Submit your post

रोजाना लल्लनटॉप न्यूज चिट्ठी पाने के लिए अपना ईमेल आईडी बताएं !

Follow Us

वो इंडियन खिलाड़ी जिसने अरब सागर में छक्का मारा था

21.33 K
शेयर्स

1985 में एक फ़िल्म आई जिसका नाम था ‘कभी अजनबी थे’. अगर आपने इस फ़िल्म का नाम नहीं सुना तो हैरान मत होइएगा. इस फिल्म की विकिपीडिया पर भी कोई एंट्री नहीं है. फिल्म के हीरो थे संदीप पाटिल. पाटिल एक्टर नहीं थे मगर उनके अंदर के स्टार को इस ऑफर ने जीत लिया. फिल्म के एक साल पहले भारत का वेस्टइंडीज़ दौरा था. इस सीरीज़ के एक महीने बाद वर्ल्ड कप शुरू होना था. वो वर्ल्ड कप जिसने पूरे इंडिया को क्रिकेट के लिए पागल बना दिया. वो वर्ल्ड कप जिसकी हाइलाइट्स आप अब भी हर वर्ल्ड कप से पहले देखते हैं. जब क्रिकेट में लौटे तो वो जादू कहीं गुम हो गया. कुछ ऐसे ही मस्तमौला उड़ाऊ क़िस्म की पर्सनाल्टी रहे हैं वो.


वो बैट नहीं हथौड़ा था

ये बल्लेबाज़ इंडियन बैटिंग में आंधी-तूफ़ान की तरह आया. उसके शॉट, शॉट नहीं हमले होते थे. उसके बारे में अफ़वाह है कि पारसी जिमख़ाना में खेले एक मैच में उसका मारा एक छक्का अरब सागर में गिरा था. मगर ये अफवाह इतनी झूठी नहीं लगती क्योंकि उस डोमेस्टिक सीज़न में इस बैट्समैन ने 102 छक्के मारे थे. 1983 में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ सेमी-फाइनल में पाटिल ने 32  बॉल पर 51 रन बनाए. ये आज के टी-20 के मापदंडों के हिसाब से भी बहुत तेज़ है. इसी साल जयपुर में इंडिया-पाकिस्तान का एक मैच हुआ. पापा बताते हैं कि इस मैच में संदीप पाटिल ने अपने तोप रुपी बैट से एक स्ट्रेट ड्राइव मारी. रिसीविंग एन्ड पर थे फ़ास्ट बॉलर मुदस्सर नज़र,  जिन्हें इस जानलेवा शॉट के रास्ते से हटने को बस सेकंड का दसवां हिस्सा ही मिला. बापू के जन्मदिन पर हुए इस मैच में संदीप ने काम बापू की सीख के बिलकुल उलट किया. दरअसल सचिन तेंदुलकर और डेविड वार्नर से बहुत पहले से ही संदीप पाटिल तब के सबसे भारी बल्ले से खेला करते थे. उनका फ़ंडा था कि गेंद पर भरपूर मार की जाए. गावस्कर, अमरनाथ और वेंगसरकर की शांत और तकनीकी बैटिंग को पीछे छोड़ संदीप पाटिल गेंद को चपटाने में विश्वास रखते थे.


विलिस को मारे पूरे ओवर में चौके

अगर आप वीरेंद्र सहवाग के उमर गुल को वर्ल्ड कप में लगाये 6 चौके याद कर-करके खुश होते हैं, तो बता दें उनसे 29 साल पहले ये काम पाटिल ने टेस्ट मैच में किया था. बॉब विलिस इंग्लैंड के करामाती फ़ास्ट बॉलर थे. हाइट थी 6 फुट 6 इंच. अगर आज के इंग्लैंड के सीमरों स्टुअर्ट ब्रॉड और जेम्स एंडरसन को मिला दो तो शायद कुछ मामला विलिस के बराबर पहुंच जाए. इंडिया का 1982 का इंग्लैंड दौरा था. पहली बैटिंग करते हुए मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड पर इंग्लैंड ने 425 बनाये. दूसरे दिन लगभग चाय के आसपास बैटिंग करने आई भारतीय टीम. शास्त्री, वेंगसरकर और गावस्कर 25 के टीम स्कोर पर वापिस लौट चुके थे. संदीप पाटिल नंबर 7 पर खेल रहे थे और उनकी एंट्री तब हुई जब टीम 136 पर 5 विकेट खो चुकी थी. विलिस के साथ इंग्लैंड के पास डेरेक प्रिंगल और महान ऑलराउंडर इयान बॉथम भी थे. इस इनिंग्स में पाटिल ने नाबाद 129 रन बनाए. 18 चौके और 2 छक्के भी मारे. मगर गुरु इस इनिंग्स की असली हाईलाइट है वो एक ओवर जिसमें पाटिल ने विलिस की बखिया उधेड़ दी. रख-रख के मारे 6 चौके बॉब विलिस को. इस ओवर की चौथी बॉल पर किया लेट-कट देखने वाला है. रॉक-बैक करके पॉइंट के पीछे कट कर दिया है. अगली बॉल पर घसकट्टा ही सही मगर जबर पुल मारा है.


ले लिया बाउंसर का बदला

इस इनिंग्स को याद करते हुए मुझे कोहली का ऐडिलेड में मारा सैकड़ा याद आता है. वो क्या कहते हैं? विपरीत परिस्थितियों में. इंडिया-ऑस्ट्रेलिया के 1980-81 के टूर पर पहले ही टेस्ट में इंडिया का पहला टोटल 201 था. इसमें शामिल थी पाटिल की 65 की रोमांचक पारी जिसमें उन्होंने 9 चउव्वे भी लगाए. आउट करने के चक्कर में ऑस्ट्रेलिया के उन्मादी फ़ास्ट बॉलर लेन पैस्को ने उनके सिर पर बाउंसर मारी. पाटिल ने हेलमेट नहीं पहना था और उन्हें रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा.

पाटिल को तुरंत हॉस्पिटल दौड़ाया गया. आईसीयू में भर्ती होना पड़ा. 10 घंटे नींद और बेहोशी से लड़ते रहे. थोड़ी ही देर पहले अभिमन्यु के चक्रव्यूह भेदने की सी पारी वो पिच पर खेल रहे थे. अब भी लड़ाई वही थी, खेल अलग हो गया था. 24 साल के संदीप का सचमुच बैपटिज़्म बाइ फायर हो रहा था. मगर पाटिल पर सनक सवार थी. चोट को मार दी गोली. अगली ही सुबह इंडिया की दूसरी पारी में फिर उतर गए मैदान में. पाटिल से इस बार रन नहीं बने. उनके कान से लगातार ख़ून बह रहा था और दर्द बस वही जानते थे.

अगला मैच ऐडिलेड में था. ऑस्ट्रेलिया ने पहले बैटिंग की और बना डाले 528. जवाब में 130 पर इंडिया के 4 विकेट गिर गए. संदीप पाटिल फिर एक बार पिच पर उतरे. इस बार हेलमेट के साथ. ऑस्ट्रेलिया के अटैक में लेन पैस्को और रॉडनी हॉग तो थे ही, साथ ही थे डेनिस लिली. लिली न ही केवल आज तक के सबसे मुक़म्मल फ़ास्ट बॉलर रहे हैं, वो उस टाइम की सबसे घातक बाउंसर मारते थे. सिर पर पीला पट्टा बांधकर आग उगलता था वो आदमी. पाटिल ने इसी पेस अटैक के सामने गज़ब शॉट लगाने शुरू कर दिए. जब अगले दिन वो आउट हुए, उन्होंने 240 बॉल पर 174 की विस्फ़ोटक पारी खेल ली थी. भगवान बड़े बोल न बुलवाये, मगर पाटिल में विव रिचर्ड्स की छाप पड़ती भी दिखाई दे रही थी. सर विव की ही तरह आज भी वो उतने ही स्टाइलिश हैं. देखें ये इनिंग्स


ओमान और केन्या की नैया लगाई पार

2014 ही में केन्या ने वन-डे और टी-20 स्टेटस खोया है. याद होगा इसी अफ्रीकन टीम ने 2003 में साउथ अफ्रीका में हुए वर्ल्ड कप में क्या कहर ढाया था. पहले न्यूज़ीलैंड और फिर श्री लंका को 53 रन से हराया. याद रहे कि इस श्री लंकाई टीम में सनथ जयसूर्य, चामिंडा वास, मुतैया मुरलीधरन और अरविंद डिसिल्वा थे.  बांग्लादेश और ज़िम्बाब्वे को हराकर सेमीफाइनल में पहुंची केन्या की टीम. जहां वो इंडिया से हार गई. दरअसल इस बीच केन्या के कोच थे संदीप पाटिल. पाटिल ने अपने खुरदरे अग्रेशन को केन्या के लड़कों में उतार दिया. और कर दिया बड़े-बड़ों का अपसेट. इससे पहले संदीप इंडिया ‘ए’ के कोच रह चुके थे. केन्या के बाद रुख किया ओमान का. उनके अंडर ओमान ने एसीसी ट्रॉफी में तगड़ा परफॉरमेंस दिया और फिर आईसीसी ट्रॉफी के लिए क्वालीफाई कर लिया. हाल ही में संदीप ने इंडिया के नेशनल कोच के लिए भी अप्लाई किया. यहां उनकी टक्कर रवि शास्त्री, प्रवीण आमरे और अनिल कुंबले से थी. ये तीनों ही पिछले कुछ सालों से पब्लिक की नज़र में रहे हैं और शायद इसलिए पाटिल को कोच नहीं बनाया गया. वो माधवराव सिंधिया के आग्रह पर मध्य प्रदेश की कप्तानी भी कर चुके हैं.

मगर पिछले 4 साल से शायद कोच से भी ज़्यादा अहम भूमिका में रहे हैं पाटिल. वो BCCI के चीफ़ सेलेक्टर रहे हैं. उन्होंने दबंगई भरे फैसले भी लिए हैं. बैटिंग में लगातार उतार-चढ़ाव देखते सुरेश रैना को ड्रॉप किया है. पाटिल की टीमें युवा खिलाड़ियों को तरजीह देती है, ये जगज़ाहिर है. इसी के तहत डोमेस्टिक में अच्छा खेलने वालों को आईपीएल के परफॉर्मर्स से आगे मौका दिया गया है. ज़िम्बाब्वे और बांग्लादेश के दौरों पर नए चेहरों को चुना गया है. आपने संदीप पाटिल को अक्सर स्टेडियम में इंडिया के लगभग हर अहम मैच में बैठा देखा होगा. संदीप रणजी ट्रॉफी के मैच भी उसी इंटेंसिटी से देखते हैं. उनके काले चश्मे के पीछे ज़रूर एक बाज़ की नज़र है जो सही मौके पर झपट्टा मारने को तैयार बैठी है. देख लेना.

ये आर्टिकल प्रणय ने लिखा है.


Also Read

जो लोग टेस्ट क्रिकेट में सहवाग को मिस करते हैं, उनके लिए अच्छी खबर है

जब अकेले माइकल होल्डिंग ने इंग्लैंड से बेइज्जती का बदला ले लिया था

अजीत वाडेकर, वो कप्तान जिसने दुनिया जीती अौर फिर खो दी

जब वाजपेयी ने क्रिकेट टीम से हंसते हुए कहा- फिर तो हम पाकिस्तान में भी चुनाव जीत जाएंगे

अगर गावस्कर को वाडेकर बाथरूम में बंद न करते तो गैरी सोबर्स लगातार चौथी सेंचुरी मार देते!

लल्लनटॉप न्यूज चिट्ठी पाने के लिए अपना ईमेल आईडी बताएं !

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें
Tribute to Sandeep Patil on his birthday

कौन हो तुम

जानते हो ह्रतिक रोशन की पहली कमाई कितनी थी?

सलमान ने ऐसा क्या कह दिया था, जिससे हृतिक हो गए थे नाराज़? क्विज़ खेल लो. जान लो.

राजेश खन्ना ने किस हीरो के खिलाफ चुनाव लड़ा और जीता था?

राजेश खन्ना के कितने बड़े फैन हो, ये क्विज खेलो तो पता चलेगा.

सलमान खान के फैन, इधर आओ क्विज खेल के बताओ

क्विज में सही जवाब देने वाले के लिए एक खास इनाम है.

फवाद पर ये क्विज खेलना राष्ट्रद्रोह नहीं है

फवाद खान के बर्थडे पर सपेसल.

दुनिया की सबसे खूबसूरत महिला के बारे में 9 सवाल

कुछ ऐसी बातें, जो शायद आप नहीं जानते होंगे.

कोहिनूर वापस चाहते हो, लेकिन इसके बारे में जानते कितना हो?

आओ, ज्ञान चेक करने वाला खेल खेलते हैं.

कितनी 'प्यास' है, ये गुरु दत्त पर क्विज़ खेलकर बताओ

भारतीय सिनेमा के दिग्गज फिल्ममेकर्स में गिने जाते हैं गुरु दत्त.

इंडियन एयरफोर्स को कितना जानते हैं आप, चेक कीजिए

जो अपने आप को ज्यादा देशभक्त समझते हैं, वो तो जरूर ही खेलें.

इन्हीं सवालों के जवाब देकर बिनिता बनी थीं इस साल केबीसी की पहली करोड़पति

क्विज़ खेलकर चेक करिए आप कित्ते कमा पाते!

सच्चे क्रिकेट प्रेमी देखते ही ये क्विज़ खेलने लगें

पहले मैच में रिकॉर्ड बनाने वालों के बारे में बूझो तो जानें.