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गलत सबूत के चलते कैंसिल हो गया UGC NET? CBI को और क्या पता चला?

UGC NET Paper Row: बताया जा रहा है कि इस स्क्रीनशॉट को ऐसे पेश किया गया जैसे ये परीक्षा के पहले का हो. दावे के अनुसार, ये पैसों के लिए किया गया एक स्कैम था.

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11 जुलाई 2024 (अपडेटेड: 11 जुलाई 2024, 03:19 PM IST)
UGC NET Paper leak CBI finds Evidence Screenshot was doctored
CBI के अनुसार शेयर किया गया स्क्रीनशॉट फर्जी था. (तस्वीर साभार: इंडिया टुडे)
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UGC NET पेपर (Paper Leak) मामले में एक नया अपडेट आया है. जांच एजेंसी CBI इस मामले की जांच कर रही है. अब CBI को पता चला है कि जिस सबूत के आधार पर इस परीक्षा को कैंसिल किया गया था, वो गलत है. इंडियन एक्सप्रेस ने सरकार से जुड़े सूत्रों के हवाले से ये जानकारी दी है. इस परीक्षा में 9 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए थे. 18 जून को 317 शहरों में इसके लिए सेंटर बनाए गए थे. परीक्षा के एक दिन बाद ही इसे कैंसिल कर दिया गया. इस परीक्षा को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) आयोजित कराती है. NTA ने कहा था कि परीक्षा की सत्यनिष्ठा (Integrity) से समझौता हुआ है और गृह मंत्रालय से मिले इनपुट के आधार पर ये फैसला लिया गया था.

फर्जी निकला स्क्रीनशॉट

गृह मंत्रालय ने सबूत के तौर पर एक स्क्रीनशॉट दिया था. कहा गया कि 18 जून की दोपहर के करीब 2 बजे इसे कई टेलीग्राम चैनल पर भेजा गया. इसके बारे में दावा किया गया था ये UGC NET का क्वेश्चन पेपर है. जो परीक्षा के पहले ही शेयर किया गया था. इस परीक्षा को दो सेशन में आयोजित किया गया था. पहला- सुबह के 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक. और दूसरा- दोपहर 3:00 बजे से शाम के 6:00 बजे तक.

I4C ने दिया था इनपुट

टेलीग्राम चैनल पर क्वेश्चन पेपर शेयर होने की जानकारी I4C को को मिली थी. I4C का पूरा नाम है- इंडियन साइबर क्राइम कोऑरडिशन सेंटर. ये संस्था गृह मंत्रालय के अंदर काम करती है. 

I4C ने 19 जून को दोपहर करीब 3 बजे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) को इसकी जानकारी दी. इस इनपुट के आधार पर सरकार ने उसी रात परीक्षा को कैंसिल करने की घोषणा कर दी. 23 जून को शिक्षा मंत्रालय के अनुरोध पर CBI ने जांच अपने हाथ में ले ली.

CBI ने क्या कहा?

सूत्रों के मुताबिक, CBI की जांच में पता चला है कि इस स्क्रीनशॉट में गड़बड़ी थी. इसे इस तरह से पेश किया गया था कि लगे कि ये परीक्षा के पहले का है. लेकिन जांच में पता चला है कि एक छात्र ने दोपहर के 2 बजे इसे टेलीग्राम पर शेयर किया. यानी कि पहले सेशन के एग्जाम के ठीक बाद. इस स्क्रीनशॉट के साथ कैसी गड़बड़ी की गई, अभी इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है.

पैसे के लिए स्कैम

सरकार से जुड़े सूत्र ने बताया कि ये एक स्कैम था जिसे एक टेलीग्राम चैनल की ओर से शुरू किया गया था. पहले सेशन की परीक्षा के बाद उसी सेशन के क्वेश्च्न पेपर को ऐसे दिखाया गया जैसे ये दूसरे सेशन की परीक्षा का हो. ठगों ने ऐसा पैसा कमाने के लिए किया.

ये भी जानकारी मिली है कि CBI ने शिक्षा मंत्रालय को इस बारे में जानकारी दे दी है. इससे पहले, NTA इस परीक्षा को दोबारा आयोजित करने के लिए संभावित समय की घोषणा कर चुका है. इसे 21 अगस्त से 4 सितंबर के बीच कराया जा सकता है. इस मामले में CBI ने अब तक एक भी गिरफ्तारी नहीं की है.

वीडियो: NEET पेपर लीक विवाद के बीच NTA ने CSIR UGC NET परीक्षा क्यों टाल दी?

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