पंजाब के मुख्यमंत्री और 2003 में हिमाचल में कांग्रेस के चुनाव प्रचार के प्रभारीकैप्टन अमरिंदर सिंह थे. उस दौरान हिमाचल में चुनाव प्रचार करते हुए कैप्टन ने कहाथा कि चुनाव लड़ने और युद्ध लड़ने में कई समानताएं हैं. सेना से राजनीति में जानेवाले कैप्टन ने अपनी पसंदीदा किताब नाइगेल हैमिल्टन की लिखी मोंटी का हवाला देतेहुए कहा था, " सैनिक की तरह ही किसी उम्मीदवार को भी अपने प्रतिद्वंदी को मात देनेके लिए उससे एक कदम आगे रहना होता है."कैप्टन अमरिंदर अति अाक्रामक थे2003 में हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने कैप्टन अमरिंदर को चुनाव प्रभारी बनाया था.1998 में बीजेपी के हाथों शिकस्त झेलने के बाद अगले चुनाव यानी 2003 में हिमाचल मेंकांग्रेस ने पूरी ताकत झोंक दी थी. वहीं भाजपा भी सत्ता अपने हाथों कायम रखकर एकरिकॉर्ड बनाने की जुगत में सारी सीमाएं लांघ रही थी. 26 फरवरी 2003 को चुनाव होनाथा और दोनों पार्टियां अपने प्रचार में एक दूसरे पर खूब कीचड़ उछाल रहीं थी. हिमाचलकी राजनीति में पहली बार इतना निचले स्तर का प्रचार देखा गया था जिसमें नेता किसीभी हद तक जाने को तैयार थे. हुआ यूं कि हिमाचल के मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल नेशिमला में कैप्टन अमरिंदर के खिलाफ दो मानहानि के मुकदमें दर्ज करा दिए. अमरिंदर उससाल इकलौते ऐसे मुख्यमंत्री थे जिनके खिलाफ उनके राजनैतिक विरोधियों ने पिछले एकसाल में करीब आधा दर्जन मानहानि के केस दर्ज करवाए थे.अमित शाह और मोदी ने बनाया मुद्दागुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेताओं कोखूब घेरा था.इसकी शुरुआत 16 फरवरी 2003 को गुजरात के तत्कालीन गृह मंत्री अमित शाह के बयान सेहुई थी जब उन्होंने अहमदाबाद पुलिस के पकड़े कॉल गर्ल रैकेट में कांग्रेस के तीननेताओं- पंजाब के PWD मंत्री प्रताप सिंह बाजवा, राजस्व मंत्री अमरजीत सिंह सामराऔर दिल्ली के विधायक अरविंद सिंह लवली के शामिल होने का खुलासा किया था. ये वहीलवली हैं जिन्हें बाद में दिल्ली में भाजपा में शामिल कर लिया गया. इंडिया टुडेमैग्जीन में छपी रिपोर्ट के मुताबिक इन आरोपों पर राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्रीनरेंद्र मोदी ने न केवल मुहर लगाई बल्कि उनका इस्तेमाल भी किया. उधर कांग्रेस केनेताओं ने जालंधर में मोदी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा औऱ 100 करोड़ की नुक्सानभरपाई की याचिका दायर करने की धमकी दे दी. मगर मोदी पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ा,उन्होंने हिमाचल चुनाव प्रचार शुरू करते हुए अहमदाबाद में गिरफ्तार कॉल गर्ल के साथपंजाब के मंत्रियों की तस्वीरें जारी कर दीं.मामला यहीं नहीं थमाधूमल, मोदी और मदन लाल खुरानाभाजपा और कांग्रेस में आरोपों का ये सिलसिला और आगे बढ़ा तो कैप्टन अमरिंदर ने एकहिमाचली नेता की जालंधर में पारिवारिक संपत्ति की जांच करने के लिए पंजाब विजिलेंसडिपार्टमेंट के अधिकारियों को तैनात कर दिया. इशारा धूमल की ओर था. हालांकि हिमाचलकांग्रेस ने नेताओं ने कैप्टन को आगाह किया कि ये दांव उल्टा भी पड़ सकता है मगरअमरिंदर डटे रहे.उधर दिल्ली में भाजपा के मदनलाल खुराना ने एक और शिगूफा छोड़ दिया कि अमरिंदर के एकमहिला पायलट के साथ अवैध संबंध हैं. इससे जुड़ी एक तस्वीर भी खुराना ने मीडिया मेंदिखाई और कहा कि अमरिंदर इस बात का खुलासा करें कि इस तस्वीर में महिला उनकी बेटीहै या बहन?" इससे पहले 1992 में उस महिला के पिता ने पंजाब के तत्तकालीनमुख्यमंत्री बेअंत सिंह को पत्र लिखा अपनी बेटी को 'महाराजा' के चंगुल से छुड़ानेमें मदद मांगी थी.राजनीति में चुनाव के दौरान नेता जो आरोप लगाते हैं उनपर वे बाद में कितने कायमरहते हैं, इसके बेहद कम उदाहरण देखने को मिलते हैं. 2003 में जो मानहानि मुकद्दमेप्रेम कुमार धूमल ने कैप्टन अमरिंदर पर लगाए थे, वो 2013 में वापिस ले लिए थे.हिमाचल चुनाव से जुड़ा वीडियो देखें-ये भी पढ़ें-शांता कुमार के होमग्राउंड पर मोदी ने अपना कैंडिडेट उतार दिया हैजब वीरभद्र ने विद्या स्टोक्स को तिकड़म करने वाली नेता बताया था