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जानिए कौन हैं SEBI के नए चेयरमैन तुहीन कांत पांडे, जो माधबी बुच की जगह लेंगे

Tuhin Kanta Pandey ने 2025-26 के बजट को तैयार करने में अहम भूमिका निभाई. एयर इंडिया के निजीकरण में उनकी बड़ी भूमिका रही.

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28 फ़रवरी 2025 (अपडेटेड: 28 फ़रवरी 2025, 12:34 PM IST)
Tuhin Kant Pandey
SEBI के नए चेयरमैन तुहीन कांत पांडे. (India Today)
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वित्त सचिव तुहिन कांत पांडे को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) का नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है. उन्हें यह जिम्मेदारी तीन साल के लिए दी गई है. कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने पांडे की नियुक्ति को मंजूरी दी. तुहिन कांत पांडे माधबी पुरी बुच की जगह लेंगे, जो 2 मार्च 2022 को SEBI की चेयरपर्सन बनी थीं. उनका कार्यकाल 28 फरवरी 2025 को समाप्त हो रहा है. माधबी बुच SEBI की पहली महिला चेयरपर्सन बनी थीं और उन्होंने तीन साल तक इस पद पर काम किया.

कौन हैं तुहिन कांत पांडे?

तुहिन कांत पांडे ओडिशा काडर के 1987 बैच के IAS अधिकारी हैं. उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ से अर्थशास्त्र में मास्टर डिग्री और यूके से MBA किया है. उन्होंने ओडिशा सरकार और भारत सरकार दोनों में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है.

तुहीन कांत पांडे 2019 में निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सचिव बने और वहां सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले सचिव रहे. उन्होंने सरकारी कंपनियों (CPSEs) के विनिवेश (Disinvestment) की प्रक्रिया को तेज किया और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (PSE) की नई नीति बनाई. एयर इंडिया के निजीकरण में उनकी बड़ी भूमिका रही. 2021 में टाटा ग्रुप ने 18,000 करोड़ रुपये में एयर इंडिया खरीदी, और 2022 में इसे आधिकारिक रूप से संभाल लिया. इसके अलावा IDBI बैंक के निजीकरण की प्रक्रिया भी उन्हीं के नेतृत्व में आगे बढ़ी. 

9 जनवरी 2024 को  तुहीन राजस्व विभाग के सचिव बने, जब संजय मल्होत्रा RBI के गवर्नर बने. उन्होंने 2025-26 के बजट को तैयार करने में अहम भूमिका निभाई, जिसमें 12 लाख तक की आय को टैक्स फ्री किया गया है. 1961 के पुराने इनकम टैक्स कानून को बदलने के लिए नए इनकम टैक्स बिल के ड्राफ्ट में भी वे शामिल रहे.

सेबी के नवनियुक्त अध्यक्ष अपने शुरुआती करियर संबलपुर समेत ओडिशा के अलग-अलग में कलेक्टर के पद पर तैनात रहे. ओडिशा राज्य वित्त निगम (OSFC) और ओडिशा स्मॉल इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन (OSIC) के मैनेजिंग डायरेक्टर रहे. इसके अलावा उन्होंने सामान्य प्रशासन विभाग के विशेष सचिव, परिवहन आयुक्त, स्वास्थ्य सचिव और वाणिज्य कर आयुक्त के रूप में जिम्मेदारियां निभाई.

कितनी सैलरी मिलेगी?

तुहीन पदभार संभालने के बाद तीन साल या अगले आदेश तक इस पद पर बने रहेंगे. आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक सेबी चेयरमैन को सरकार के सचिव के बराबर सैलरी मिलती है. इसके अलावा, सेबी चेयरमैन ₹5,62,500 मंथली की फिक्‍स्‍ड सैलरी भी चुन सकते हैं, जिसमें सरकारी वाहन और घर की सुविधा नहीं दी जाएगी. 

वीडियो: कौन हैं बड़े घोटाले सामने लाने वाली SEBI की पहली महिला अध्यक्ष माधबी पुरी बुच?

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