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  • Jharkhand : Election Commission has sent a recommendation to the Governor to cancel the MLA membership of CM Hemant Soren

EC ने की सोरेन की विधायकी रद्द करने की सिफारिश? सोरेन बोले- BJP वालों ने बना दी रिपोर्ट

हेमंत सोरेन से जुड़े लाभ के पद के एक मामले में चुनाव आयोग ने झारखंड के राज्यपाल को अपनी रिपोर्ट सौंपी है.

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25 अगस्त 2022 (अपडेटेड: 25 अगस्त 2022, 05:45 PM IST)
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झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन. (फाइल फोटो)
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झारखंड (Jharkhand) के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) को बड़ा झटका लग सकता है. चुनाव आयोग ने हेमंत सोरेन पर लाभ के पद पर होने के आरोपों पर अपनी सिफारिश राज्यपाल को भेजी है. आजतक से जुड़े संजय शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों ने बताया है कि रिपोर्ट में EC की तरफ से हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की गई है. इधर हेमंत सोरेन की ऑफिस की तरफ से कहा गया है कि इस संबंध में चुनाव आयोग और राज्यपाल की तरफ से कोई जानकारी नहीं मिली है. ये भी कहा गया है कि ऐसा लगता है कि कथित रिपोर्ट बीजेपी के नेताओं ने खुद तैयार की है.

Hemant Soren पर BJP ने भेजी थी अर्जी

दरअसल, चुनाव आयोग ने झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस को एक याचिका पर अपनी राय भेजी है. बीजेपी की ओर से दायर इस याचिका में कहा गया था कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद को एक खनन पट्टा जारी किया है. ये चुनावी कानून का उल्लंघन है और इसलिए एक विधायक के तौर पर सोरेन को अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए.

झारखंड के राज्यपाल ने इस मामले पर राय लेने के लिए इसे चुनाव आयोग के पास भेजा था. चुनाव आयोग ने मामले की जांच के बाद अब बंद लिफाफे में अपनी राय राज्यपाल को भेजी है. अब संविधान के अनुच्छेद 192 के तहत, हेमंत सोरेन को अयोग्य ठहराने के मामले में अंतिम फैसला राज्यपाल को करना है.

Governor Ramesh Bais ने क्या कहा?

आजतक से जुड़े सत्यजीत कुमार की रिपोर्ट मुताबिक, झारखंड में हलचल तेज हो गई है. राज्यपाल रमेश बैस भी दिल्ली से रांची पहुंच गए हैं. रांची एयरपोर्ट पर मीडिया कर्मियों से उन्होंने कहा कि वे अभी राजभवन जाएंगे. रिपोर्ट देखेंगे, फिर बात करेंगे. राज्यपाल ने तत्काल कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया.

वहीं, हेमंत सोरेन सरकार के कुछ मंत्री और एडवोकेट जनरल भी सीएम आवास पर पहुंच गए हैं. हेमंत सोरेन की पार्टी JMM ने अपने सभी विधायकों को शाम तक रांची पहुंचने के लिए कहा है.

झारखंड सीएम दफ्तर की ओर से कहा गया है,

'मुख्यमंत्री को कई मीडिया रिपोर्ट्स से पता चला है कि चुनाव आयोग ने झारखंड के राज्यपाल को एक रिपोर्ट भेजी है, जिसमें उनके विधायक के तौर पर सदस्यता को रद्द करने की सिफारिश की गई है. CMO को इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है.'

‘BJP एजेंसियों का गलत इस्तेमाल कर रही’

इसी बीच हेमंत सोरेन ने बीजेपी पर एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया. सोरेन ने कहा,

'ऐसा लगता है कि भाजपा के एक सांसद और उनके कठपुतली पत्रकारों समेत भाजपा नेताओं ने EC की रिपोर्ट का मसौदा तैयार किया है. भाजपा मुख्यालय द्वारा संवैधानिक प्राधिकरणों और सार्वजनिक एजेंसियों का दुरुपयोग और शर्मनाक तरीके से अधिग्रहण किया गया. ऐसा भारतीय लोकतंत्र में कभी नहीं देखा गया.'

एक ट्वीट में सीएम सोरेन ने ये भी लिखा,

'संवैधानिक संस्थानों को तो खरीद लोगे, जनसमर्थन कैसे खरीद पाओगे? झारखण्ड के हमारे हजारों मेहनती पुलिसकर्मियों का यह स्नेह और यहां की जनता का समर्थन ही मेरी ताकत है. हैं तैयार हम! जय झारखण्ड!'  

उधर, बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा है कि झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन को नैतिक आधार पर मध्यावधि चुनाव की ओर बढ़ना चाहिए. उन्होंने कहा कि बीजेपी मांग करती है कि विधानसभा को भंग करके सभी 81 सीटों पर तुरंत चुनाव होने चाहिए.

क्या है मामला?

झारखंड सीएम हेमंत सोरेन पर लाभ के पद पर होने के आरोप लगे थे. दरअसल, हेमंत सोरेन पर झारखंड का सीएम रहते खनन पट्टा खुद को और अपने एक भाई को जारी करने का आरोप है. जब ये सब हुआ, तो हेमंत सोरेन के पास ही खनन मंत्रालय की जिम्मेदारी भी थी. इस मामले से जुड़ीं सस्पेंडेड IAS अधिकारी और खनन सचिव पूजा सिंघल को भी हाल ही में ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के केस में गिरफ्तार किया था. बताते हैं कि पूजा ने ही खनन के लाइसेंस जारी किए थे.

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