The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Jharkhand BJP leader Rajesh Uranv hires men to shoot himself to acquire government security cover

इस BJP नेता ने जो बेवकूफी की है वो कभी भूले से मत कीजिएगा

एक होती है चूक, एक होती है गलती. और इनसे बड़ी होती है बेवकूफी.

Advertisement
pic
16 जून 2018 (अपडेटेड: 16 जून 2018, 01:16 PM IST)
Img The Lallantop
भाजपा नेता राजेश उरांव ने जो बेवकूफी की, वो उनकी जान भी ले सकती थी. (फोटोःयूट्यूब)
Quick AI Highlights
Click here to view more
राजनीति में 'वज़न' का पता इस बात से भी चलता है कि नेताजी को कितना कवर मिला हुआ है. हम सिक्योरिटी वाले कवर की बात कर रहे हैं (दीगर कवर की बात फिर कभी).  इसीलिए नेताओं की अंग्रेज़ी वर्णमाला 'एक्स', 'वाय', 'ज़ेड' से शुरू होती है. कुछ का पेट इससे भी नहीं भरता तो वो इसमें 'प्लस' लगवा लेते हैं. एक्स्ट्रा मार्क्स फॉर गुड हैंडराइटिंग. खैर, सरकार अपने खर्च पर किसी नेता को सिक्योरिटी तब देती है, जब उनकी जान पर खतरा हो. और ये जान का खतरा साबित करने के लिए झारखंड के एक भाजपा नेता ने उस दर्जे की बेवकूफी की कि आप सोच भी नहीं सकते. अपने लिए गार्ड की चाहत में इन्होंने अपने ही ऊपर गोली चलवा ली.
क्या सोचा था?
झारखंड की राजधानी है रांची. रांची में एक कस्बा है बुंडू. यहां की नगर पंचायत के अध्यक्ष हैं भाजपा नेता राजेश उरांव. 31 मई, 2018 को राजेश नगर पंचायत कार्यालय से घर जा रहे थे. मोटरसाइकिल लेकर वो जैसे ही सुभाष चौक के पास पहुंचे, उनका पीछा कर रहे दो बदमाशों ने उनपर लगातार दो फायर किए. राजेश उरांव जान बचाकर भागे और एक घर में घुस गए. सीसीटीवी की छानबीन हुई, लेकिन हमलावर चेहरा गमछे से ढंके हुए थे. इसीलिए पहचान में नहीं आए. बस इतना मालूम चला कि वो पल्सर से आए थे. राजेश को गोली नहीं लगी थी, लेकिन उनकी जान को खतरा देखते हुए ज़िला प्रशासन ने उन्हें एक गार्ड दे दिया गया. क्योंकि राजेश ने पुलिस से कहा था कि उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी उनकी हत्या करवाना चाहते हैं. तब से एक गार्ड हमेशा उनकी सुरक्षा में तैनात रहता.
राजेश हाल ही में नगर पंचायत अध्यक्ष बने थे.
राजेश हाल ही में नगर पंचायत अध्यक्ष बने थे.

क्या निकला!
सारे शहरों की तरह रांची में भी पुलिस नियमित जांच करती रहती है. वही जांच जिसके लिए रोक दिए जाने पर हम-आप कुढ़ते रहते हैं. ऐसी ही एक जांच के लिए पुलिस ने रांची के लालपुर इलाके में दो लोगों को रुकने का इशारा किया. लेकिन ये दोनों पुलिस को देखकर भागने लगे. पुलिस को शक हुआ तो इन दोनों को घेरकर पकड़ लिया गया. तलाशी में उनके पास दो हथियार बरामद हुए. इनमें एक साइलेंसर लगा पिस्टल भी था.
पुलिस इन दोनों को धरके थाने ले आई. पूछताछ में इन्होंने जो बताया, वो सुनकर पुलिस वालों का दिमाग घूम गया. दोनों ने बताया कि उन्हें बुंडू नगर पंचायत अध्यक्ष राजेश बुंडू पर फायरिंग करने के लिए एक लाख रुपये दिए गए थे. और ये पैसे उन्हें बुंडू बस स्टैंड के ठेकेदार सूरज उरांव ने दिए थे. पुलिस अब उस ठेकेदार की गिरफ्तारी की कोशिश में लगी है. उसके बाद राजेश पर भी कार्रवाई की जाएगी.
अगर ये बात पूरी तरह सही है तो राजेश से बड़ा बेवकूफ कोई नहीं हो सकता. क्योंकि प्लानिंग चाहे जितनी पुख्ता हो, अगर गोली दाएं-बाएं हो जाती तो उनकी जान पर सही में बन आती. या किसी और को लग सकती थी. भौकाल के लिए जान दांव पर लगाना बेवकूफी ही है.
 


ये भी पढ़ेंः
झारखंड के वो गांव, जहां नरेंद्र मोदी भी कदम नहीं रख सकते
देश में नया कानून बना है: भैंस चोरी की, तो पीट-पीटकर मार डाला जाएगा!
अंग्रेजों से गुरिल्ला युद्ध लड़ने वाले आदिवासी नायक जिनकी जान कॉलरा ने ले ली
भाजपाई मुख्यमंत्री के जूते-चप्पलों से पिटने वाले विडियो की पड़ताल
कहानी वर्ल्ड रिकॉर्डधारी उस मजदूर की, जो मुख्यमंत्री बना और फिर घोटाला करके जेल चला गया
वीडियोः पारले-जी बिस्कुट के कवर पर नज़र आने वाली बच्ची कौन है और आजकल क्या कर रही है?

Advertisement

Advertisement

()