E20 फ्यूल की वजह से 2023 से पहली की गाड़ियों का बीमा रिजेक्ट नहीं होगा. आप एकदम सही पकड़े. हम ICICI Lombard के उस ब्लॉग की बात कर रहे जिसने पब्लिक में भय का माहौल बना दिया था. जब इस मामले पर बहुत 'तेल' बहा तो कंपनी ने अपनी सफाई दी कि E-20 फ्यूल के इस्तेमाल के बावजूद मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी पूरी तरह से मान्य रहेंगी. ICICI का चैप्टर अभी के लिए ओवर. लेकिन इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं कि आप अपनी गाड़ी के साथ कुछ भी करोगे और कंपनियां क्लेम सेटल करती रहेंगी (Car Insurance Claim Rejection Reasons).
E20 फ्यूल से पहले ये गलतियां आपकी गाड़ी का बीमा कैंसिल करवा देंगी
E20 फ्यूल की वजह से आपका बीमा क्लेम भले रिजेक्ट नहीं होगा, मगर ऐसे कई सारे कारण (Car Insurance Claim Rejection Reasons) हैं जिनकी वजह से आपका इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट हो सकता है. यकीन मानिए इनमें से ज्यादातर में आपकी गलती होगी. कुछ कारण हम आपको बता देते हैं ताकि आपका सफर अंग्रेजी के suffer में नहीं बदले.


ऐसे कई सारे कारण हैं जिनकी वजह से आपका इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट हो सकता है. यकीन मानिए इनमें से ज्यादातर में आपकी गलती होगी. कुछ कारण हम आपको बता देते हैं ताकि आपका सफर अंग्रेजी के suffer में नहीं बदले.
चक्के का चक्करगाड़ी में जो चक्के लगकर आए हैं वो गाड़ी के हिसाब से बने हैं. आपने रौला जमाने के लिए 17 इंच के टायर की जगह 20 इंच वाले लगवा लिए और अगर उस वजह से कोई डैमेज हुआ तो फिर बीमा कंपनी चक्कर पर चक्कर लगवाने के बाद भी क्लेम नहीं देने वाली.
‘फैंटम’ बनने के लिए या अनजाने में भी आपने गाड़ी गहरे पानी में उतार दी, ये सोचकर कि अपने पास तो बीमा है. इसके चक्कर में अगर इंजन गया तो फिर बीमा भूल जाना. नॉर्मल बीमा में इंजन नॉर्मल तरीके से खराब होने पर कवर मिलता है. बाढ़ के पानी से नहीं. इसके लिए अलग से इंजन प्रोटेक्शन कवर लेना होता है.

एक दिन मन किया कि यार मजा नहीं आ रहा. चलो गाड़ी पेंट करवाते हैं. आपने गाड़ी तो पेंट करवा ली, लेकिन उसके बाद बीमा क्लेम भूल जाइए. वैसे भी बिना RTO की इजाजत के कलर बदलवाना अपराध है. अब आपके अपराध में बीमा कंपनी भागीदार बनने से रही.
'गाड़ी तेरा भाई चलाएगा'टल्ली होकर आपने या आपके दोस्त ने गाड़ी चलाई तो बीमा भूल जाइए. मगर याद रखिए कि इसकी वजह से जेल की चक्की जरूर पींसनी पड़ेगी. शराब के अलावा किसी और किस्म के नशे में भी गाड़ी चलाने पर क्लेम नहीं मिलने वाला.
गाड़ी में किसी भी किस्म का मोडिफिकेशन माने फैक्ट्री से आई गाड़ी में बदलाव बीमा क्लेम को रिजेक्ट करवा सकता है. जैसे तय सीमा से ज्यादा ताकत वाली लाइट या फिर स्टाइल वाले दरवाजे. ये सब गैरकानूनी है. गाड़ी चालक का ड्राइविंग लाइसेंस नहीं होना, लापरवाही से गाड़ी चलाना, बीमा कंपनी को बताए बिना गाड़ी को रिपेयर करवाना भी बीमा क्लेम के रिजेक्ट होने की वजह बन सकता है.
Consequential Damageये सबसे ज्यादा जरूरी पॉइंट है. इसके मुताबिक अगर गाड़ियों में ऐसा कोई नुकसान होता है जो सामने से नहीं दिखता तो वो कवर नहीं होगा या हो सकता है. माने ऐसा कोई नुकसान हो जंग लगने या फिर किसी पार्ट्स के किसी और वजह से खराब होने से हुआ तो क्लेम नहीं मिलेगा. आप समझ ही गए होंगे किस बारे में बात हो रही.
वैसे ICICI Lombard की पॉलिसी में अभी ये भी साफ नहीं कि E20 से होने वाले नुकसान को कवर किया जाएगा या नहीं.
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