कहां गायब है वो इंडियन बॉलर जिसने नौवें नंबर पर आकर शतक मारा था
ऐसा करने वाला पहला इंडियन क्रिकेटर है.
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ऐसा कारनामा करने वाले वो पहले भारतीय हैं.
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2016 का इंग्लैंड का भारत का दौरा. 5 टेस्ट मैच खेले गए. 12 दिसंबर 2016. मुंबई में चौथा टेस्ट ख़त्म हो चुका था. रिज़ल्ट था इंडिया पारी और 36 रन से जीत गई थी. एक ऐसा मैच जीत चुकी थी, जो तीसरे दिन चाय के समय तक लग रहा था कि पक्का ड्रॉ होगा. लेकिन फिर विराट कोहली ने एक नए-नवेले खिलाड़ी के साथ मिलकर मैच पलट दिया. नौवें नंबर पर बैटिंग करने उतरे उस क्रिकेटर का नाम था जयंत यादव.

जयंत यादव, पहली ही टेस्ट सीरीज़ में रिकॉर्ड बना दिया.
जयंत यादव टीम में बॉलर की हैसियत से थे. ऑफ स्पिनर थे. लेकिन जैसा कि क्रिकेट के नए दौर में बॉलर्स की बैटिंग साइड भी स्ट्रॉन्ग रहने लगी है, उनकी भी थी. जब वो बैटिंग करने आए तब इंग्लैंड के 400 रनों के जवाब में इंडिया का स्कोर था 7 विकेट पर 364 रन. मैच का ड्रॉ होना तय सा लग रहा था. फिर वो जम गए. दूसरे छोर पर विराट कोहली थे. दोनों ने मिलकर 8वें विकेट के लिए 241 रन जोड़ डाले. ये वर्ल्ड में सेकंड हाईएस्ट था.
जयंत ने 104 रन बनाए. 204 गेंदों में. 15 चौकों के साथ. ये उनका पहला और अब तक का इकलौता टेस्ट शतक है. जब जयंत आउट हुए तब टीम इंडिया 600 का आंकड़ा पार कर चुकी थी. जीत की उम्मीद बन चुकी थी. ऐसा हुआ भी. दूसरी पारी में इंग्लैंड 195 रनों पर ढह गई. इंडिया ने मैच पारी और 36 रनों से जीता.

241 रन की पार्टनरशिप.
वो टेस्ट सीरीज जयंत का ड्रीम डेब्यू थी. हालांकि वन डे में वो एक महीना पहले ही डेब्यू कर चुके थे. न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़. वो उनका आजतक का इकलौता वन डे मैच है. इंग्लैंड के खिलाफ़ पांच मैच की सीरीज़ के दूसरे मैच में उन्होंने टीम इंडिया की कैप पहनी. अगले तीन टेस्ट में उनके नाम के आगे 9 विकेट और 221 रन लिखे जा चुके थे. लगभग 74 की औसत से उन्होंने ये रन बनाए थे. फिर पांचवे मैच से पहले उन्हें हैमस्ट्रिंग इंजरी हो गई और टीम से बाहर होना पड़ा.
उसके बाद उन्हें लगभग ढाई महीने बाद मैदान पर देखा गया. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ पुणे में पहले टेस्ट मैच के लिए उन्हें चुना गया. वो उनका आख़िरी मैच साबित हुआ. उस मैच में उनका प्रदर्शन कुछ ख़ास नहीं रहा. दोनों पारियों में मिलकर उन्होंने महज़ सात रन बनाए और दो विकेट लिए. उसके बाद उन्हें फिर नहीं चुना गया. IPL में दिल्ली डेयरडेविल्स की ओर से उन्होंने 2 मई 2017 को आख़िरी मैच खेला. उसके बाद से उनकी कोई खोज-ख़बर नहीं है.
टीम इंडिया में अश्विन-जडेजा की पक्की जगह और कुलदीप यादव-यजुवेंद्र चहल जैसे ऑप्शन्स की बदौलत जयंत का लौटना और भी मुश्किल हो गया है. लेकिन जब तक सांस, तब तक आस. जयंत हाल ही में ईरानी कप में खेलते नज़र आए थे. फाइनल में उन्होंने उम्दा पारी भी खेली. शतक बनाने से महज़ चार रनों से चूक गए.
आगे के सफ़र के लिए जयंत को शुभकामनाएं.

जयंत यादव, पहली ही टेस्ट सीरीज़ में रिकॉर्ड बना दिया.
जयंत यादव टीम में बॉलर की हैसियत से थे. ऑफ स्पिनर थे. लेकिन जैसा कि क्रिकेट के नए दौर में बॉलर्स की बैटिंग साइड भी स्ट्रॉन्ग रहने लगी है, उनकी भी थी. जब वो बैटिंग करने आए तब इंग्लैंड के 400 रनों के जवाब में इंडिया का स्कोर था 7 विकेट पर 364 रन. मैच का ड्रॉ होना तय सा लग रहा था. फिर वो जम गए. दूसरे छोर पर विराट कोहली थे. दोनों ने मिलकर 8वें विकेट के लिए 241 रन जोड़ डाले. ये वर्ल्ड में सेकंड हाईएस्ट था.
जयंत ने 104 रन बनाए. 204 गेंदों में. 15 चौकों के साथ. ये उनका पहला और अब तक का इकलौता टेस्ट शतक है. जब जयंत आउट हुए तब टीम इंडिया 600 का आंकड़ा पार कर चुकी थी. जीत की उम्मीद बन चुकी थी. ऐसा हुआ भी. दूसरी पारी में इंग्लैंड 195 रनों पर ढह गई. इंडिया ने मैच पारी और 36 रनों से जीता.

241 रन की पार्टनरशिप.
वो टेस्ट सीरीज जयंत का ड्रीम डेब्यू थी. हालांकि वन डे में वो एक महीना पहले ही डेब्यू कर चुके थे. न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़. वो उनका आजतक का इकलौता वन डे मैच है. इंग्लैंड के खिलाफ़ पांच मैच की सीरीज़ के दूसरे मैच में उन्होंने टीम इंडिया की कैप पहनी. अगले तीन टेस्ट में उनके नाम के आगे 9 विकेट और 221 रन लिखे जा चुके थे. लगभग 74 की औसत से उन्होंने ये रन बनाए थे. फिर पांचवे मैच से पहले उन्हें हैमस्ट्रिंग इंजरी हो गई और टीम से बाहर होना पड़ा.
उसके बाद उन्हें लगभग ढाई महीने बाद मैदान पर देखा गया. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ पुणे में पहले टेस्ट मैच के लिए उन्हें चुना गया. वो उनका आख़िरी मैच साबित हुआ. उस मैच में उनका प्रदर्शन कुछ ख़ास नहीं रहा. दोनों पारियों में मिलकर उन्होंने महज़ सात रन बनाए और दो विकेट लिए. उसके बाद उन्हें फिर नहीं चुना गया. IPL में दिल्ली डेयरडेविल्स की ओर से उन्होंने 2 मई 2017 को आख़िरी मैच खेला. उसके बाद से उनकी कोई खोज-ख़बर नहीं है.
टीम इंडिया में अश्विन-जडेजा की पक्की जगह और कुलदीप यादव-यजुवेंद्र चहल जैसे ऑप्शन्स की बदौलत जयंत का लौटना और भी मुश्किल हो गया है. लेकिन जब तक सांस, तब तक आस. जयंत हाल ही में ईरानी कप में खेलते नज़र आए थे. फाइनल में उन्होंने उम्दा पारी भी खेली. शतक बनाने से महज़ चार रनों से चूक गए.
आगे के सफ़र के लिए जयंत को शुभकामनाएं.
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