वो परेशान करते रहे, केजरीवाल ऐड लगाते रहे. जो हर वक़्त के टीवी और रेडियो पर जो ऐड आते रहते हैं ना. AAP सरकार की तारीफोंवाले. जिसमें खुद केजरीवाल लोगों को अपनी पार्टी की उपलब्धियां गिनवाते हैं. औरकहते हैं कि भ्रष्टाचार रहित सरकार उनका सपना है. उन सारे ऐड्स में ही पैसे की घोरधांधली है. कॉम्पट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ऑफ़ इंडिया (CAG) ने दिल्ली सरकार के खर्चोंका ऑडिट किया. देखा कि AAP सरकार ने प्रचार के लिए बहुत सारा पैसा खर्च किया है. उनखर्चों की कोई जवाबदेही भी नहीं है. इंडिया टुडे ने ऑडिट की कॉपी के हवाले से पूराब्योरा दिया है. पूरा कच्चा-चिट्ठा यहां पढ़ लो. 1. 21.62 करोड़ रुपए ऐसे ऐड पर खर्चकिए, जिससे पार्टी की इमेज बनाई जा सके. जब केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में सौ दिनपूरे कर लिए थे, जगह-जगह पोस्टर लगे थे 100 दिन AAP सरकार के. टीवी और FM पर भीकेजरीवाल और मनीष सिसोदिया के ऐड आते थे. CAG का कहना है कि इन ऐड्स में बहुतबेतुकी बातें छापी और कही गई थीं. पहले ये ऐड 45 सेकंड का था. बाद में CM और डिप्टीCM भी आ गए. उनके बाइट भी जोड़े गए. अब ऐड 120 सेकंड का बन गया. सिर्फ एक कैंपेन में1.74 करोड़ सरकार की तारीफें करने में बर्बाद कर दिए गए. वो परेशान करते रहे, हम कामकरते रहे, भ्रष्टाचारियों की साजिशों के बावजूद, केजरीवाल सरकार ने रचा इतिहास. इसतरह के कैंपेन पर 2.15 करोड़ रुपए खर्च किए गए. 2. 18.64 करोड़ दिल्ली के बाहर ऐडछपवाने में खर्च किए गए. 14-17 फरवरी 2016 के बीच देश के अलग-अलग राज्यों में 8पन्ने के रंगीन ऐड छपे थे. जिसमे दिल्ली का खर्च 2.49 करोड़ आया और बाकी शहरों का11.93 करोड़. कुल मिला कर 14.42 करोड़. 3. ऐड्स में बेतुकी बातें और ऐसा कंटेंट जोसुप्रीम कोर्ट के नियमों के खिलाफ है. ऐड में पार्टी का नाम और पार्टी के बारे मेंज़रूरत से ज्यादा बड़ी-बड़ी बातें छपवाना सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के खिलाफ है. 4.2.15 करोड़ रुपए बेतुकी बात छपवाने के लिए मीडिया को दिए गए. न्यूज़ चैनल, अखबार,मैगजीन. सब जगह अरविन्द केजरीवाल की विजय गाथाएं छपवाने के लिए सरकार ने करोड़ोंरुपए उड़ा दिए. 5. शब्दार्थ नाम की एक एजेंसी को 3.63 करोड़ दिए गए, जो गैरज़रूरीथे. शब्दार्थ नाम की एजेंसी के माध्यम से 11 स्टेट और 9 नेशनल अखबारों में ऐड छपवाएगए. 3.63 करोड़ खर्च हुआ. अगर दिल्ली सरकार डायरेक्ट ये ऐड छपवाती, तो ये पैसे बचसकते थे.