Submit your post

Follow Us

अंग्रेजों से गुरिल्ला युद्ध लड़ने वाले आदिवासी नायक जिनकी जान कॉलरा ने ले ली

18.96 K
शेयर्स

झारखंड में जिस स्वतंत्रता सेनानी को सबसे ज़्यादा याद किया जाता है, वो हैं बिरसा मुंडा. ये झारखंड के खुंती ज़िले के रहने वाले थे. मुंडा ने 19वीं शताब्दी में अंग्रेजों के खिलाफ एक गुरिल्ला युद्ध छेड़ा था. उन्हें पकड़कर रांची जेल में बंद कर दिया गया. साल 1900, महज़ 25 साल की उम्र में कॉलरा के कारण उनकी मौत हो गई. बिरसा मुंडा बिना झुके अंग्रेज़ों के खिलाफ लड़े इसलिए मुंडा को राज्य के आदिवासी बहुत मानते हैं.

मुंडा के संघर्ष की खास बातें-

1. मुंडा लोग बिरसा मुंडा को धरती का पिता यानी ‘धरती अबा’ कहते हैं.

2. मुंडा ने 28 जून, 1898 को सामाजिक बराबरी के लिए चुटिया के मंदिर का अभियान शुरू किया और एक नेता के रूप में सामने आए.

3. 1899 में क्रिसमस के वक्त 7000 आदमी और औरतें इकट्ठा हुए और क्रांति की घोषणा की. जो जल्द ही खुंती, तमार, बसिया और रांची तक फैल गई. 5 जनवरी 1900 तक सारी मुंडा जनजाति ने हथियार उठा लिए. बहुत से पुलिस वाले मार दिए गए और करीब 100 इमारतों में आग लगा दी गई. अबुआ दिसुन यानी स्वराज्य कायम हो गया.

4. इनसे लड़ने के लिए अंग्रेजों ने सेना भेजी. साथ में बिरसा को गिरफ्तार करने के लिए 500 रुपये का इनाम रखा गया. डुम्बारी पहाड़ी पर वैसा ही एक काण्ड ब्रिटिश सेना ने किया, जैसा जलियांवाला बाग के समय हुआ था. सैकड़ों लोग मारे गए. मंजर ये था कि सारी पहाड़ी पर लाशें छितराई हुई थीं. इस जनसंहार के बाद लाशों को खाई में फेंक दिया गया. बहुत से लोगों को जिन्दा जला दिया गया.

5. स्टेट्समैन ने 25 मार्च को 400 लोगों की मौत की बात लिखी थी. पर ये सारी बातें एडमिनिस्ट्रेशन ने दबा दीं. डुम्बारी पहाड़ी का नाम बदलकर ‘टॉप्प्ड बुरु’ रख दिया गया. जिसका मतलब होता है. ‘मौत का टीला.’

6. बिरसा जाम्क्रोपी के जंगल में सो रहे थे. तभी 3 मार्च, 1900 को रांची के डिप्टी कमिश्नर ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. 15 अलग-अलग केस में 460 लोगों को गिरफ्तार किया गया. 1 को मौत की सजा हुई. 39 को काला पानी. 23 को उम्रकैद.

7. जेल में ही बिरसा की 9 जून 1900 को मौत हो गई. 10 महीने तक जेल में कैद लोगों पर इतना अत्याचार किया गया कि 6 लोगों की मौत हो गई. आदिवासी नायक बिरसा मुंडा भी उनमें से एक थे.

जून, 2016 में झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास ने मुंडा की मूर्तियों को जंजीरों से आजाद करने का आदेश दिया था. झारखंड सरकार का मानना है कि जिस तरह उस वक्त बिरसा मुंडा को जंजीरों में बंधा हुआ दिखाया जाता था, उससे नौजवानों में बुरा मैसेज जाता होगा. कला और संस्कृति मंत्रालय ने यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री रघुबर दास के सामने रखा था. झारखंड के जवानों के लिए मुंडा आइडल हैं.


ये स्टोरी ‘दी लल्लनटॉप’ के लिए अविनाश जानू ने की थी.


ये भी पढ़ें:

बच्चे चुराने की अफवाह ने झारखंड में सात लोगों की जान ले ली

उधम सिंह उर्फ ‘राम मोहम्मद सिंह आजाद’: भगत सिंह का असली भगत

जहां हुई भगत सिंह को फांसी, वहां मूर्ति लगाई तो होगी पिटाई

टीपू सुल्तान की जिंदगी का एक दिन

वीडियो देखें:

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

पोस्टमॉर्टम हाउस

बाला: मूवी रिव्यू

'आज खुशी का दिन है आया बिल्कुल लल्लनटॉप. सोडा, पानी, नींबू के साथ क्या पिएंगे आप?'

फिल्म रिव्यू: सैटेलाइट शंकर

ये फिल्म एक एक्सपेरिटमेंट टाइप कोशिश है, जो सफलता और असफलता के बीच सिर्फ कोशिश बनकर रह जाती है.

अपने डबल स्टैंडर्ड पर एक बार फिर ट्रोल हो गई हैं प्रियंका चोपड़ा

लोग उन्हें उनकी पुरानी बातें याद दिला रहे हैं.

उजड़ा चमन : मूवी रिव्यू

रिव्यू पढ़कर जानिए ‘मास्टरपीस’ और ‘औसत’ के बीच का क्या अंतर होता है.

फिल्म रिव्यू: टर्मिनेटर - डार्क फेट

नया कुछ नहीं लेकिन एक्शन से पैसे वसूल हो जाएंगे.

इस एक्टर ने फिल्म देखने गई फैमिली को सिनेमाघर में हैरस किया, वो भी गलत वजह से

इतनी बद्तमीजी करने के बावजूद ये लोग थिएटर में 'भारत माता की जय' का जयकारा लगा रहे थे.

हाउसफुल 4 : मूवी रिव्यू

दिवाली की छुट्टियां. एक हिट हो चुकी फ़्रेन्चाइज़ की चौथी क़िस्त. अक्षय कुमार जैसा सुपर स्टार और कॉमेडी नाम की विधा.

फिल्म रिव्यू: मेड इन चाइना

तीन घंटे से कुछ छोटी फिल्म सेक्स और समाज से जुड़ी हर बड़ी और ज़रूरी बात आप तक पहुंचा देना चाहती है. लेकिन चाहने और होने में फर्क होता है.

सांड की आंख: मूवी रिव्यू

मूवी को देखकर लगता है कि मेकअप वाली गड़बड़ी जानबूझकर की गई है.

कबीर सिंह के तमिल रीमेक का ट्रेलर देखकर सीख लीजिए कि कॉपी कैसे की जाती है

तेलुगू से हिंदी, हिंदी से तमिल एक ही डिश बिना एक्स्ट्रा तड़के के परोसी जा रही.