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महाराष्ट्र: एक और विधायक के दफ्तर में तोड़फोड़, नवनीत राणा बोलीं- राष्ट्रपति शासन लगाओ

शिवसेना प्रवक्ता संजय मोरे ने कहा- जो भी उद्धव ठाकरे से बगावत करेगा उसके साथ ऐसा ही होगा.

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25 जून 2022 (अपडेटेड: 28 जून 2022, 12:09 PM IST)
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बागी विधायक तानाजी सावंत के ऑफिस में शिवसेना कार्यकर्ताओं ने की तोडफोड (फोटो: ट्विटर)
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महाराष्ट्र में विधायकों की बगावत के बाद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) महाविकास अधाड़ी सरकार (Maha Vikas Aghadi) और पार्टी दोनों को बचाने की कोशिश में जुटे हैं. वहीं बागी विधायकों के खिलाफ उद्धव के समर्थकों का गुस्सा फूट रहा है. आज पुणे में शिवसेना के बागी विधायक तानाजी सावंत (Tanaji Sawant) के दफ्तर में शिवसेना कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने उद्धव ठाकरे के समर्थन में नारे भी लगाए. वहीं, अमरावती से निर्दलीय सांसद नवनीत राणा (Navneet Rana) इन हिंसक प्रदर्शनों पर हमला बोलते हुए वीडियो शेयर की. इस वीडियो में नवनीत ने केंद्र गृह मंत्री अमित शाह से अपील की है कि बागी विधायकों के परिजनों को सुरक्षा मुहैया कराई जाए.  

'बगावत करने वाले के साथ ऐसा ही होगा' 

पुणे में कटराज के बालाजी इलाके में मौजूद तानाजी सावंत के ऑफिस में तोड़फोड़ करने वाला एक वीडियो भी वायरल हो रहा है. वीडियो में कुछ शिवसेना समर्थक हाथ में पार्टी के झंडे लिए तानाजी के ऑफिस की घुसते हैं. भीड़ को आता देख एक व्यक्ति शटर बंद करने की कोशिश करता है, लेकिन शिवसेना समर्थक शटर को खोलकर अंदर घुस जाते हैं. वे पत्थर, और लाठी-डंडों से अंदर मौजूद सामान को तोड़ने लगते हैं.  

सावंत बागी विधायकों में से एक हैं और इस वक्त वे गुवाहाटी में एकनाथ शिंदे के साथ एक होटल में ठहरे हुए हैं. वहीं पुणे शहर के शिवसेना प्रमुख संजय मोरे ने कहा,  

"हमारी पार्टी के कार्यकर्ता ने तानाजी सावंत के कार्यालय में तोड़फोड़ की. हमारे प्रमुख उद्धव ठाकरे को परेशान करने वाले सभी देशद्रोही और बागी विधायकों को इस प्रकार की कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा. उनके कार्यालय पर भी हमला होगा. किसी को बख्शा नहीं जाएगा." 

वहीं शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत का कहना है कि

“इस पार्टी पर कोई आसानी से डाका नहीं डाल सकता है. केवल पैसे के दम पर कोई पार्टी नहीं खरीद सकता. अभी जो भी संकट है उसे हम संकट नहीं मानते बल्कि ये हमारी पार्टी के लिए विस्तार का मौका है.” 

नवनीत राणा ने क्या कहा?

इस मामले पर नवनीत राणा ने एक वीडियो जारी कर कहा, 

"मैं गृहमंत्री अमित शाह से हाथ जोड़कर विनती करती हूं कि जो विधायक उद्धव ठाकरे को छोड़कर अपनी मर्जी से अलग हुए हैं और बाला साहब की विचारधारों से जुड़े हुए हैं उनके परिवारों को सुरक्षा दी जाए."

इसके साथ ही नवनीत ये भी कहा कि महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की गुंडागर्दी और पावर का गलत इस्तेमाल करने पर रोक लगे और महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू हो. वहीं शनिवार को शिवसेना की कार्यकरिणी बैठक से पहले एकनाथ शिंदे ने एक चिट्ठी लिखकर ये कहा है कि अगर उनके साथ मौजूद विधायकों और उनके परिजनों को कुछ होता है तो इसके जिम्मेदार सीएम उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे, शरद पवार, संजय राउत और महाविकस अघाड़ी के नेता होंगे, क्योंकि उन्होंने इन विधायकों के परिजनों की सुरक्षा वापस ले ली है. 

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