टैरिफ पर मस्क और ट्रंप सरकार में झगड़ा, बात एक-दूसरे को 'मूर्ख-महामूर्ख' बताने तक पहुंच गई
US Tariff War: हुआ यूं कि Donald Trump के ट्रेड एडवाइजर पीटर नवारो ने Elon Musk की Tesla कंपनी को कार मैन्युफैक्चरर नहीं बल्कि कार असेंबलर बता दिया था. विवाद की शुरुआत यहीं से हुई.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) द्वारा लगाए गए टैरिफ (US Tariff) की खूब चर्चा हो रही है. अब खबर है कि ट्रंप के करीबी उद्योगपति एलन मस्क (Elon Musk) भी इस फैसले से नाराज़ हैं. टैरिफ को लेकर मस्क और ट्रंप सरकार के बीच चल रहे मतभेद के संकेत व्हाइट हाउस से भी मिले हैं. इस झगड़े की शुरुआत ट्रंप के ट्रेड एडवाइज़र पीटर नवारो के एक बयान से हुई.
दरअसल, हुआ यूं कि एक टीवी इंटरव्यू में नवारो ने मस्क की टेस्ला कंपनी को कार निर्माता नहीं बल्कि 'कार असेंबलर' (Car Assembler) कह दिया. नवारो यह संकेत देना चाह रहे थे कि मस्क टैरिफ के पक्ष में क्यों नहीं हैं. उन्होंने कहा कि टेस्ला अपनी कारों के लिए बैटरियां, इलेक्ट्रॉनिक्स और टायर विदेशों से आयात करती है. एक्स्ट्रा टैरिफ लगने से ये सामान महंगे हो जाएंगे.
मस्क इस बयान पर भड़क गए. इतने भड़के कि उन्होंने ट्रंप के ट्रेड एडवाइज़र को "ईंटों से भी ज़्यादा मूर्ख" कह दिया. उन्होंने दावा किया कि टेस्ला के पास अमेरिका में सबसे ज़्यादा निर्मित कारें हैं.
"ईंटों की बेइज्जती…"सोशल मीडिया यूजर्स ने इस झगड़े को और तूल दी. इसके बाद मस्क एक स्टेप और आगे निकल गए. उन्होंने लिखा,
8 अप्रैल को वाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी कैरोलीन लेविट से पत्रकारों ने इस बारे में सवाल पूछे. उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया,
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सीधे तौर पर भी की आलोचनाये खबर तब आई है, जब पिछले दिनों ‘वाशिंगटन पोस्ट’ ने अपनी रिपोर्ट में एक बड़ा दावा किया था. उन्होंने कहा कि मस्क ने निजी तौर पर ट्रंप से कहा था कि वो चीन पर लगाए गए टैरिफ को कम करें. इटली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भी मस्क ने टैरिफ पर बात की थी. उन्होंने कहा था कि अमेरिका और यूरोप को जीरो टैरिफ पॉलिसी अपनानी चाहिए. उन्होंने ट्रम्प की टैरिफ नीति को प्रैक्टिकल नहीं बताया था.
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