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महिलाओं के खिलाफ और बढ़ा क्राइम, हार्ट अटैक पर टेंशन देने वाली खबर, NCRB की रिपोर्ट आ गई

क्राइम की ये सालाना रिपोर्ट बीते 3 दिसंबर को चार राज्यों में विधानसभा चुनावों के नतीजे घोषित होने के बाद जारी हुई है, जबकि साल 2022 में क्राइम रिपोर्ट अगस्त में ही पब्लिश हो गई थी.

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NCRB ने 'Crime in India Report 2022' जारी की है. (प्रतीकात्मक फोटो, सोर्स- आजतक )
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शिवेंद्र गौरव
4 दिसंबर 2023 (अपडेटेड: 4 दिसंबर 2023, 02:56 PM IST)
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नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने 3 दिसंबर, 2023 को एक रिपोर्ट जारी की. 'क्राइम इन इंडिया रिपोर्ट 2022' (Crime in India Report 2022) नाम की इस रिपोर्ट में भारत में साल 2022 में हुए अपराधों का विस्तृत डेटा है. रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2021 की तुलना में साल 2022 में महिलाओं के खिलाफ अपराध, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), बच्चों के खिलाफ अपराध, साइबर क्राइम और राज्य के खिलाफ (यानी सरकार के खिलाफ) अपराधों में बढ़ोतरी हुई है. क्राइम की ये सालाना रिपोर्ट और ADSI यानी ‘एक्सीडेंटल डेथ्स एंड सुसाइड रिपोर्ट’, बीते दिन चार राज्यों में विधानसभा चुनावों के नतीजे घोषित होने के बाद जारी हुई हैं, जबकि साल 2022 में क्राइम रिपोर्ट अगस्त में ही पब्लिश हो गई थी.

इन रिपोर्ट्स में सामने आए अपराधों के आंकड़े चिंतित करने वाले हैं. विस्तार से जानते हैं कि कौन सा अपराध कितना बढ़ा है.

अचानक हुई मौतें (Sudden Deaths)

द हिंदू में छपी विजेता सिंह की खबर के मुताबिक, ADSI रिपोर्ट में कहा गया है कि देश भर में Sudden Deaths (अचानक हुई मौतों) की तादाद में 11.6 फीसद की बढ़ोतरी हुई है. साल 2022 में 56 हजार 653 Sudden Deaths हुई हैं. इनमें से 32 हजार 410 मौतें दिल का दौरा पड़ने से जबकि 24 हजार 243 मौतें अन्य कारणों से हुई हैं. सबसे ज्यादा (19 हजार 456) Sudden Deaths 45 से 60 साल के आयु वर्ग में हुईं.

आत्महत्या और एक्सीडेंटल डेथ्स

साल 2021 में 1 लाख 64 हजार 33 लोगों ने आत्महत्या की थी. इसकी तुलना में साल 2022 में 1 लाख 70 हजार 924 लोगों ने आत्महत्या की. इसी तरह साल 2021 में एक्सीडेंटल डेथ्स यानी हादसों में होने वाली आकस्मिक मौतों का आंकड़ा 3 लाख 97 हजार 530 था, जो साल 2022 में बढ़कर 4 लाख 30 हजार 504 हो गया.

महिलाओं के खिलाफ अपराध

क्राइम इन इंडिया रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2022 के दौरान महिलाओं के खिलाफ अपराध के कुल 4 लाख 45 हजार 256 मामले दर्ज किए गए, जो 2021 में (4 लाख 28 हजार 278 मामलों की तुलना में 4 फीसद ज्यादा है. भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत 'महिलाओं के खिलाफ अपराध' के बतौर दर्ज हुए ज्यादातर मामले, महिला के पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता के थे. इसके अलावा 19.2 फीसद मामले, महिलाओं का अपहरण या उन्हें अगवा करने के दर्ज हुए. 7.1 फीसद मामले बलात्कार के दर्ज हुए.

बच्चों के खिलाफ अपराध

साल 2022 में बच्चों के खिलाफ अपराध के कुल 1 लाख 62 हजार 449 मामले दर्ज किए गए. ये संख्या साल 2021 के 1 लाख 49 हजार 404 मामलों की तुलना में 8.7 फीसद ज्यादा है. साल 2021 में बच्चों के खिलाफ अपराध के तहत आने वाले कुल मामलों में अपहरण के 45.7 फीसद मामले थे, जबकि बलात्कार सहित POCSO एक्ट के तहत 39.7 फीसद मामले दर्ज हुए. वहीं साल 2022 में किशोरों के खिलाफ कुल 30 हजार 555 मामले दर्ज किए गए हैं, जो 2021 (31 हजार 170 मामले) की तुलना में 2 फीसद की गिरावट दिखाता है.

साइबर क्राइम

साल 2022 में इंटरनेट या ऑनलाइन माध्यमों से होने वाले अपराधों (साइबर क्राइम) की कुल तादाद 65 हजार 893 है. ये साल 2021 में दर्ज हुए 52 हजार 974 मामलों की तुलना 24.4 फीसद ज्यादा है. साल 2022 में दर्ज हुए साइबर क्राइम्स में 42 हजार 710 यानी कुल के 64.8 फीसद मामले धोखाधड़ी के थे. इनके अलावा 3,648 मामले (5.5 फीसद) वसूली, 3 हजार 434 मामले (5.2 फीसद) यौन शोषण के थे. इनके अलावा सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंचाने के 4 हजार 403 मामले दर्ज हुए और 1 हजार 5 मामले गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत दर्ज किए गए.

- अपराध दर साल 2021 में 7 फीसद थी. जो साल 2022 में घटकर 6.9 फीसद हो गई है.

- वरिष्ठ नागरिकों (60 साल से ज्यादा) के खिलाफ कुल 28 हजार 545 आपराधिक मामले दर्ज किए गए. साल 2021 में इस आयु-वर्ग के लोगों के खिलाफ 26 हजार 110 मामले दर्ज हुए थे. कुल वृद्धि प्रतिशत है 9.3. 

- अनुसूचित जाति (SC) के लोगों के साथ अपराध के कुल 57 हजार 582 मामले दर्ज किए गए. ये साल 2021 में दर्ज 50 हजार 900 मामलों की तुलना में 13.1 फीसद ज्यादा है.

- अनुसूचित जनजातियों (ST) के लोगों के साथ अपराध के कुल 10 हजार 064 मामले दर्ज किए गए. ये साल 2021 में दर्ज 8 हजार 802 मामलों की तुलना में 14.3 फीसद ज्यादा हैं. 

- आर्थिक अपराधों के तहत कुल 1 लाख 93 हजार 385 मामले दर्ज किए गए, जो साल 2021 में दर्ज 1 लाख 74 हजार 013 मामलों की तुलना में 11.1 फीसद की वृद्धि दिखाता है. 

- स्टेट एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने साल 2022 में कुल 4 हजार 139 मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि 2021 में 3 हजार 745 मामले दर्ज किए गए थे. 

- इसके अलावा साल 2022 में कुल 58 लाख 24 हजार 946 संज्ञेय अपराध के मामले दर्ज किए गए.

- लोक सेवक के आदेश की अवज्ञा ( किसी सरकारी आदेश को न मानना) के मामलों में बड़ी गिरावट दर्ज हुई है. साल 2021 में ऐसे मामले 3 लाख 22 हजार 115 थे, जो 2022 में घटकर 67 हजार 350 हो गए. 

वीडियो: NCRB ने 'क्राइम इन इंडिया' की 2021 की रिपोर्ट जारी की, जानिए पूरे देश की इतनी बड़ी रिपोर्ट बनती कैसे है?

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