हिजाब वाली औरत ने प्लेन से वाट्सएप किया अल्लाह, और ..'बूम'!
इस घटना ने एक अंग्रेज़ औरत को भी लाइफ लेसन दे दिया और हमें भी मिला कि हम कितना उल्टा सोचते हैं.
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बेवर्ली और जीवा
अगर कोई इंसान उड़ती एयरप्लेन में किसी को अपने फोन पर 'अल्लाह' लिखकर Whatsapp करते देखे तो क्या होगा?ग्लास्गो एअरपोर्ट पर अजीब वाकया हुआ. एक मुस्लिम औरत जीवा अकबर प्लेन में बैठी हुई थीं. उनके बगल में बैठने के लिए एक औरत अपने बच्चे के साथ आई. प्लेन उड़ने में अभी देरी थी. तब तक जीवा ने अपने ग्रुप कुरान रेवोलुशन टीम से चैट करना शुरू कर दिया. वो ग्रुप जीवा को लेकर घूमने जा रहा था. ग्रुप ने बताया कि उनका सारा सामान, चॉकलेट, खाना-पीना सब किसी ने गाड़ी से चुरा लिया है. इसके जवाब में जीवा ने लिखा: 'हस्बी अल्लाहु ला इलाहा इल्लाहू अलयाही तावाकलतू'. इसके बाद आगे और भी अल्लाह-अल्लाह की बात हुई.
जीवा के बगल में बैठी औरत ने अपनी सांस रोक ली और उठ खड़ी हुई. दूसरी तरफ जाकर बड़ी ही घबराहट में इधर-उधर देखने लगी. तब तक दो एयरहोस्टेस भी आ गयीं वहां.
जीवा को लगा कि कुछ दिक्कत हो गई है औरत के साथ. जीवा ने पूछा: क्या बात है? आप क्यों घबरायीं हुईं हैं?इसके बाद मामला बढ़ गया. वो औरत जीवा के बगल में बैठने को तैयार नहीं थी. जीवा हैरान थी. उसे वो सब याद आ रहा था जो उसने सुना था कि दुनिया में मुस्लिमों के साथ क्या होता है.
उस औरत ने तुरंत बमककर कहा: तुमने अभी-अभी अल्लाह लिखा है अपने Whatsapp में?
जीवा ने पूछा: तो?
तभी एक एयरहोस्टेस ने कहा: मैडम, अल्लाह अरेबिक में भगवान को कहते हैं. अगर आपको डर लग रहा है तो आप प्लेन छोड़ के जा सकती हैं. हमारे पास कोई एक्स्ट्रा सीट नहीं है.
उसके बाद जो हुआ वो किसी ने सोचा नहीं था.
वो औरत जीवा के बगल में बैठी. जीवा ने उससे नाम पूछा. बेवर्ली. वो अभी भी सांस ऊपर-नीचे कर रही थी. जीवा ने फिर बात करना शुरू किया. साफ़-साफ़ पूछा कि तुमको जो भी शक-दिक्कत है, पूछ के दूर कर लो. 20 मिनट में बेवर्ली भी खुल गई. उसके बाद बात परफ्यूम, खाना, चिकन, रोम, स्पेन, इंग्लैंड, गॉड, अल्लाह से लेकर घर के डस्टबिन और पालतू कुत्ते तक पहुंच गई.
जैसे-जैसे वक़्त बीत रहा था बेवर्ली की आवाज भरभराने लगी थी. आंखें नम होने लगी थीं. उसे अपनी हरकत पर बहुत ही शर्मिंदगी महसूस होने लगी थी. जीवा ने फिर उसे याद दिलाया कि अब हम लोग अच्छे दोस्त हो चुके हैं. इस ग़लतफ़हमी को लेकर नहीं चलना है. जो हो गया, वो हो गया.
बाद में बेवर्ली एकदम पहचान में नहीं आ रही थी. लग ही नहीं रहा था कि ये वही घबराई हुई औरत है. उसने जीवा को अपना फेवरिट स्टार वाला परफ्यूम भी दिया. जीवा के पानी के पैसे भी पे कर दिये.
दो घंटे बाद जीवा ने बेवर्ली से पूछा: क्यों डर गई थी?जीवा इस बात पर खूब हंसी, खूब हंसी. फिर दोनों खूब हंसे. जब जीवा ने बताया कि 'हस्बी अल्लाहु ला इलाहा इल्लाहू अलयाही तावाकलतू' का मतलब है अल्लाह तुम्हारा दिन बनाये.
बेवर्ली ने बताया: तुम टाइप कर रही थीं अल्लाह. तो मुझे लगा ये तुम्हारा आखिरी मैसेज है. इसके बाद तुम..... वही.....ब्लास्ट....
बाद में दोनों बहुत अच्छे दोस्त बन गए. बेवर्ली ने Whatsapp कर जीवा का हाल-चाल भी लिया जब वो स्पेन पहुंच गई थी.

बेवर्ली और जीवा की चैट
अभी वक़्त ऐसा हो गया है कि बेवर्ली की तरह हम भी एक ही डायरेक्शन में सोचना शुरू कर देते हैं. इस कहानी की हेडिंग पढ़ के ऐसा लगता है कि शायद यही होनेवाला है. पर ऐसा होता नहीं है.