'हमारे स्कूल अच्छे कि तुम्हारे स्कूल अच्छे' पर सिसोदिया ने यूपी में मारा धप्पा
पुलिस ने रोका तो स्कूल का वीडियो ट्विटर पर डाल दिया
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मनीष सिसोदिया ने लखनऊ पहुंच कर यूपी और दिल्ली के स्कूलों की तुलना पर फैक्ट चेक करना शुरू कर दिया. जब उन्हें रोका गया तो उन्होंने ट्विटर पर बातें रखनी शुरू कर दीं.
यूपी का अगला विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुकी आम आदमी पार्टी के नेता 'स्कूल चैलेंज' के लिए मंगलवार को लखनऊ पहुंच गए. दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया यूपी के मंत्री से बहस करने के लिए इंतजार करते रहे. वो नहीं आए तो खुद स्कूलों का दौरा करने निकल पड़े. लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया. इसके बाद सियासत गरमा गई.
सिसोदिया ने लखनऊ के नजदीक उतरटिया नाम की जगह पर बने एक स्कूल की हालत का वीडियो ट्विटर पर शेयर किया. अपने ट्वीट में लिखा- स्कूल के हालात वाकई में ऐसे नहीं थे कि जिसे देखकर किसी को अच्छा लगे. यूपी की पुलिस द्वारा दिल्ली के डिप्टी सीएम को रोके जाने और बहस के लिए यूपी के मंत्री के न आने को आम आदमी पार्टी के नेताओं ने मुद्दा बना लिया. वो कहने लगे कि यूपी सरकार अपनी चुनौती से पीछे हट गई है.
यूपी के बेसिक शिक्षा मंत्री ने दिल्ली के सीएम केजरीवाल को स्कूल चैलेंज दे दिया था.
यूपी के मंत्री ने दिया था स्कूल चैलेंज इस मामले की शुरुआत 15 दिसंबर को हुई थी. यूपी के बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी ने दिल्ली के शिक्षा मंत्री को अपने स्कूल बेहतर होने का चैलेंज दे दिया. इस विवाद में कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह भी कूद गए. उन्होंने भी यूपी को दिल्ली से बेहतर बताया. फिर क्या था, आम आदमी पार्टी की सरकार में डिप्टी सीएम और शिक्षा मंत्री ने उनका चैलेंज स्वीकार कर लिया. इस चैलेंज पर अमल करने के लिए ही उन्होंने 22 दिसंबर को अपने कार्यक्रम से वक्त निकालकर यूपी के स्कूलों का रिएलिटी चेक शुरू कर दिया. उन्होंने लखनऊ पहुंचकर ट्वीट किया. लिखा-
वह अभी रास्ते में ही थे कि उन्हें प्रशासन ने आगे जाने से रोक दिया. इस पर मनीष सिसोदिया ने फिर ट्वीट किया- पुलिस के रोकने पर मनीष सिसोदिया की पुलिसवालों के साथ बहस भी हो गई. इस दौरान के एक वीडियो में मनीष सिसोदिया फोन पर किसी से बात करते सुनाई दे रहे हैं. जो कह रहा है कि किसी भी तरह के प्रोग्राम से पहले उन्हें परमिशन लेनी चाहिए.
स्कूलों का कंपटीशन चल रहा है, और फिलहाल मानकर चला जा सकता है कि ऐसे ही नजारे आगे भी देखने को मिलते रहेंगे. यूपी की राजनीति में आम आदमी पार्टी दिल्ली मॉडल को बेहतर दिखाने का कोई मौका छोड़ती नजर नहीं आ रही.
सिसोदिया ने लखनऊ के नजदीक उतरटिया नाम की जगह पर बने एक स्कूल की हालत का वीडियो ट्विटर पर शेयर किया. अपने ट्वीट में लिखा- स्कूल के हालात वाकई में ऐसे नहीं थे कि जिसे देखकर किसी को अच्छा लगे. यूपी की पुलिस द्वारा दिल्ली के डिप्टी सीएम को रोके जाने और बहस के लिए यूपी के मंत्री के न आने को आम आदमी पार्टी के नेताओं ने मुद्दा बना लिया. वो कहने लगे कि यूपी सरकार अपनी चुनौती से पीछे हट गई है.
यूपी के बेसिक शिक्षा मंत्री ने दिल्ली के सीएम केजरीवाल को स्कूल चैलेंज दे दिया था.
यूपी के मंत्री ने दिया था स्कूल चैलेंज इस मामले की शुरुआत 15 दिसंबर को हुई थी. यूपी के बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी ने दिल्ली के शिक्षा मंत्री को अपने स्कूल बेहतर होने का चैलेंज दे दिया. इस विवाद में कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह भी कूद गए. उन्होंने भी यूपी को दिल्ली से बेहतर बताया. फिर क्या था, आम आदमी पार्टी की सरकार में डिप्टी सीएम और शिक्षा मंत्री ने उनका चैलेंज स्वीकार कर लिया. इस चैलेंज पर अमल करने के लिए ही उन्होंने 22 दिसंबर को अपने कार्यक्रम से वक्त निकालकर यूपी के स्कूलों का रिएलिटी चेक शुरू कर दिया. उन्होंने लखनऊ पहुंचकर ट्वीट किया. लिखा-
वह अभी रास्ते में ही थे कि उन्हें प्रशासन ने आगे जाने से रोक दिया. इस पर मनीष सिसोदिया ने फिर ट्वीट किया- पुलिस के रोकने पर मनीष सिसोदिया की पुलिसवालों के साथ बहस भी हो गई. इस दौरान के एक वीडियो में मनीष सिसोदिया फोन पर किसी से बात करते सुनाई दे रहे हैं. जो कह रहा है कि किसी भी तरह के प्रोग्राम से पहले उन्हें परमिशन लेनी चाहिए.
स्कूलों का कंपटीशन चल रहा है, और फिलहाल मानकर चला जा सकता है कि ऐसे ही नजारे आगे भी देखने को मिलते रहेंगे. यूपी की राजनीति में आम आदमी पार्टी दिल्ली मॉडल को बेहतर दिखाने का कोई मौका छोड़ती नजर नहीं आ रही.

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