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मुकुल रोहतगी फिर बनेंगे अटॉर्नी जनरल, केके वेणुगोपाल के साथ क्या दिक्कत हो गई?

केंद्र सरकार ने मौजूदा अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल से पद पर बने रहने की अपील की थी.

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Mukul Rohtagi to be again Attorney General of India
(बाएं-दाएं) मुकुल रोहतगी और केके वेणुगोपाल. (तस्वीरें- इंडिया टुडे और पीटीआई)
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दुष्यंत कुमार
13 सितंबर 2022 (Updated: 13 सितंबर 2022, 06:26 PM IST)
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जाने-माने वकील मुकुल रोहतगी देश के अगले अटॉर्नी जनरल (Mukul Rohtagi Next Attorney General) होंगे. इंडिया टुडे/आजतक ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि कानून मंत्रालय ने मुकुल रोहतगी से अगला अटॉर्नी जनरल बनने की रिक्वेस्ट की थी, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है. वहीं मौजूदा अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल (KK Venugopal) इस महीने के अंत में अपना पद छोड़ देंगे. यानी अगले महीने से मुकुल रोहतगी महान्यायवादी के रूप में सुप्रीम कोर्ट में भारत सरकार का पक्ष रखेंगे. मुकुल रोहतगी पहले भी अटॉर्नी जनरल रहे हैं. उन्होंने 2017 में इस पद से इस्तीफा दे दिया था.

Mukul Rohtagi बनेंगे Attorney General, KK Venugopal जाएंगे

मौजूदा अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल का कार्यकाल तीन बार बढ़ाया जा चुका है. आजतक से जुड़े संजय शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार चाहती थी कि 90 वर्षीय वेणुगोपाल आगे भी ये पद संभालते रहें. उसने एक बार फिर उनका कार्यकाल बढ़ाने की पेशकश की थी. लेकिन बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य का हवाला देते हुए उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया. ये संयोग ही है कि मुकुल रोहतगी के 2017 में अटॉर्नी जनरल पद से इस्तीफा देने के बाद वेणुगोपाल ने ही ये पद संभाला था. और अब उनके ये पद छोड़ने के बाद मुकुल रोहतगी एजी बनने जा रहे हैं.

इससे पहले 2014 में पहली बार केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार बनने पर मुकुल रोहतगी तीन साल के लिए अटॉर्नी जनरल नियुक्त किए गए थे. 2017 में उनका कार्यकाल खत्म होने वाला था. बताया गया कि सरकार ने उनको दो साल का सेवा विस्तार देने में आनाकानी की थी तो रोहतगी ने जून 2017 में इस्तीफा दे दिया. इसके बाद वेणुगोपाल को तीन साल के लिए इस शीर्ष विधि पद पर नियुक्त किया गया. 2020 में जब उनका कार्यकाल पूरा हुआ तो सरकार ने एक-एक साल के दो सेवा विस्तार उन्हें दे दिए. इस साल जून में फिर तीन महीने का सेवा विस्तार दिया गया था.

अब फाइनली वेणुगोपाल के इनकार के बाद सरकार ने 16वें अटॉर्नी जनरल की खोज शुरू की तो निगाहें फिर रोहतगी पर ही अटक गईं. संजय शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री कार्यालय ने उनसे संपर्क किया था. सूत्रों के मुताबिक रोहतगी मान गए हैं. सब कुछ ठीक चलता रहा तो एक अक्टूबर को देश को नया महान्यायवादी मिल जाएगा.

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