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'संपत्ति बांटने' पर राहुल गांधी का जवाब, तो PM मोदी ने सैम पित्रोदा पर कांग्रेस को घेरा

राहुल गांधी ने बताया कि उन्होंने आज तक ये नहीं कहा है कि वे गैरबराबरी के खिलाफ कोई एक्शन लेंगे, बल्कि सिर्फ ये कहा कि पता लगाते हैं कि कितना अन्याय हो रहा है. राहुल ने उन्होंने ये भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कांग्रेस का मेनिफेस्टो देखकर घबरा गए हैं.

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24 अप्रैल 2024 (पब्लिश्ड: 05:31 PM IST)
Rahul Gandhi caste census
राहुल गांधी ने कहा कि जातिगत जनगणना को कोई शक्ति नहीं रोक सकती है. (फोटो- X/Congress)
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कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पार्टी के मेनिफेस्टो पर हो रहे विवाद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणियों पर जवाब दिया है. राहुल गांधी ने बताया कि उन्होंने आज तक ये नहीं कहा है कि वे गैरबराबरी के खिलाफ कोई एक्शन लेंगे, बल्कि सिर्फ ये कहा कि पता लगाते हैं कि कितना अन्याय हो रहा है. कांग्रेस सांसद ने ये भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कांग्रेस का मेनिफेस्टो देखकर ‘घबरा’ गए हैं.

24 अप्रैल को राहुल गांधी दिल्ली के जवाहर भवन में 'सामाजिक न्याय सम्मेलन' में बोल रहे थे. यहीं पर उन्होंने कहा, 

"मुझे जाति में नहीं, बल्कि न्याय में दिलचस्पी है. मुझे सिर्फ ये कहना है कि आज हिंदुस्तान में 90 परसेंट लोगों के साथ भयंकर अन्याय हो रहा है. लेकिन आप नेशनल मीडिया को देखिए, नरेंद्र मोदी को देखिए, जैसे ही मैंने एक्स-रे शब्द का प्रयोग किया, और कहा कि टेस्ट करते हैं कि अन्याय कितना हो रहा है. सारे के सारे बोलने लगे कि देश को तोड़ने और बांटने की कोशिश हो रही है. इससे 90 परसेंट को सिर्फ ये पता लगेगा कि उनकी भागीदारी कितनी है."

दरअसल प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस के मेनिफेस्टो को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे. 21 अप्रैल को राजस्थान के बांसवाड़ा में एक चुनावी रैली के दौरान पीएम मोदी ने कहा था कि कांग्रेस देश की महिलाओं के सोने का हिसाब कर उसे बांटना चाहती है. पीएम ने दावा किया था कि कांग्रेस का मेनिफेस्टो कह रहा है कि वे मां-बहनों के सोने का हिसाब करेंगे और फिर उसे बांट देंगे.

कांग्रेस के मेनिफेस्टो में क्या लिखा है?

कांग्रेस ने मेनिफेस्टो में संपत्ति के बंटवारे को लेकर कुछ साफ नहीं कहा है. सिर्फ ये कहा गया है कि पार्टी लोगों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का पता लगाएगी. और भूमिहीनों को जमीन वितरित करेगी. कांग्रेस के मेनिफेस्टो का पहला हिस्सा है- हिस्सेदारी न्याय. इसके पहले प्वाइंट में कहा गया है कि कांग्रेस राष्ट्रव्यापी आर्थिक-सामाजिक जाति जनगणना करवाएगी. इसके जरिये कांग्रेस जातियों, उपजातियों और उनकी आर्थिक-सामाजिक स्थिति का पता लगाएगी. जनगणना से मिले आंकड़ों के आधार पर कांग्रेस उनकी स्थिति में सुधार के लिए सकारात्मक कदम उठाएगी.

ये भी पढ़ें- बिहार की जातिगत जनगणना के पीछे की राजनीति क्या है?

जातिगत जनगणना को लेकर राहुल गांधी ने एक बार फिर कहा कि ये उनके लिए राजनीति नहीं है, बल्कि जिंदगी का मिशन है. राहुल ने कहा, 

"जातिगत जनगणना को कोई शक्ति नहीं रोक सकती है. क्योंकि हिंदुस्तान के 90 परसेंट लोगों को ये बात समझ आ गई है कि देश की अर्थव्यवस्था, न्यायपालिका, संस्थाओं में उनकी कोई जगह नहीं है. और देश 90 परसेंट उनका है. तो इसको रोका नहीं जा सकता है. और जैसे ही हमारी सरकार आएगी, पहला काम जातिगत जनगणना होगा."

इन सबके बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर ‘संपत्ति के बंटवारे’ को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा. इस बार कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा के बयान को लेकर पार्टी को घेरा गया. दरअसल समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में पित्रोदा ने अमेरिका के इनहेरिटेंस (उत्तराधिकार) टैक्स की चर्चा की. उन्होंने कहा,

"अमेरिका में उत्तराधिकार टैक्स लगता है. अगर किसी व्यक्ति के पास 10 करोड़ डॉलर की संपत्ति है. उसके मरने के बाद 45 फीसदी संपत्ति उसके बच्चों को ट्रांसफर हो जाती है जबकि 55 फीसदी संपत्ति पर सरकार का मालिकाना हक हो जाता है. भारत में भी ऐसे मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए."

इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि अब कांग्रेस आपके माता-पिता से मिलने वाली विरासत पर भी टैक्स लगाएगी. छत्तीसगढ़ में एक चुनावी रैली के दौरान पीएम ने लोगों से कहा कि जब तक आप जीवित रहेंगे, तब तक कांग्रेस आपको ज्यादा टैक्स से मारेगी और जब जीवित नहीं रहेंगे, तब आप पर इनहेरिटेंस टैक्स का बोझ लाद देगी.

वीडियो: वायनाड के आदिवासी लोग राहुल गांधी से क्या चाहते हैं?

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