यहां हम एक-एक ओलंपिक गोल्ड का पलकें बिछाकर इंतजार करते हैं. और इसी दुनिया मेंऐसी जगहें भी हैं, जहां पर लोग कूड़े में ओलंपिक मेडल पा जाते हैं. एक 7 साल कीलड़की सवेरे-सवेरे निकली थी टहलने के लिए. लड़की का नाम है क्लोई स्मिथ. उसने कूड़ेमें पड़ी कोई चमकती हुई चीज देखी. उसने पास जाकर देखा तो वो एक मेडल था. उसने मेडलउठा लिया. फिर पता चला कि ये मेडल है ओलंपियन जोई जैकोबी का.क्लोई स्मिथ, जोई जैकोबी के साथजोई जैकोबी ने 1992 के बार्सिलोना ओलंपिक में कैनोई डबल स्लैलोम इवेंट में ये गोल्डजीता था. कैनोई स्लैलोम एक खेल होता है, जिसमें नाव चलानी होती है तेजी से. वो भीनाव के अंदर घुसके. और डबल इसलिए लगा हुआ है इसमें क्योंकि इस इवेंट में दो खिलाड़ीनाव चलाते हैं. फोटो देखो समझ आएगा-कैनोई डबल स्लैलोमवैसे ये तो नहीं पता कि क्यों ये खिलाड़ी ओलंपिक मेडल कार में रखकर घूमता था. परजून में किसी ने इसकी कार में घुसकर ये गोल्ड मेडल चुरा लिया था. इसके बादजैकोबी ने सोशल मीडिया पर मेडल खोने का जिक्र करते हुए एक पोस्ट ड़ाला था. जब येमेडल उन्हें क्लोई के पास होने का पता चला तो वो उसके घर गए और उससे अपना मेडल लेकरआए.क्लोई ने जब वो मेडल स्मिथ को लौटा दिया. स्मिथ को जैकोबी ने थैंक्यू तो बोला ही,साथ ही उससे वादा किया कि वो उसके स्कूल जाएंगे और उसकी इस अच्छाई के बारे में उसकेक्लासमेट्स को भी बताएंगे.क्लोई के क्लासमेट्स से मिलते जैकोबीइसलिए जैकोबी अपना प्रॉमिस पूरा करने क्लोई के स्कूल गए और उसके क्लासमेट से भीमिले. क्लोई कक्षा एक में पढ़ती है. जैकोबी उसके स्कूल अपना मेडल भी साथ लेकर गए थेऔर उसकी सारी क्लास को क्लोई की इस अच्छाई के बारे में उन्होंने बताया.वैसे ये भी मानना ही पड़ेगा कि वो अमेरिका है. उसके पास 1,022 गोल्ड हैं. तभी न ऐसाहोता है कि गोल्ड कूड़े में पड़ा मिल जाता है. इंडिया के पास कुल मिलाए 9 ही हैं तोअगर एक भी इधर-उधर हुआ, मच जाएगा गदर.