भारत-पाकिस्तान मैच का ये किस्सा आपने शायद ही सुना होगा!
ये किस्सा है 2011 में हुए विश्व कप सेमी फाइनल का. जब भारत और पाकिस्तान का हाईवोल्टेज मुकाबला मोहाली में हुआ था, एक पारी के बाद भारतीय टीम के सामने क्या प्रॉब्लम आ गई थी?

क्रिकेट विश्वकप शुरू हो चुका है, आप कहेंगे अब ये कौन सी बताने वाली बात है. तो हम कहेंगे बताने वाली बात ये है कि लल्लनटॉप पर विश्व कप को लेकर एक नया शो शुरू हुआ है. नाम है 'क्रिकेट शो'. इसमें वरिष्ठ क्रिकेटर और खेल के जानकार आते हैं और विश्वकप पर बात करते हैं. कौन जीत सकता है और किसके हारने की आशंका है? ये तो शो में बताते ही हैं, साथ ही कई बढ़िया-बढ़िया किस्से भी सुनाते हैं. ऐसे किस्से जो हमने-आपने शायद ही पहले सुने होंगे. इस शो में इस बार आए थे दुनिया के दो बड़े पत्रकार. राजदीप सरदेसाई और भारत सुंदरेसन. इन्होंने ऐसे-ऐसे किस्से सुनाए कसम से मजा आ गया. इनमें से एक किस्सा आज आपको सुनाते हैं. किस्सा है 2011 में हुए विश्व कप के सेमी फाइनल मुकाबले का. क्या जबरदस्त मुकाबला हुआ था मोहाली के मैदान पर, भारत और पाकिस्तान के बीच. इस मैच में भारतीय टीम के साथ ड्रेसिंग रूम में कुछ ऐसा हुआ था जो शायद ही आपको पता हो.
जब खाने ने टेंशन पैदा कर दीलल्लनटॉप के ‘क्रिकेट शो’ में भारत सुंदरेसन से सवाल हुआ कि इस समय की भारतीय टीम में और साल 2011 में विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम में क्या अंतर देखते हैं? इसी सवाल का जवाब देते हुए भारत सुंदरेसन ने कहा,
'2011 के वर्ल्ड कप में एक बड़ा फैक्टर सचिन तेंदुलकर भी थे. सभी जानते थे कि वो उनका आखिरी विश्व कप है. महेंद्र सिंह धोनी और अन्य खिलाड़ियों के अंदर ये भावना भी थी कि सचिन के लिए ये विश्व कप जीतना है, क्योंकि ये उनका लास्ट चान्स है. ये बात उस वर्ल्ड कप में खेमे को और ज्यादा मोटिवेट करने वाली थी.'
सुंदरेसन ने इसी दौरान 2011 के विश्व कप का एक किस्सा सुनाया.
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सुंदरेसन आगे बोले,
'सचिन तेंदुलकर ने उस विश्व कप में मैदान के अंदर और बाहर बड़ी भूमिका निभाई थी. मुझे याद है कि मोहाली में विश्व कप का सेमी फाइनल मैच था. एक तो ये विश्व कप का सेमी फाइनल मुकाबला था, ऊपर से मैच था पाकिस्तान से. खिलाड़ियों पर अच्छा खासा प्रेशर था. मैच की एक पारी होने के बाद खाना आना था, जो खिलाड़ियों को खाना था. लेकिन, बहुत ज्यादा टाइट सिक्योरिटी के चलते समय पर नहीं आ सका. अब खिलाड़ियों को मैदान पर पहुंचना था, इससे कुछ खिलाड़ी टेंशन में थे. उनका कहना था कि खाना खाया नहीं अब इतने बड़े मैच में कैसे मैदान पर खेलेंगे. नेचुरल है ऐसे मौके पर ऐसी घबराहट होना.'

भारत सुंदरेसन के मुताबिक इसके बाद सचिन तेंदुलकर को ये बात पता चली. उन्होंने खिलाड़ियों को समझाया कि उन्हें अपना फोकस मैच पर रखना है. वो सब यहां मैच खेलने आए हैं ना कि खाने के लिए. इसके बाद खिलाड़ियों की घबराहट दूर हुई और फिर सभी ने ग्राउंड पर जाकर बेहतरीन प्रदर्शन किया और मुकाबला भारत को जितवा दिया.
भारत सुंदरेसन के मुताबिक 2011 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम में सचिन तेंदुलकर जैसे सीनियर प्लेयर का होना पूरे टूर्नामेंट में टीम के लिए बहुत फायदेमंद साबित हुआ. इसके अलावा महेंद्र सिंह धोनी जैसा कप्तान भी था. कुल मिलाकर वो भारतीय टीम बहुत शानदार थी. हालांकि, सुंदरेसन ने 2023 विश्व कप खेल रही भारतीय टीम को भी एक बेहतर टीम बताया है. उनके मुताबिक इस टीम के भी टूर्नामेंट जीतने के अच्छे चान्स हैं.
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