बैटरी वारंटी खत्म कर देगा, कंपनियों का गेम समझें
गाड़ी की अंडर बॉडी में लगा छोटू सा, इत्तू सा स्क्रैच आपके वारंटी कवर (EV battery Warranty Reality) को हटा सकता है. कार कंपनी इसके बेस पर आपको वारंटी देने से इनकार कर सकती है. स्क्रैच को डैमेज मानकर मामला बीमा कंपनी की तरफ उछाला जा सकता है. बताते कैसे?


गाड़ी की अंडर बॉडी में लगा छोटू सा, इत्तू सा स्क्रैच आपके वारंटी कवर को हटा सकता है. कार कंपनी इसके बेस पर आपको वारंटी देने से इनकार कर सकती है. स्क्रैच को डैमेज मानकर मामला बीमा कंपनी की तरफ उछाला जा सकता है. बताते कैसे?
स्क्रैच मतलब डैमेजईवी में बैटरी सीट के नीचे लगी होती है क्योंकि इसको बहुत ज्यादा जगह की जरूरत होती है. इस अंडर बॉडी को सही तरीके से कवर भी किया जाता है. माने सड़क पर चलते हुए अगर गाड़ी स्पीड ब्रेकर या किसी और चीज से टकरा भी गई तो भी बैटरी सेफ रहेगी. लेकिन अगर ऐसा होने पर अंडर बॉडी पर कोई छोटी सी भी खरोंच आई तो कंपनी वारंटी नहीं देने वाली.
अंडर बॉडी का कवर हार्ड प्लास्टिक का होता है तो स्क्रैच तो लग ही सकता है. अब कोई नीचे झांककर देखता तो है नहीं लेकिन जब कभी रेंज कम होती है तो सर्विस सेंटर जाने पर इसका पता चलता है. कंपनी डैमेज बोलकर पल्ला झाड़ लेती है और बीमा कंपनी के पास भेजती है. बीमा कंपनी वाले कहते हैं कि गाड़ी का एक्सीडेंट ही नहीं हुआ तो हम काहे भुगतान करें. यूजर को लगते हैं झटके. GoIndia नाम के अकाउंट से ऐसे कई केस पोस्ट किए गए हैं.
वारंटी का गेम क्या है?नियम और शर्तों वाला खेल जो हमेशा से खेला जाता है. लेकिन ईवी में तो क्वालिटी का भी खेल है. वारंटी के साथ जो बहुत सारे नियम और शर्तें होती हैं, उनमें लिखा होता है कि फिजिकल डैमेज कवर नहीं होगा. वैसे तो फिजिकल डैमेज का मतलब जानकार तोड़फोड़ करना या पानी में डुबा देना होता है. लेकिन स्क्रैच को भी इसमें जोड़ लिया जाता है.

ईवी बनाने वाली कंपनियों ने भी यहां गेम किया हुआ है. प्रीमियम ईवी जैसे BYD, Kia EV 6 में अंडर बॉडी केसिंग बहुत मजबूत है. मिड साइज ईवी जैसे टाटा Nexon, Hyundai Creta EV, महिंद्रा XEV में भी मजबूत कवर दिया गया है. माने इसमें आसानी से खरोंच नहीं आती है. लेकिन एंट्री लेवल ईवी, माने जो 10 लाख के अल्ले-पल्ले आती हैं, उनमें केसिंग का केस बड़ा कमजोर है.
अब दोनों की कंडीशन में आप ज्यादा कुछ नहीं कर सकते क्योंकि कंपनियां तो नियम और शर्तों का दरेरा देंगी. आप ही संभलकर चला लीजिए.
वीडियो: संजय दत्त स्टारर 'आखिरी सवाल' को सेंसर बोर्ड ने क्यों नहीं किया पास?






















