महाराष्ट्र पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?
सुप्रीम कोर्ट के भीतर जस्टिस रमन्ना की इस बात पर शिवसेना, कांग्रेस, एनसीपी, बीजेपी सभी राज़ी हो गए.

हम माफी मांगते हैं कि आपको रविवार को बुलाना पड़ा. लेकिन महाराष्ट्र में सरकार गठन की प्रकिया में राज्याल ने दूसरी पार्टियों के साथ पक्षपात किया है. कोर्ट की तरफ से आज ही फ्लोर टेस्ट कराने का निर्देश दिया जाए. हम बहुमत साबित होने को तैयार हैं.इस पर जस्टिस रमन्ना ने कहा-
कोई बात नहीं. इसमें कोई दो राय नहीं है कि शक्ति परीक्षण बहुमत साबित करने का सबसे अच्छा तरीका है. इस कोर्ट में कोई भी कुछ भी मांग सकता है. कोई भी व्यक्ति उसे प्रधानमंत्री बनाने के लिए कह सकता है.कपिल सिब्बल की बातों पर जस्टिस भूषण ने भी महाराष्ट्र में जल्द से जल्द फ्लोर टेस्ट कराने पर सहमति जताई. फिर कपिल सिब्बल ने कहा-
कल सुबह 5.17 मिनट पर राष्ट्रपति शासन हटा दिया गया. 8 बजे 2 लोगों ने सीएम और डिप्टी सीएम के रूप में शपथ ली. ये किस दस्तावेज के आधार पर हुआ?इस पर बीजेपी की तरफ से कोर्ट में पेश हुए मुकुल रोहतगी ने कहा-
मुझे नहीं पता कि रविवार को सुनवाई क्यों हो रही है, रविवार को कोई सुनवाई नहीं होनी चाहिए. मेरे अनुसार इस मामले में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस को लिस्टेड ही नहीं किया जाना चाहिए.फिर कपिल सिब्बल ने कहा-
महाराष्ट्र के लोगों को सरकार चाहिए. हम कह रहे हैं कि हमारे पास बहुमत है. हम इसे साबित करने के लिए तैयार हैं. हम कल बहुमत साबित कर देंगे. हमें मौका दिया जाए. हमने कर्नाटक में भी इसे देखा है. यदि बीजेपी के पास बहुमत है, तो उन्हें आज ही फ्लोर टेस्ट में बहुमत साबित करने दें.
बहुमत वाली बात पर मुकुल रोहतगी ने कहा-Kapil Sibal appearing for Shiv Sena in Supreme Court, on Shiv Sena, NCP and Congress' plea says, "We have seen this in Karnataka also. If they (BJP) have the majority, then let them show their majority."
— ANI (@ANI) November 24, 2019
कुछ चीजें ऐसी हैं जो राष्ट्रपति के पास हैं जिस पर न्यायिक हस्तक्षेप नहीं कर सकते हैं.
तमाम दलीलों के बाद कांग्रेस और एनसीपी की तरफ से पक्ष रख रहे अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा-Mukul Rohatgi, appearing for #Maharashtra BJP in Supreme Court on Congress-NCP-Shiv Sena's plea: There are some things that are with the President which are not even open to judicial intervention. pic.twitter.com/OyaX0EgTTK
— ANI (@ANI) November 24, 2019
जब शाम 7 बजे घोषणा की गई कि हम सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं और उद्धव ठाकरे सरकार का नेतृत्व करेंगे, तो क्या राज्यपाल इंतजार नहीं कर सकते थे? कल एनसीपी ने फैसला किया कि अजीत पवार विधायक दल के नेता नहीं हैं. ऐसे में उनकी अपनी पार्टी का समर्थन उनके पास नहीं है तो वह उपमुख्यमंत्री कैसे रह सकते हैं?
फिर बीजेपी की तरफ से पेश हुए मुकुल रोहतगी ने कहा-Abhishek Manu Singhvi, appearing for NCP-Congress, on Congress-NCP-Shiv Sena's plea: How can it be possible that who took oath yesterday claiming majority, is today shying away from floor test? #Maharashtra https://t.co/f23xTCqhOw
— ANI (@ANI) November 24, 2019
आज ही कोर्ट की तरफ से आदेश दिया जाए इसकी कोई आवश्यकता नहीं होनी चाहिए. गवर्नर ने कोई गलत फैसला नहीं लिया है. क्या सुप्रीम कोर्ट फ्लोर टेस्ट आगे बढ़ाने का आदेश दे सकता है. वे सभी तीन सप्ताह से सो रहे थे. उनके पास उनके दावों का कोई डॉक्यूमेंट भी मौजूद नहीं है.
फिर मुकुल रोहतगी ने आगे कहा-Mukul Rohatgi, appearing for #Maharashtra BJP on Congress-NCP-Shiv Sena's plea: Can the SC order the Governor to advance floor test? The petition is without annexures, they don’t know anything, they were sleeping for three weeks. There is no supporting document to their claims.
— ANI (@ANI) November 24, 2019
सदन कोर्ट का और कोर्ट सदन का सम्मान करता है. यही सत्य है. नहीं तो कहीं विधानसभा कल को पास कर दे कि सुप्रीम कोर्ट दो साल में सारे मामले निपटाए. दो-तीन दिनों का वक्त भी दिया जा सकता है.
कोर्ट में तीनों दलों ने 144 से ज्यादा विधायकों के समर्थन का दावा किया. जिसके बाद जस्टिस एनवी रमन्ना, अशोक भूषण और संजीव खन्ना की पीठ ने तुरंत फ्लोर टेस्ट की मांग को खारिज करते हुए सभी पार्टियों को नोटिस भेजकर जवाब मांग लिया. अब इस मामले में सोमवार के दिन सुबह साढे़ 10 बजे यही बेंच सुनवाई करेगी.Supreme Court says, appropriate orders to be passed tomorrow. https://t.co/TWAdJVI4NI
— ANI (@ANI) November 24, 2019
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