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मुर्दा जलाने-दफनाने पर कोई GST नहीं - महंगाई पर निर्मला सीतारामन ने बताया

"लेकिन श्मशान के निर्माण में जीएसटी का स्टैन्डर्ड रेट लगेगा."

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1 अगस्त 2022 (अपडेटेड: 2 अगस्त 2022, 12:48 PM IST)
Nirmala Sitharaman
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (फाइल फोटो-PTI)
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आर्थिक मंदी की आशंकाओं को खारिज करते हुए केंद्र सरकार ने कहा है कि भारत के मंदी में जाने का सवाल ही नहीं उठता है. सोमवार 1 अगस्त को लोकसभा में महंगाई के मुद्दे पर चर्चा हो रही थी. इसी दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने ब्लूमबर्ग सर्वे के हवाले से बताया कि देश में मंदी की कोई संभावना नहीं है. वित्त मंत्री ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया के कई देशों के मुकाबले बेहतर स्थिति में है और सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में एक है. सीतारामन ने इस दौरान विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा और कहा कि विपक्ष महंगाई के मुद्दे पर राजनीति कर रहा है.

'सरकार महंगाई को काबू में रख रही'

निर्मला सीतारामन ने संसद में महंगाई, जीएसटी, विकास दर समेत अर्थव्यवस्था के कई पहलुओं पर सवालों के जवाब दिए. वित्त मंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी, रूस-यूक्रेन युद्ध और सप्लाई चेन में दिक्कतों के बावजूद भारत सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है. उन्होंने कहा, 

"हमने महंगाई को काबू में रखा है. महंगाई दर 7 फीसदी या उससे नीचे ही रही है. सरकार महंगाई के स्तर को 7 फीसदी से नीचे रखने की कोशिश कर रही है. मैं इसका क्रेडिट भारत की जनता को देती हूं. मुश्किल परिस्थितियों में हम एकसाथ खड़े रहे."

जीएसटी पर बात करते हुए निर्मला सीतारामन ने कहा कि श्मशान, मुर्दाघर, अंतिम संस्कार, कब्रिस्तान की सेवाओं पर कोई जीएसटी नहीं है. लेकिन श्मशान के निर्माण में जीएसटी का स्टैन्डर्ड रेट लगेगा.

वित्त मंत्री ने कहा कि विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) जैसी एजेंसियां दो सालों से लगातार दुनिया की खराब आर्थिक स्थिति की बात कर रही है. उन्हीं एजेंसियों का कहना है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है. सीतारामन ने कहा कि वित्त वर्ष 2021-22 में भारत का कर्ज और जीडीपी का अनुपात 56.21 है, जो कई देशों से बहुत कम है. उन्होंने कहा कि कमर्शियल बैंकों के एनपीए में सुधार हुआ है जो 6 सालों के सबसे निचले स्तर 5.9 फीसदी पर है.  

महंगाई को लेकर कांग्रेस पर निशाना

दरअसल, कांग्रेस समेत दूसरी विपक्षी पार्टियां मानसून सत्र के पहले दिन से महंगाई के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग कर रही थीं. निर्मला सीतारामन सोमवार को जब महंगाई पर जवाब दे रही थीं तो कांग्रेस और डीएमके सांसदों ने लोकसभा से वॉकआउट कर दिया. इस पर वित्त मंत्री ने कहा कि कांग्रेस का दोहरा चरित्र साफ दिख रहा है. महंगाई पर चर्चा नहीं कराने का आरोप लगाने वाली कांग्रेस जवाब तक सुनने को तैयार नहीं है.

सीतारामन ने आगे कहा, 

"पहले की यूपीए सरकार के समय ऐसा कोई संकट (महामारी) नहीं था. यूपीए सरकार में 22 महीने तक महंगाई दर  9 फीसदी से ज्यादा रही थी. और 9 से अधिक बार महंगाई दर डबल डिजिट में रही. कांग्रेस और विपक्ष को उन दिनों को याद करना चाहिए."

'GST कलेक्शन 1.4 लाख करोड़ से ज्यादा'

वित्त मंत्री ने कहा कि जुलाई में जीएसटी कलेक्शन 28 फीसदी बढ़कर 1.49 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया. यह अब तक का दूसरा सबसे बड़ा कलेक्शन है. इससे पहले अप्रैल 2022 में जीएसटी कलेक्शन 1.67 लाख करोड़ रुपये रहा था. उन्होंने कहा कि यह लगातार 5वां महीना है जब जीएसटी कलेक्शन 1.4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा है.

विपक्षी पार्टियां GST को लेकर भी सरकार पर लगातार निशाना साधती रही हैं. इस पर वित्त मंत्री ने एक सर्वे के हवाले से बताया कि 90 फीसदी कारोबारियों का मानना है कि GST से बिजनेस करना आसान हुआ है. इससे पहले विपक्ष ने सदन के भीतर महंगाई के मुद्दे पर सरकार को घेरा. सांसदों के हंगामे के कारण कार्यवाही भी स्थगित करनी पड़ी थी.

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