The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • supreme court praises justice anand venkatesh says thank god we have judges like him

'भगवान का शुकर है ऐसे जज हैं', सुप्रीम कोर्ट ने किस जज के लिए ऐसा कहा?

अगस्त महीने में मद्रास हाई कोर्ट के जस्टिस आनंद वेंकटेश ने तमिलनाडु के मंत्री के पोनमुडी के खिलाफ दर्ज एक करप्शन मामले में टिप्पणी की थी. उन्होंने मामले को विल्लुपुरम जिले से वेल्लोर जिला जज के पास ट्रांसफर किए जाने का विरोध किया था.

Advertisement
pic
6 नवंबर 2023 (पब्लिश्ड: 05:37 PM IST)
supreme court praises justice anand venkatesh says thank god we have judges like him
पोनमुडी और उनकी पत्नी के खिलाफ साल 2002 में सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय ने अवैध संपत्ति जुटाने का मामला दर्ज किया था. (फोटो-ट्विटर)
Quick AI Highlights
Click here to view more

सुप्रीम कोर्ट ने भ्रष्टाचार के एक मामले में सुनवाई के दौरान मद्रास हाई कोर्ट के जज एन आनंद वेंकटेश की जमकर सराहना की है (Supreme Court praises Justice Anand Venkatesh). कोर्ट ने मामले में स्वत: संज्ञान आदेश पारित करने के लिए जस्टिस वेंकटेश की तारीफ करते हुए तमिलनाडु के मंत्री के पोनमुडी और उनकी पत्नी द्वारा दायर याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया.

रिपोर्ट्स के मुताबिक अगस्त महीने में जस्टिस आनंद वेंकटेश ने उच्च शिक्षा मंत्री के पोनमुडी के खिलाफ दर्ज एक मामले में टिप्पणी की थी. उन्होंने मामले को विल्लुपुरम जिले से वेल्लोर जिला जज के पास ट्रांसफर किए जाने का विरोध किया था. उन्होंने कहा था कि ये ‘कानून की नजर में अवैध है’. उन्होंने केस के ट्रांसफर और मंत्री को बरी किए जाने पर कई सवाल उठाते हुए अभियोजक और पोनमुडी को नए सिरे से सुनवाई के लिए नोटिस जारी किया था.

हाई कोर्ट के इस आदेश को चुनौती देते हुए मंत्री और उनकी पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस वेंकटेश के आदेश को ना सिर्फ सही करार दिया, बल्कि उनकी जमकर तारीफ भी कर दी. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने 6 नवंबर को मामले की सुनवाई की. CJI ने कहा,

“आप हाई कोर्ट में तर्क देते हैं कि उसके पास स्वत: संज्ञान लेने की कोई शक्ति नहीं है.”

CJI चंद्रचूड़ ने मामले का ट्रांसफर किए जाने के तरीके पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा,

“भगवान का शुकर है कि हमारे पास हाई कोर्ट में आनंद वेंकटेश जैसे जज हैं. आप देखें. चीफ जस्टिस मुकदमे को एक जिले से दूसरे जिले में ट्रांसफर करते हैं. वो शक्ति कहां है? मुकदमे को ट्रांसफर करने की कोई प्रशासनिक शक्ति नहीं है. ये न्यायिक शक्ति का मामला है. मामले को किसी और के सामने रखा गया है और मुकदमे को जल्दबाजी में खत्म कर दिया गया है.”

अवैध संपत्ति का मामला दर्ज हुआ था

खबरों के मुताबिक पोनमुडी और उनकी पत्नी के खिलाफ साल 2002 में सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय ने अवैध संपत्ति जुटाने का मामला दर्ज किया था. एजेंसी ने दावा किया था कि पोनमुडी ने 1996 और 2001 के बीच डीएमके सरकार में मंत्री रहने के दौरान अवैध संपत्ति अर्जित की थी.

इस साल 7 जून को मुकदमा ट्रांसफर किए जाने के बाद वेल्लोर के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट एन वसंत लीला ने आदेश पारित करते हुए पोनमुडी को आय से अधिक संपत्ति के मामले में बरी कर दिया था. लेकिन अगस्त 2023 में सांसदों और विधायकों से संबंधित मामलों के पोर्टफोलियो जज आनंद वेंकटेश ने राय दी थी कि इन सभी घटनाक्रमों में कुछ गंभीर गड़बड़ी थी. इसलिए, उन्होंने वसंत लीला के आदेश को वापस लेने का फैसला किया था.

जस्टिस वेंकटेश ने रजिस्ट्री को पोनमुडी, उनकी पत्नी और मामले में सह-आरोपी पी विशालाची को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया था. उन्होंने इसे उनके सामने आए "सबसे हानिकारक मामलों" में से एक बताया था.

(ये भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्टोरल बॉन्ड पर अब जो कहा है, केंद्र सरकार को दिक्कत हो जाएगी?     

वीडियो: 'शुक्रिया चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ पर सुप्रीम कोर्ट ने दुखी किया' सेम सेक्स मैरिज पर कोर्ट का फैसला देख लोग क्या बोले?

Advertisement

Advertisement

()