अगर आप गधे को हल्के में लेते हैं और उसकी वैल्यू जीरो समझते हैं. तो अपनी जनरलनॉलेज थोड़ी दुरुस्त कर लीजिए. क्योंकि पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में गधों का अलग हीरौला है. पाकिस्तान में हर साल गधों का मेला लगता है. जी वही, ढेंचू ढेंचू वालेगधे.पाकिस्तान के सिंध में एक छोटा सा जिला है बदिन. आबादी करीब 62 हजार के करीब. हरसाल इसी जगह मुहर्रम के मौके पर पाकिस्तान का सबसे बड़ा डंकी फेस्टिवल यानी गधों कामेला लगता है. दशकों से ये मेला यहीं हर साल लग रहा है.फोटो क्रेडिट: @HanifSamoon1 डॉन न्यूजमेले में भीड़ किसी भी छोटे-मोटे मेले से कम नहीं होती है. तीन दिन के इस मेले मेंपाकिस्तान में जित्ते भी तरह के गधे पाए जाते हैं, सब जाते हैं.फोटो क्रेडिट: @HanifSamoon1 डॉन न्यूजइस जगह और मेले का भौकाल इस बात से समझ लीजिए कि 2004 में पाकिस्तानी सरकार ने छोटेलेवल पर बदिन में लगने वाले गधा मार्किट को सरंक्षण देने का ऐलान किया. बदिन सरकारने गधों के बाजार के लिए जमीन और टैक्स भी तय किया.फोटो क्रेडिट: @HanifSamoon1 डॉन न्यूजगधों का मेला है तो ये मत समझिएगा कि यहां आने वाले लोग भी गधे की तरह भोंदू होतेहैं. बदिन मेले में बिकने वाले गधे करीब 25 हजार रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक केहैं, जिन्हें गधों के दीवाने खरीद भी रहे हैं.फोटो क्रेडिट: @HanifSamoon1 डॉन न्यूजसाल 2015 में बदिन गधे मेले का सेंटर ऑफ अटरेक्शन रहा 'तूफान' गधा. इस गधे के मालिकने 'तूफान' को बेचने 10 लाख रुपये तक का ऑफर भी ठुकरा दिया. मालिक की डिमांड थी कितूफान बिकेगा तो 12 लाख रुपये में. इससे एक पइसे कम में बात न बनेगी. तूफान की ऐसीकीमत की वजह से इसे मेले का विनर करार दिया गया.फोटो क्रेडिट: APपाकिस्तान में गधों का मेले लगने के अलावा गधों की दौड़ भी होती है. फरवरी 2014 मेंसिंध फेस्टिवल में गधों की दौड़ तक करवाई गई. मकसद था सिंध की हेरिटेज सभ्यता कोसरंक्षण और आर्ट कल्चर को बढ़ावा देना. गधों की दुनिया में पूछ... पाकिस्तान केअलावा मैक्सिकों में भी गधों का मेला लगता है. यूरोप के देश क्रोएशिया में भी गधोंकी रेस होती है. टेक्सस में 1963 से ईयोर्स बर्थडे पार्टी मनाई जाती है. मेले कानाम काल्पिन किरदार ईयोर नाम के उदास गधे पर पड़ा. जो 'एए मिलने' राइटर की कहानियोंसे लिया गया था. ईयोर अपने बर्थडे पर दोस्तों के विश न किए जाने से उदास था. फिरदोस्त उसे सरप्राइज देते हैं. वो खुश होता है. और वहीं से प्लॉट पड़ता है इसफेस्टिवल का.अब हर साल अप्रैल के आखिरी शनिवार को अस्टिन के पीज डिस्ट्रिक्ट पार्क में जुटतेहैं. खाते पीते हैं. इन्जॉय करते हैं. मेले की दीवानगी यूं समझिए कि स्टैचू ऑफ ईयोरतक बना दिया जाता है.