जगमीत सिंह, न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी के मुखिया हैं, और पीएम ट्रूडो की सरकार उनकीपार्टी के समर्थन से ही चल रही है. जब ट्रूडो ने भारत सरकार पर हरदीप सिंह निज्जरकी हत्या के आरोप लगाए तो सबसे आगे जगमीत सिंह ही खड़े थे, वो पहले भी निज्जर कीहत्या में भारत का हाथ होने की बात कह चुके हैं.पर ट्रूडो के बड़े समर्थक माने जाने वाले जगमीत ने अब उनके ख़िलाफ़ ही मोर्चा खोल दियाहै, उन्होंने कनाडा में चल रहे हाउसिंग क्राइसिस के लिए ट्रूडो को ज़िम्मेदार बतायाहै, और कहा है कि सरकार हो या विपक्ष कोई भी बदलाव नहीं लाना चाहता.उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफोर्म X पर लिखा, ‘हम सब मिलकर यथास्थिति को चुनौती दे सकते हैं. जस्टिन ट्रूडो या पियरे पॉलिवर कोबदलाव लाने में कोई दिलचस्पी नहीं है. उन्हें पूंजीपतियों से मोटा चंदा मिल रहे है,जो बदलाव के खिलाफ हैं. मुझे पूंजीपतियों का समर्थन नहीं मिला हुआ है. मैं आपके लिएलड़ रहा हूं.’Together, we have the power to challenge the status quo.Justin Trudeau and Pierre Poilievre aren't interested in change — theircorporate donors won't allow it.I'm not backed by billionaires - I'm fighting for you.pic.twitter.com/axRioEjQuv— Jagmeet Singh (@theJagmeetSingh) September 26, 2023उन्होंने अपने X अकाउंट से वीडियो भी शेयर किया है जिसमें वो युवाओं को संबोधित कररहे हैं. वो कहते हैं,‘युवाओं को ये धरती और देश विरासत में मिलने वाला है, इसलिए वो मायने रखते हैं.आपकी आवाज़ न केवल भविष्य बल्कि आज के लिए भी मायने रखती है. और हमें इस बात कोगंभीरता से लेने की ज़रूरत है. इसलिए मैं युवाओं के साथ जुड़कर उन्हें उम्मीद देनाचाहता हूं.’उन्होंने कनाडा के हाउसिंग क्राइसिस माने आवास संकट पर भी गहरी चिंता व्यक्त की है.कनाडा में हर साल लाखों की संख्या में लोग पढ़ने आते हैं. इनमें से बड़ी तादाद भारतीयस्टूडेंट्स की होती है. लोग तो आ जाते हैं, पर उनके रहने के लिए जगह कम पड़ जाती है.सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पूरे कनाडा में कम से कम 3 लाख 45 हज़ार घरों की कमीहै. कनाडा में पहले ही 9 लाख के करीब विदेशी स्टूडेंट्स पढ़ रहे हैं. 2023 में 5 लाखस्टूडेंट्स के आने का अनुमान लगाया गया है. इसीलिए हाउसिंग क्राइसिस और भी बढ़ने कीआशंका जताई जा रही है.हाल ही में कनाडा के एक लोकल अखबार ने एक सर्वे किया था जिसमें ट्रूडो की रेटिंगगिरी थी, ऐसे में सहयोगी जगमीत का उनके ख़िलाफ़ बोलना ट्रूडो की मुश्किल बढ़ा सकताहै. जगमीत सिंह का मुख़्तसर सा परिचय भी जान लीजिए -जगमीत ने बायोलॉजी और लॉ की पढ़ाई की है. पॉलिटिक्स में आने से पहले वो क्रिमिनललॉयर थे. 2011 में वो पॉलिटिक्स में आए. पहला संसदीय चुनाव हारे. मगर न्यूडेमोक्रेटिक पार्टी (NDP) में उसका कद बढ़ता गया. ये पार्टी 1961 में बनी थी. कभीअकेले दम पर सरकार नहीं बना पाई. 2017 में जगमीत पार्टी के मुखिया बने. साल 2013में भारत ने उन्हें वीजा देने से मना कर दिया था, क्योंकि उनकी खालिस्तानियों केसाथ हमदर्दी बढ़ रही थी. साल 2021 में कनाडा में चुनाव हुआ. NDP के खाते में 25सीटें आईं. पार्टी चौथे नंबर पर थी. पहले नंबर पर ट्रूडो की लिबरल पार्टी थी लेकिनबहुमत नहीं था. तब जगमीत ने समर्थन दिया. सरकार बनी और अब तक उन्हीं के समर्थन सेटिकी हुई है.