The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Sports
  • When MS Dhoni chose Yusuf Pathan over Suresh Raina in World Cup

वर्ल्ड कप फाइनल में डेब्यू करने वाला इकलौता भारतीय, जिसके लिए धोनी ने गज़ब कर दिया!

शेन वॉर्न ने इनको सज़ा भी दी थी.

Advertisement
Team India - Dhoni, Shane Warne, Mohd Kaif
टीम इंडिया-धोनी
pic
गरिमा भारद्वाज
17 नवंबर 2022 (अपडेटेड: 18 नवंबर 2022, 02:06 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share
Image embed

वसीम अकरम, पूर्व KKR कोच

यूसुफ पठान. बड़ौदा का वो खिलाड़ी, जिसके सबसे ज्यादा फ़ैन्स बंगाल और राजस्थान में हैं. इन दो राज्यों में ज्यादा इसलिए, क्योंकि IPL के सबसे पहले एडिशन में यूसुफ ने राजस्थान को और फिर दो बार KKR को चैम्पियन बनाया.

यूसुफ ने टीम के लिए खूब विस्फोटक पारियां खेली, विकेट्स निकाले, फाइनल मुकाबलों में परफॉर्म भी किया. तभी तो साल 2015 में वसीम अकरम ने उनके लिए ऊपर लिखी बात कही थी. और हम ये सारी बात आज क्यों कर रहे हैं? क्योंकि आज यूसुफ का जन्मदिन. यूसुफ 17 नवंबर 1982 को पैदा हुए थे. तो चलिए आपको इनसे जुड़े कुछ क़िस्से सुनाते हैं. और इन क़िस्सों में कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को भी क्रेडिट जाएगा.

# यूसुफ गेंदबाजी कर रहे हैं?

ये क़िस्सा साल 2008 का है. जो कि मोहम्मद कैफ ने शेन वॉर्न के जाने पर स्पोर्ट्सकीड़ा को सुनाया था. कैफ ने राजस्थान रॉयल्स और डेक्कन चार्जर्स के मैच का ज़िक्र किया था. कैफ, शेन वॉर्न, यूसुफ पठान तीनों राजस्थान के खिलाड़ी थे. और एडम गिलक्रिस्ट डेक्कन के कप्तान और उनके लिए ओपन करने आते थे.

Image embed
फोटो - शेन वॉर्न, मोहम्मद कैफ 

 मैच शुरू हुआ तो शेन वॉर्न ने नई गेंद यूसुफ को दे दी थी. इसके बारे में बताते हुए कैफ बोले,

Image embed

# जब वॉर्न ने यूसुफ को पैदल होटल दौड़ा दिया!

यूसुफ साल 2008 से लेकर 2010 तक राजस्थान के खेमे में रहे थे. पहले एडिशन के फाइनल मैच में उन्होंने टीम के लिए मैच जिताने वाली 56 रन की पारी खेली थी. लेकिन क्या आप जानते हैं, इस एडिशन में एक दफ़ा शेन वॉर्न ने यूसुफ को सज़ा दी थी.

दरअसल, हुआ ये कि रविंद्र जडेजा और पठान समेत टीम के कुछ खिलाड़ी शेन वॉर्न की पूल सेशन की बात समझ नहीं पाए थे. और फिर उन्हें इसका नुकसान उठाना पड़ा. इस क़िस्से के बारे में बताते हुए क्रिकट्रैकर से यूसुफ ने कहा,

Image embed

# इंडिया वर्सेज़ पाक के फाइनल में डेब्यू

वर्ल्ड कप. टीम इंडिया ने इन टोटल कुल तीन वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीती है. दो वनडे और एक T20 फॉर्मेट वाली. और वर्ल्ड कप में हमारी टीम कितनी पुरानी सोच में चली जाती है, ये तो हम सबको पता ही है. इन टूर्नामेंट्स में मैनेजमेंट फॉर्म से ज्यादा एक्सपीरियंस के पीछे दौड़ पड़ते है. खैर, यहां रैंट ना करते हुए यूसुफ पर लौटते हैं.

और बात इसी पुरानी सोच से उठाते है. टीम इंडिया ने जब भी वर्ल्ड कप जीता है उस दौरान किसी नए खिलाड़ी का फाइनल में डेब्यू नहीं हुआ, एक को छोड़कर ... यूसुफ पठान. ये रिस्क महेंद्र सिंह धोनी ने लिया था. और वो भी 2007 T20 वर्ल्ड कप के फाइनल मैच में. जो कि इंडिया और पाकिस्तान के बीच हुआ था.

इस मुकाबले में यूसुफ ने इंडिया के लिए ओपनिंग की. इंडिया–पाक मैच में दोनों देशों की सांसें ऊपर-नीचे होती हैं. वैसे तो यूसुफ कहते हैं, कि उनका कॉन्फिडेंस हाई रहता है. लेकिन शायद इस मैच की शुरुआत में उनका कॉन्फिडेंस भी हिला ही होगा. और बची-खुची कसर पहली गेंद ने पूरी कर दी होगी. जब वो शोएब मलिक के हाथों रन आउट होने से बचे.

Image embed
फोटो - युूसूफ पठान 

उसके बाद यूसुफ, बैक टू यूसुफ हुए. तब उन्होंने पाकिस्तान के सबसे बड़े गेंदबाज मोहम्मद आसिफ़ को स्ट्रेट छक्का जड़कर, उनका सारा खौफ़ ही भगा दिया. इसके बाद यूसुफ की पारी में एक और चौका गया. और फिर ये छोटा सा, 15 रन का कैमियो खत्म हो गया. उनका कैच शोएब मलिक ने ही पकड़ा था.

# 2011 में रैना के ऊपर यूसुफ

और ऐसा ही कुछ महेंद्र सिंह धोनी ने साल 2011 के वर्ल्ड कप में भी किया था. इस वर्ल्ड कप में टीम इंडिया के मिडल ऑर्डर बल्लेबाज सुरेश रैना अच्छी फॉर्म में नहीं थे. शॉर्ट बॉल के सामने लगातार फेल हो रहे थे. ऐसे में धोनी ने रैना के ऊपर यूसुफ को रखा.

यूसुफ ने टीम के लिए कभी नंबर तीन, कभी चार, कभी पांच तो कभी सात पर बल्लेबाजी की. एक-आध मैच में उनका स्ट्राइक रेट और इंटेट तो कमाल का रहा. लेकिन वो बड़ी पारी नहीं खेल पाए. गेंदबाजी में भी उन्होंने कुछ शानदार स्पेल डाले, लेकिन विकेट का कॉलम भी इतना भरा–पूरा नहीं रहा. जिसके बाद रैना की टीम में वापसी हुई. और यूसुफ का करियर कुछ और सीजंस के बाद खत्म हो गया.

रमीज़ राजा पर बोलना कामरान अकमल को बड़ा महंगा पड़ गया!

Advertisement

Advertisement

()