नरसिंहानंद सरस्वती ने 'हर घर तिरंगा' अभियान का किया विरोध, बोले- तिरंगे का बहिष्कार करो
नरसिंहानंद ने कहा, 'हिंदुओं के दलाल मुसलमानों के आर्थिक बहिष्कार की बात करते हैं. जब इनकी सरकार बन जाती है तो सरकारी ठेके भी मुसलमान को देते हैं.'

डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती (Narsinhanand Saraswati) के राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) को लेकर दिए एक बयान पर विवाद हो गया है. इसमें नरसिंहानंद ने केंद्र सरकार के 'हर घर तिरंगा' (Har Ghar Tiranga) अभियान का विरोध किया है. साथ ही उन्होंने हिंदुओं से तिरंगे का बहिष्कार करने और घर पर भगवा ध्वज लगाने की अपील की है.
एक वायरल वीडियो में नरसिंहानंद सरस्वती कह रहे हैं-
'सलाउद्दीन को एक भी पैसा मत दो'तिरंगे के नाम पर एक बहुत बड़ा अभियान इस देश में चल रहा है और वो भारत की सत्तारूढ़ पार्टी करवा रही है. तिरंगे का सबसे बड़ा ऑर्डर बंगाल की कंपनी में एक सलाउद्दीन नाम के मुसलमान को दिया गया है. दुनिया के सबसे बड़े पाखंडी अगर कोई हैं तो वो हिंदू हैं. वो हिंदुओं के दलाल जो मुसलमानों के आर्थिक बहिष्कार की बात करते हैं. जब इनकी सरकार बन जाती है तो सरकारी ठेके भी मुसलमान को देते हैं. ये कितना बड़ा षडयंत्र है. हिंदुओं इस अभियान का बहिष्कार करो.
बयान में डासना देवी मंदिर के महंत ने आगे कहा-
अगर जिंदा रहना है तो मुसलमान को पैसे देने वाले इस तिरंगा अभियान का बहिष्कार करो. घर में पुराना तिरंगा लगाओ, लेकिन सलाउद्दीन को एक भी पैसा मत दो. ये तुम्हारे पैसों पर मुसलमानों को अमीर बनाकर तुम्हारे बच्चों की हत्या का इंतजाम नहीं कर सकते. किसी भी मुसलमान के पास जब हिंदू का पैसा जाता है तो वो जिहाद के लिए जकात देता है और वही जकात तुम्हारे और तुम्हारे बच्चों के कत्ल के लिए काम आती है. तिरंगे का बहिष्कार करो क्योंकि इस तिरंगे ने तुम्हे बर्बाद किया है. हिंदू के घर पर भगवा ध्वज होना चाहिए.
ये पहली बार नहीं है जब नरसिंहानंद किसी विवादित बयान को लेकर चर्चा में आए हों. उनका सार्वजनिक जीवन ऐसे ही बयानों से चर्चा में रहता है. इससे पहले वो महात्मा गांधी, मुस्लिम समुदाय और पैगंबर मोहम्मद को लेकर कई बार विवादित बयान दे चुके हैं.
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कौन है नरसिंहानंद सरस्वती?यति नरसिंहानंद सरस्वती गाजियाबाद के शिव शक्ति धाम डासना मंदिर के महंत हैं. वो पूर्व बीजेपी सांसद बीएल शर्मा को अपना गुरू मानते हैं. उनको अखिल भारतीय संत परिषद का राष्ट्रीय संयोजक भी बताया जाता है. साथ ही उनके बारे में कहा जाता है कि उन्होंने रूस में पढ़ाई की है और मॉस्को व लंदन समेत कई जगहों पर काम भी किया है. वो समाजवादी पार्टी से भी जुड़े रह चुके हैं.
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