राहुल ने कहा-भारत राज्यों का संघ, BJP ने देश तोड़ने वाला बता दिया, जानिए सही कौन है?
राहुल गांधी की जिस बात पर BJP भड़क गई है, उसपर संविधान क्या कहता है?
Advertisement

बाएं से दाएं. कांग्रेस नेता Rahul Gandhi और बीजेपी आईटी सेल प्रमुख Amit Malviya. (फोटो: PTI/Twitter)
देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की तरफ से 2 फरवरी को लोकसभा में दिए गए भाषण की खूब चर्चा हो रही है. राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राहुल ने बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एक के बाद एक हमले किए. इसके बाद सदन से लेकर सोशल मीडिया तक विवाद की स्थिति पैदा हो गई. राहुल ने कहा कि बीजेपी देश को 'राजशाही' की तरह नहीं चला सकती क्योंकि भारत, यूनियन ऑफ स्टेट्स (Union of States) यानी 'राज्यों का संघ' है.अपने भाषण में राहुल गांधी ने कहा कि सत्ताधारी बीजेपी के पास इतिहास का ज्ञान नहीं है और वो 'राज्यों के संघ' के तौर पर भारत के विचार को दबाने की कोशिश कर रही है. कांग्रेस सांसद का कहना था,
"संविधान में भारत को राष्ट्र के तौर पर नहीं बल्कि 'राज्यों के संघ' के तौर पर परिभाषित किया गया है. कोई भारत के राज्यों के लोगों के ऊपर शासन नहीं कर सकता. अलग-अलग भाषाओं, अलग-अलग संस्कृतियों को दबाया नहीं जा सकता. यह एक साझेदारी है, कोई राजशाही नहीं."राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि बीजेपी 'भारत के राजा' का विचार वापस ला रही है, जिसे 1947 में खत्म कर दिया गया था. उन्होंने कहा,
"ऐसा सोचा जाता है कि देश को केंद्र के जरिए शासित किया जा सकता है. जब-जब ऐसा करने की कोशिश हुई है, तब-तब यह भ्रम टूटा है. भारत में हमेशा से बातचीत और साझेदारी के जरिए शासन किया गया है. आप अशोक से लेकर, मौर्य साम्राज्य और गुप्त साम्राज्य या किसी भी और साम्राज्य की तरफ देख सकते हैं."टुकड़े गैंग के मुखिया? राहुल गांधी के भाषण के तुरंत बाद उनके ऊपर जवाबी हमले शुरू हो गए. बीजेपी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने ट्वीट करते हुए कहा,
"राहुल गांधी का यह दावा कि भारत एक राष्ट्र नहीं है बल्कि 'राज्यों का संघ' है, समस्या पैदा करने वाला और खतरनाक है. ये बताता है कि राहुल गांधी को हमारे संविधान की समझ नहीं है. साथ ही साथ यह आजाद भारत के विचार पर भी हमला है. राहुल गांधी का दावा भारत के विघटन के बीज बो रहा है."
इसी तरह से बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने ट्वीट किया,Rahul Gandhi’s claim that India is not a nation but a “union of states” is deeply problematic and dangerous. It not just betrays his lack of understanding of our Constitution but also strikes at the core of idea of independent India.
It seeds the idea of India’s balkanisation.
— Amit Malviya (@amitmalviya) February 2, 2022
"राहुल गांधी ने एक राष्ट्र के तौर पर भारत के विचार पर सवाल उठाए हैं. राहुल गांधी भारत को तोड़ने के प्रयास में लगी ताकतों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और इसके लिए उन्हें कोई पश्चाताप भी नहीं है. राहुल गांधी अलग-अलग राज्यों के बीच लड़ाई कराना चाहते हैं. उनके लिए दुर्भाग्य की बात है कि भारत के युवा बुद्धिमान हैं और उनके कुटिल प्रयासों के बारे में जानते हैं. वो उन्हें हरा देंगे."
Rahul Gandhi questions the very idea of Bharat as a nation. He is an unapologetic voice for Breaking India forces, attempting to trigger a war between states. Unfortunately for him, young of India are intelligent & conscious of his nefarious design. They will defeat it. — Tejasvi Surya (@Tejasvi_Surya) February 2, 2022
संविधान क्या कहता है? ये तो हो गई आरोप-प्रत्यारोप की बात. अब जान लेते हैं कि भारत के संविधान में इसे लेकर असल में क्या लिखा है. संविधान का सबसे पहला अनुच्छेद ही भारत को परिभाषित करता है. यह कहता है,
"भारत, अर्थात इंडिया, राज्यों का संघ होगा."

संविधान के भाग एक का पेज नंबर 2 | क्रेडिट: legislative.gov.in
जानकारों के मुताबिक सही मायनों में भारत एक संघीय गणराज्य है. देश में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच शक्ति का बंटवारा किया गया है. जहां केंद्र सरकार साझे राष्ट्रीय हितों के लिए उत्तरदायी है, वहीं राज्य सरकारों का काम रोजमर्रा के स्तर पर अपने-अपने राज्यों के शासन को देखना है. इस आधार पर राहुल गांधी का भारत को 'राज्यों का संघ' कहना सही है. बीजेपी नेताओं द्वारा उनके ऊपर किए गए हमले को लेकर सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इस बात को हाईलाइट भी किया है. कुछ यूजर्स ने देश के पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का भी एक वीडियो शेयर किया है. इसमें जेटली, संसद में भारत को 'राज्यों का संघ' बता रहे हैं.