क़िस्सा उस 'बेईमानी' का, जो अंग्रेजों को समझ आते ही आर्ट बन गई!
'चीटिंग करता है.'

ऐसा कहना है इंग्लिश स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट मार्टिन जॉनसन का. मार्टिन ने ऐसा साल 1992 में हुई पाकिस्तान-इंग्लैंड सीरीज़ के बाद कहा था. वो सीरीज़ जिसमें खूब बवाल कटा था. इंग्लैंड के गेंदबाज पाकिस्तानियों की रिवर्स स्विंग को समझ ही नहीं पा रहे थे.
और जैसा कि गंगा किनारे वाले बच्चन पांडेय जी कहते थे- जो बात हमारी समझ नहीं आती, उसे हम बेइज्जती समझते हैं. और हमारे अंग्रेज बच्चन जैसे गैंगस्टर से कम हैं के? तो बस, उन्होंने इसी लीक पर चलते हुए पाकिस्तानियों पर चीटिंग के आरोप लगा दिए. ये अलग बात है कि इन्होंने बाद में खुद इसी तरीके से बोलिंग करते हुए साल 2005 की एशेज़ सीरीज़ अपने नाम कर ली.
लेकिन एशेज़ से हमको क्या, हम तो आपको पाकिस्तान वाला क़िस्सा सुनाते हैं. और आज ये क़िस्सा इसलिए क्योंकि जिन पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर इंग्लिश खिलाड़ियों ने आरोप लगाए थे, 16 नवंबर को उनमें से एक का जन्मदिन है. और उसी खिलाड़ी ने वर्ल्ड मैप पर रिवर्स स्विंग को नई पहचान दी थी. जी हां, वकार युनूस. पूर्व पाकिस्तानी कप्तान, एक समय के घातक पेसर और इसी टीम के पूर्व बोलिंग कोच. तो चलिए अब इस क़िस्से को शुरु से सुनाते है.
# इंग्लिश समर में जब रो गए अंग्रेज!ये बात है साल 1992 की. ठहरिए, हम वर्ल्ड कप से जुड़ा कोई क़िस्सा नहीं सुना रहे है. और आप शायद अब तक इस साल के बारे में इतना सुनकर काफी बोर भी हो गए. खैर, अब ये तो आपको पता ही है कि इसी साल की 25 मार्च को पाकिस्तान ने इंग्लैंड को हराकर वर्ल्ड कप अपने नाम किया था.
ठीक, अब हम अपने क़िस्से पर आते है. वर्ल्ड कप के क़रीब एक महीने बाद पाकिस्तान की टीम इंग्लैंड पहुंची. उनके साथ द्विपक्षीय सीरीज़ खेलने. इस सीरीज़ में पाकिस्तान ने पांच टेस्ट और पांच वनडे मुकाबले खेले.
और इस टूर की सबसे खास बात रही पाकिस्तान की 2-1 से जीत. यानी पाकिस्तान ने इंग्लैंड में जाकर इंग्लैड को धो दिया. अब ऐसा हो, और इंग्लैंड रोए ना, संभव है क्या? आसान-सा जवाब है, नहीं. तो बस, इंग्लैंड ने पाकिस्तानी बोलर्स पर चीटिंग करने का आरोप लगा दिया.
इसके पीछे की वजह ये थी कि वो वकार यूनुस और वसीम अकरम की रिवर्स स्विंग को नहीं खेल पा रहे थे. पूरी सीरीज़ में इंग्लैंड के ओपनर्स ने शुरुआत ठीक-ठाक दी थी. लेकिन उनका मिडल ऑर्डर बुरी तरह से फेल हो रहा था. गेंदबाज वकार और वसीम की गेंदबाजी को समझ ही नहीं पा रहे थे.
इन दोनों गेंदबाजों ने मिलकर 43 विकेट निकाले. और उस समय ये रिवर्स स्विंग वाला कॉन्सेप्ट भी बहुत पुराना नहीं हुआ था. और शायद इसीलिए अंग्रेज खिलाड़ियों ने इस हार का ठीकरा गेंदबाजी के इस तरीके पर फोड़ते हुए, पाकिस्तान पर चीटिंग का आरोप लगा दिया.
एक दफ़ा तो वकार यूनुस पर इस चक्कर में फाइन भी लग गया. और वनडे सीरीज़ में इस मुद्दे पर बोलना एक अंग्रेज़ खिलाड़ी का करियर भी खा गया था. दरअसल, हुआ ये कि लॉर्ड्स में हुए वनडे मैच में मैच ऑफिशल्स ने बॉल को एकदम से चेंज कर दिया था.
उनको लगा कि बॉल के साथ छेड़छाड़ हुई है. और बाद में इसी पर एलन लैम्ब ने मिरर (Mirror) से बात की. उन्होंने पाकिस्तान पर आरोप लगाते हुए लिखा कि, ‘कैसे पाकिस्तान क्रिकेट में चीटिंग करता है’. ये इंटरव्यू बाहर आते ही पाकिस्तानी गेंदबाज सरफ़राज़ नवाज़ ने लैम्ब पर मुकदमा कर दिया.
इंग्लिश क्रिकेट बोर्ड ने लैम्ब पर 5000 पाउंड का फाइन लगाया. और इसके साथ ही उनका करियर भी खत्म हो गया.
# तभी आई थी क्या रिवर्स स्विंग?अब आपको बताते हैं, जिस रिवर्स स्विंग के लिए इंग्लिश खिलाड़ी इतना रो रहे थे. वो पाकिस्तानी एक साल पहले से ही उनके देश में कर रहे थे. वकार यूनुस, वसीम अकरम, आकिब जावेद तीनों काउंटी क्रिकेट खेला करते थे. अपनी अपनी टीम सरी, लेंकशर और हैम्पशा के लिए.
साल 1991 के इसी टूर्नामेंट में वकार युनूस ने एक शानदार स्पेल भी डाला था. ग्लोस्टशॉ के खिलाफ. सरी के साथ हुए मैच में ग्लोस्टशॉ ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी थी. उनके ओपनर्स ने शानदार शतकीय साझेदारी की. लेकिन लंच तक, टीम का स्कोर 105 पर शून्य से 160 पर छह हो गया. इसमें वकार यूनुस ने चार विकेट निकाले थे.
# कॉपी करता है!अब अंग्रेज़ों की एक बात और बताते है. अंग्रेज खिलाड़ी कितनी ही शिकायत करें. लेकिन जब उनको तरीके पता चल जाते है, तो वो आर्ट बन जाता है. साल 2005 की एशेज़ सीरीज़ में यही हुआ. इंग्लिश गेंदबाजों ने गेंद को खूब रिवर्स स्विंग करवाया.
इस पर पूर्व वर्ल्ड कप विनिंग कप्तान इमरान खान ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा,
इमरान के साथ वसीम अकरम ने भी इस मुद्दे पर AFP से बात की थी. उन्होंने कहा,
इंग्लिश क्रिकेट का ये दोहरा चरित्र कुछ नया नहीं है. लेकिन अब हम स्टोरी के अंत में आ गए है तो आपको एक छोटा-सा मज़ेदार क़िस्सा और सुनाते हुए चलते है. ये बात भी साल 1992 वाली इसी सीरीज़ के पांचवें टेस्ट मैच की है.
मैच के तीसरे दिन, चाय के बाद, वकार यूनुस ने तय कर लिया कि वो रॉबिन स्मिथ को जख्मी कर के ही रहेंगे. स्मिथ इससे हैरान हो गए, क्योंकि वकार मैच से पहले उनसे हंसकर मुलाकात करते. और उर्दू में एक-आध शब्द भी कहते थे. विस्डन के अनुसार, स्मिथ को बहुत बाद में पता चला कि वकार हंसते हुए उन्हें हर रोज गाली देते थे.
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