बात हिजाब की हो या फिर दाढ़ी की, दोनों ही बहुत संवेदनशील हैं. इन दोनों पर ज़बान सेकुछ निकला नहीं कि हर शाख पर उल्लू बैठे हैं, टाइप झपट पड़ते हैं. भावनाएं आहत होनेलगती हैं. लेकिन हम बात कर रहे हैं सीरिया की, जहां ISIS की कैद से रिहा होकर आजादीका जश्न मनाया गया. वो भी बुर्के जलाकर और दाढ़ी मुंडवाकर.औरतें सड़कों पर निकल आईं और जश्न मनाया. Image ReutersISIS खूंखार है, ये तो पता ही है. इस ISIS ने नॉर्थ सीरिया के मानबिज शहर पर अटैककिया और वहां के लोगों को अपनी कैद में ले लिया था. अमेरिका की अगुवाई में ISIS परहवाई हमले किए गए और उसके लड़ाकों को मानबिज से खदेड़ दिया गया.अमेरिका की अगुवाई में ISIS पर हवाई हमले किए गए. image Reutersअमेरिका के साथ इस लड़ाई में 'सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज (SDF)' भी शामिल रही.मीडिया में आई खबरों के मुताबिक कुछ लोग वहां से भाग निकले और बाकियों को ISIS केचंगुल से छुड़ा लिया गया.2014 से मानबिज शहर आतंकियों के कब्जे में था. image Reutersआतंकियों की कैद से रिहा होने के बाद मानबिज शहर में खुशी की लहर दौड़ गई. आदमी,औरतें और बच्चे सड़कों पर निकल आए. औरतों ने अपने बुर्के उतार दिए और उनमें आग लगादी. आदमी भी अपनी खुशी जाहिर करने के लिए दाढ़ी मुंडवाने लगे. पब्लिक प्लेसमें औरतेंअपना चेहरा दिखाते हुए नजर आईं. उन्होंने ऐसा ISIS का विरोध जताने के लिए किया.क्योंकि ISIS दाढ़ी मुंडवाने वालों और बुर्का न पहनने वालों पर जुल्म करता था.Image Reutersऔरतों ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब वो लाल कपड़े पहन सकेंगी. आतंकी उन्हेंकाले कपड़ों में रखते थे. उनका कहना न मानने पर मौत की सजा दी जाती थी.बच्चों को कैद में रोने भी नहीं दिया जाता था. image Reutersमानबिज 2014 से आतंकियों के कब्जे में था. इस दौरान बच्चों को बाल काटने तक कीइजाजत नहीं थी. बच्चों को ट्रेनिंग दी जाती थी कि उनके मां-बाप काफ़िर हैं. जुल्म कीइंतेहा ये थी कि बच्चों को रोने भी नहीं दिया जाता था.