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महाराष्ट्र के पालघर में पिता-पुत्र ने एक साथ ले ली अपनी जान, वीडियो वायरल

महाराष्ट्र के पालघर जिले में ट्रेन आती देख पिता-पुत्र ने एक दूसरे का हाथ पकड़े हुए पटरी पर लेट कर सुसाइड कर लिया. अभी तक इस घटना के पीछे की वजह पता नहीं चल पाई है.

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9 जुलाई 2024 (अपडेटेड: 9 जुलाई 2024, 12:01 AM IST)
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महाराष्ट्र के पालघर जिले में ट्रेन की पटरी पर लेट कर पिता-पुत्र का सुसाइड करने का मामला सामने आया है. (सांकेतिक तस्वीर-इंडिया टुडे)
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महाराष्ट्र के पालघर जिले में पिता-पुत्र की आत्महत्या की घटना ने लोगों को सकते में डाल दिया. घटना सोमवार, 8 जुलाई की सुबह की बताई जा रही है. दोनों पिता-पुत्र एक रेलवे ट्रैक के पास से गुजर रहे थे. वे बातें कर रहे थे. तभी सामने से ट्रेन आती देख अचानक पटरी पर लेट जाते हैं. उनके और ट्रेन के बीच इतना फासला नहीं था कि ड्राइवर इमरजेंसी ब्रेक लगाकर भी गाड़ी को रोक पाए. ट्रेन बाप-बेटे के ऊपर से गुजर जाती है. दोनों की मौत हो गई.

आजतक से जुड़े जाकिर मिस्त्री की रिपोर्ट के मुताबिक घटना भायंदर स्टेशन के पास की है. सुसाइड की इस हैरतअंगेज घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है. वीडियो में देखा जा सकता है कि पिता-पुत्र भायंदर रेलवे स्टेशन के पास बात करते हुए जा रहे हैं. तभी एक ट्रेन प्लेटफॉर्म पार कर रही है. ट्रेन के पार हो जाने के बाद दोनों प्लेटफॉर्म के अंत में जाकर नीचे उतर जाते हैं. वे उतर कर पटरियों पर आ जाते हैं. उसी वक्त एक लोकल ट्रेन प्लेटफॉर्म नंबर 6 से चर्चगेट की तरफ जा रही थी. ट्रेन पास आती देख दोनों पिता-पुत्र पटरी पर लेट गए. ट्रेन दोनों को कुचलते हुए आगे चली जाती है. 

बताया गया है कि 60 साल के हरीश मेहता और उनका 35 साल का बेटा जय मेहता वसई के रहने वाले थे. रेलवे पुलिस ने मौके पर पहुंच कर दोनों के शव कब्जे में ले लिए. उन्हें पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है. खबर लिखे जाने तक ये साफ नहीं हो पाया था कि आखिर हरीश और जय ने एकसाथ जान देने का फैसला क्यों किया. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

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(अगर आप या आपके किसी परिचित को खुद को नुकसान पहुंचाने वाले विचार आ रहे हैं तो आप इस लिंक में दिए गए हेल्पलाइन नंबरों पर फोन कर सकते हैं. यहां आपको उचित सहायता मिलेगी. मानसिक रूप से अस्वस्थ महसूस होने पर डॉक्टर के पास जाना उतना ही ज़रूरी है जितना शारीरिक बीमारी का इलाज कराना. खुद को नुकसान पहुंचाना किसी भी समस्या का समाधान नहीं है.)

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