बालकनी पर ले रहा था बर्थडे विश, बिजली गिरी, मर गया
बीते 24 घंटों में बिजली गिरने से यूपी और बिहार में 98 लोगों की मौत हो चुकी है.
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बीते 24 घंटों में 98 लोगों की मौत बिजली गिरने से हो चुकी है. मंगलवार को यूपी में 42 और बिहार में 56 से ज्यादा लोगों की जान बिजली गिरने से चली गई.
बिहार के आपदा प्रबंधन मिनिस्टर चंद्रशेखर ने मुआवजे का ऐलान कर दिया है. मरने वालों के परिवार को 4 लाख रुपये दिए जाएंगे.
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किन जिलों में गिरी बिजली?
पटना. सहरसा. पूर्णिया. कटिहार. समस्तीपुर. छपरा. कैमूर. आरा. औरंगाबाद. नालंदा. बक्सर. इन जगहों में बिजली गिरी और हर मौत का बड़ा आंकड़ा इन्ही जगहों का है. मौसम विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है.
क्यों और कैसे गिरती है बिजली?
बैट्री सैल देखी है न. ऊपर की तरफ पॉजिटव + का निशान बना रहता है. नीचे की तरफ नेगेटिव- का निशान. बादलों में भी ऐसे ही होता है. बादल के ऊपरी हिस्से में पॉजिटिव चार्ज रहता है. निचले हिस्से में नेगेटिव चार्ज रहता है. जब बादल के निचले हिस्से का नेगेटिव चार्ज बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, तो एनर्जी पैदा होती है. ये एनर्जी जब बादलों में जमी बूंदों में समा नहीं पाती है तो ये धरती की तरफ अपने लिए कंडक्टर तलाशती है.
ये पैदा हुई बिजली आसमान में जो बूंदे होती हैं, उनसे टकराने के बाद भी जब शांत नहीं होती हैं. तब ये हमारी पृथ्वी तलाशती की तरफ बढ़ती है. पृथ्वी में बिजली ऐसे मीडियम को तलाशती है या आकर्षित होती है, जिससे वो गुजर सके. ये बिजली अगर हमारे घरों में पहुंचाने वाले बिजली के खंभों के संपर्क में आती है तो ये उसके लिए कंडक्टर का काम करती है. बिजली आसमान से Zig Zag करते हुए आती है.
बिजली एक सेकेंड के बहुत छोटे से हिस्से के लिए ठहरती है.

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