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अजीत डोभाल की सुरक्षा में चूक, जांच एजेंसी ने कहा, 'जवानों को तुरंत फायर खोलना चाहिए था'

अजीत डोभाल की सुरक्षा में चूक के चलते 3 कमांडो नौकरी से बर्खास्त, 2 सब इंस्पेक्टर सस्पेंड

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17 अगस्त 2022 (अपडेटेड: 17 अगस्त 2022, 09:51 PM IST)
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जब ये घटना घटी, उस समय अजीत डोभाल घर पर ही थे | फाइल फोटो: आजतक
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देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल (Ajit Doval) की सुरक्षा में चूक से जुड़े एक मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है. सरकार ने घटना के वक्त सुरक्षा में लगे 3 कमांडो को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है. 2 सब इंस्पेक्टर को भी सस्पेंड किया गया है. इसके अलावा VIP सुरक्षा से जुड़े एक DIG और कमांडेंट का ट्रांसफर कर दिया गया है. अजीत डोभाल की सुरक्षा में ये चूक 16 फरवरी 2022 को हुई थी.

Ajit Doval के घर के बाहर तैनात जवानों को तुरंत फायर करना था

ये मामला NSA अजीत डोभाल की सुरक्षा से जुड़ा था, इसलिए तुरंत CISF को जांच सौंपी गई. आजतक से जुड़े जितेंद्र बहादुर सिंह के मुताबिक CISF ने अपनी करीब 110 पेज की जांच रिपोर्ट में कई बड़े खुलासे किए हैं. गृह मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक जांच रिपोर्ट में कहा गया है,

इस घटना के दौरान CISF के कमांडो को ये मानकर चलना चाहिए कि ये एक फिदायीन हमला है. इसमें जवानों को तुरंत फायर खोलना चाहिए था, पर ऐसा नहीं किया गया. इसलिए सुरक्षा में तैनात जवानों पर कार्रवाई होनी चाहिए.

मंत्रालय के सूत्रों ने आगे बताया कि NSA अजीत डोभाल के घर के गेट तक जो गाड़ी पहुंच गई, उसमें मौजूद शख्स ने पहले रेकी की होगी. इसलिए उसने रॉन्ग साइड से गाड़ी लाकर NSA के घर के गेट पर टक्कर मार दी. इनके मुताबिक जब ये घटना घटी तो गेट पर 3 कमांडो मौजूद थे, लेकिन इनकी तरफ से कोई कदम नहीं उठाया गया.

आजतक के मुताबिक गृह मंत्रालय के सूत्रों ने ये बताया कि CISF की रिपोर्ट में इस तरह की चूक को "रेयरेस्ट ऑफ रेयर" केस माना गया है.

फरवरी में Ajit Doval के घर के बाहर क्या हुआ था?

आजतक से जुड़े जितेंद्र बहादुर सिंह के मुताबिक 16 फरवरी 2022 को एक शख्स ने सुबह करीब 7 बजकर 45 मिनट पर तेजी से एक कार अजीत डोभाल के घर में घुसाने की कोशिश की थी. लेकिन, वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने सही वक्त पर उस शख्स को रोककर हिरासत में ले लिया था. जब ये घटना घटी, उस समय अजीत डोभाल घर पर ही थे.

गिरफ्तार शख्स की पहचान कर्नाटक के बेंगलुरु में रहने वाले शांतनु रेड्डी के तौर पर की गई. बताया गया था कि उसने नोएडा से रेड कलर की SUV कार किराए पर ली थी. इसी कार को लेकर वह अजीत डोभाल के घर पहुंचा था. कार को अंदर घुसाने की कोशिश के दौरान ही रेड्डी को पकड़ लिया गया. उस समय उसकी मानसिक स्थिति सही नहीं लग रही थी. उसका कहना था कि उसकी बॉडी में किसी ने चिप लगा दिया है और उसे रिमोट से कंट्रोल किया जा रहा है. हालांकि, जांच में उसकी बॉडी से कोई चिप नहीं पाया गया.

NSA अजीत डोभाल की सुरक्षा CISF करती है. उन्हें गृह मंत्रालय की तरफ से Z+ कैटेगरी की सुरक्षा मिली हुई है. उनके चारों तरफ कड़ा सुरक्षा पहरा होता है. इसमें 58 कमांडो शामिल होते हैं. इसमें 10 आर्म्ड स्टैटिक गॉर्ड, 6 PSO, 24 जवान, 5 वाचर्स (दो शिफ्ट में) शामिल होते हैं.

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